केंद्रीय उद्यमों द्वारा उभरते और भविष्य के उद्योगों के विकास के लिए तीन महत्वपूर्ण पहलू
सारांश
Key Takeaways
- उभरते उद्योगों को सशक्त बनाने के लिए केंद्रीय उद्यमों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
- अग्रणी क्षेत्रों में नई ऊर्जा और एयरोस्पेस शामिल हैं।
- राज्य-स्वामित्व वाले उद्यम पारंपरिक उद्योगों के उन्नयन को बढ़ावा दे रहे हैं।
- बुद्धिमत्तापूर्ण उपयोग और हरितकरण पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
बीजिंग, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। इस वर्ष की सरकारी कार्य रिपोर्ट में चीन ने उभरते और भविष्य के उद्योगों को प्रोत्साहित करने और उन्हें सशक्त बनाने का प्रस्ताव रखा है। इस संदर्भ में केंद्रीय उद्यमों की भूमिका और उनकी भविष्य की दिशा पर 5 मार्च को आयोजित 'मंत्रियों का गलियारा' नामक साक्षात्कार कार्यक्रम में चर्चा की गई।
इस कार्यक्रम में चीनी राज्य परिषद के राज्य-स्वामित्व वाली संपत्ति के पर्यवेक्षण और प्रबंधन समिति के निदेशक झांग युज्वो ने बताया कि राज्य-स्वामित्व वाले उद्यमों के विकास के मुख्य क्षेत्रों को तीन शब्दों में परिभाषित किया जा सकता है: “अग्रणी”, “पकड़ बनाना” और “बढ़ावा देना”।
झांग युज्वो ने बताया कि 'अग्रणी' श्रेणी में नई ऊर्जा और एयरोस्पेस जैसे उद्योग शामिल हैं। उनका कहना है कि भविष्य में इन क्षेत्रों को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा ताकि वे अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में अपनी स्थिति मजबूत कर सकें और अपनी तकनीकी तथा औद्योगिक क्षमताओं को और बढ़ा सकें। पकड़ बनाने के संदर्भ में, इसमें मुख्य रूप से नए ऊर्जा वाहन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नए पदार्थ शामिल हैं। बढ़ावा देने के संदर्भ में, इसमें क्वांटम सूचना, परमाणु संलयन, और निम्न-ऊंचाई अर्थव्यवस्था जैसे उद्योग शामिल हैं।
हाल के वर्षों में, राज्य-स्वामित्व वाले उद्यम पारंपरिक उद्योगों के उन्नयन, बुद्धिमत्तापूर्ण उपयोग और हरितकरण को बढ़ावा दे रहे हैं, साथ ही उभरते उद्योगों के लिए भी तेजी से विकास कर रहे हैं।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)