चीन-फ्रांस 28वीं रणनीतिक वार्ता: वांग यी ने एक-चीन सिद्धांत और AI सहयोग पर दिया जोर
सारांश
मुख्य बातें
चीन के विदेश मंत्री वांग यी और फ्रांस के राष्ट्रपति के विदेश मामलों के सलाहकार इमैनुएल बोन के बीच 11 अक्टूबर 2026 को उत्तरी चीन के शान्शी प्रांत के ताथोंग शहर में 28वीं चीन-फ्रांस रणनीतिक वार्ता आयोजित हुई। इस उच्चस्तरीय बैठक में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों को और गहरा करने, नए क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने तथा एक-चीन सिद्धांत की पुनः पुष्टि पर विशेष बल दिया गया।
वार्ता की मुख्य बातें
वांग यी ने इस अवसर पर कहा कि चीन-फ्रांस रणनीतिक वार्ता ने दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच कूटनीतिक संवाद को आगे बढ़ाने और आपसी राजनीतिक विश्वास मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन, फ्रांस के साथ मिलकर दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी सहमतियों को जमीन पर उतारना चाहता है, जिससे चीन-यूरोपीय संघ के संबंध भी स्थिर और दीर्घकालिक बन सकें।
वांग यी ने यह भी रेखांकित किया कि इस सहयोग से विश्व शांति, स्थिरता और विकास में योगदान दिया जा सकेगा — यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव कई मोर्चों पर बने हुए हैं।
सहयोग के नए और पारंपरिक क्षेत्र
वांग यी ने विमानन, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे पारंपरिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और सुदृढ़ करने का आह्वान किया। इसके साथ ही उन्होंने उन्नत विनिर्माण, हरित एवं कम कार्बन वाले विकास और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को नए सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया।
चीनी विदेश मंत्री ने उम्मीद जताई कि फ्रांस चीनी कंपनियों के निवेश के लिए नीतिगत समर्थन और अनुकूल कारोबारी माहौल उपलब्ध कराएगा। यह माँग ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब यूरोपीय बाज़ारों में चीनी निवेश को लेकर नियामकीय सतर्कता बढ़ी है।
एक-चीन सिद्धांत और वैश्विक पहलें
वांग यी ने फ्रांस से एक-चीन सिद्धांत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखने और इसे चीन-फ्रांस संबंधों का राजनीतिक आधार मानने का आग्रह किया। उन्होंने राष्ट्रपति शी चिनफिंग की ओर से प्रस्तावित चार वैश्विक पहलों को लागू करने में फ्रांस का सहयोग माँगा, जिनका उद्देश्य अधिक न्यायसंगत और उचित वैश्विक शासन व्यवस्था का निर्माण करना है।
फ्रांस का रुख और यूरोपीय संघ का संदेश
इमैनुएल बोन ने कहा कि फ्रांस चीन के साथ आपसी सम्मान और विश्वास पर आधारित व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और आगे ले जाना चाहता है। उन्होंने एक-चीन सिद्धांत के प्रति फ्रांस की प्रतिबद्धता दोहराई और चीनी कंपनियों के लिए स्थिर और पूर्वानुमेय कारोबारी माहौल सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
गौरतलब है कि बोन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यूरोपीय संघ चीन के साथ व्यापार युद्ध नहीं चाहता और न ही चीन से आर्थिक संबंध तोड़ने का पक्षधर है। यूरोपीय संघ की यह स्थिति तब सामने आई है जब अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापार नीतियों पर मतभेद गहरे हो रहे हैं।
आगे क्या होगा
यह 28वीं वार्ता दोनों देशों के बीच नियमित कूटनीतिक संवाद की मजबूत परंपरा को दर्शाती है। वांग यी ने उम्मीद जताई कि फ्रांस, चीन और यूरोपीय संघ के बीच व्यापारिक मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाने में रचनात्मक भूमिका निभाएगा। अगले चरण में दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय और सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ाने की योजना पर काम होने की संभावना है।