वांग यी की बाकू यात्रा: अजरबैजान-चीन रणनीतिक साझेदारी और लावरोव से मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने 14 अक्टूबर 2026 को बाकू में अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम हेदर ओग्लू अलीयेव से मुलाकात की, जिसमें दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति बनी। इसी दिन वांग यी ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी बाकू में भेंट की, जिससे यह दौरा वैश्विक कूटनीतिक दृष्टि से विशेष महत्त्व रखता है।
अलीयेव-वांग यी बैठक: मुख्य बिंदु
राष्ट्रपति अलीयेव ने वांग यी से अनुरोध किया कि वे चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग को उनकी हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई पहुँचाएं। अलीयेव ने सीआईसीए शिखर सम्मेलन में विशेष प्रतिनिधि भेजने के लिए राष्ट्रपति शी का आभार भी व्यक्त किया।
अलीयेव के अनुसार, अजरबैजान और चीन के बीच उच्च स्तर का राजनीतिक आपसी विश्वास कायम है और आर्थिक सहयोग पारस्परिक रूप से लाभकारी रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी निरंतर सुदृढ़ हो रही है।
एक-चीन सिद्धांत और वैश्विक पहलों का समर्थन
अजरबैजान ने दृढ़तापूर्वक एक-चीन सिद्धांत का पालन करने की प्रतिबद्धता दोहराई। अलीयेव ने राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तावित वैश्विक पहलों की श्रृंखला का पूर्ण समर्थन व्यक्त किया और अंतरराष्ट्रीय निष्पक्षता, न्याय तथा बहुपक्षवाद को बनाए रखने के प्रति चीन की प्रतिबद्धता की सराहना की।
यह ऐसे समय में आया है जब चीन मध्य एशिया और काकेशस क्षेत्र में अपनी कूटनीतिक उपस्थिति को व्यापक रूप से विस्तार दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मामलों में दोनों देशों के बीच समन्वय एवं सहयोग को मजबूत करने पर सहमति भी बनी।
वांग यी की लावरोव से भेंट: एपेक और द्विपक्षीय संबंध
उसी दिन वांग यी ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से बाकू में अलग से मुलाकात की। वांग यी ने रूस में स्टेट ड्यूमा चुनावों के सफल आयोजन पर बधाई दी और कहा कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने इस वर्ष मई और अगस्त में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के साथ फलदायी बैठकें कीं, जिनसे नए युग के लिए चीन-रूस व्यापक रणनीतिक समन्वय साझेदारी को उच्च स्तर पर मार्गदर्शन मिला।
गौरतलब है कि अगले महीने चीन के शनचन शहर में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग संगठन (एपेक) के नेताओं की अनौपचारिक बैठक आयोजित होनी है। वांग यी ने कहा कि रूस और अन्य पक्षों के समर्थन से एपेक का 'चीन वर्ष' सफल परिणाम प्राप्त करेगा, जिससे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में विकास और सहयोग को मजबूत गति मिलेगी।
लावरोव का रुख और आगे की दिशा
विदेश मंत्री लावरोव ने कहा कि दोनों राष्ट्राध्यक्षों के रणनीतिक मार्गदर्शन में रूस और चीन ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को लगातार आगे बढ़ाया है, जिसके परिणाम दोनों देशों के मूलभूत हितों के अनुरूप रहे हैं। रूस ने एपेक नेताओं की बैठक की मेजबानी में चीन को पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया।
बाकू में हुई इन तीन उच्चस्तरीय बैठकों से स्पष्ट है कि चीन काकेशस क्षेत्र में कूटनीतिक सक्रियता बढ़ा रहा है और एपेक 2026 को सफल बनाने के लिए साझेदार देशों के साथ समन्वय तेज कर रहा है।