17 सितंबर 2026
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ईरान के विदेश मंत्री ने की शी जिनपिंग के शांति सिद्धांतों की तारीफ, होर्मुज जलडमरूमध्य पर चीन का बड़ा आग्रह

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ईरान के विदेश मंत्री ने की शी जिनपिंग के शांति सिद्धांतों की तारीफ, होर्मुज जलडमरूमध्य पर चीन का बड़ा आग्रह

सारांश

ईरान के विदेश मंत्री अराघची की बीजिंग यात्रा महज शिष्टाचार नहीं थी — यह रणनीतिक पुनर्संरेखण का संकेत है। शी जिनपिंग के शांति सिद्धांतों की खुली तारीफ और होर्मुज पर चीन का दबाव बताता है कि पश्चिम एशिया की बिसात पर बीजिंग अब सक्रिय मध्यस्थ की भूमिका में है।

मुख्य बातें

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने 17 सितंबर 2026 को बीजिंग यात्रा के दौरान शी जिनपिंग के शांति के चार सिद्धांतों को अत्यंत महत्त्वपूर्ण बताया।
अराघची ने एक्स पर पोस्ट कर चीन के साथ बातचीत को 'सफल' करार दिया और क्षेत्रीय रणनीतिक संतुलन पर जोर दिया।
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने बुधवार को बीजिंग में अराघची से मुलाकात की और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का आग्रह किया।
वांग यी ने कहा कि चीन चाहता है कि ईरान और अमेरिका आपसी चिंता के मुद्दों पर ठोस बातचीत के लिए तैयार हों।
चीन ने स्पष्ट किया कि वह क्षेत्रीय तनाव को यमन और लाल सागर तक फैलते नहीं देखना चाहता।

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अपनी बीजिंग यात्रा के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा प्रतिपादित शांति के चार सिद्धांतों को अत्यंत महत्त्वपूर्ण करार दिया। 17 सितंबर 2026 को जारी बयान में अराघची ने कहा कि इस यात्रा के दौरान हुई बातचीत न केवल सफल रही, बल्कि इससे क्षेत्रीय रणनीतिक संतुलन की नई दिशा तय होगी।

अराघची का एक्स पर बयान

अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, 'चीन में हमारे सहयोगियों के साथ सफल बातचीत हुई। ईरान उस रणनीतिक साझेदारी को अहमियत देता है जो हमने समय के साथ बनाई है।' उन्होंने आगे जोड़ा कि 'आज लिए गए फैसले इस क्षेत्र में भविष्य के रणनीतिक संतुलन को तय करेंगे और इनके दूरगामी असर होंगे।' शी जिनपिंग के शांति सिद्धांतों को उन्होंने 'बहुत अहम' बताया।

वांग यी और अराघची की बैठक

इससे पहले चीन के विदेश मंत्री एवं कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (CPC) की सेंट्रल कमेटी के पॉलिटिकल ब्यूरो सदस्य वांग यी ने बुधवार को बीजिंग में अराघची से मुलाकात की। ईरानी समाचार एजेंसी मेहर द्वारा चीनी विदेश मंत्रालय के हवाले से दी गई जानकारी के अनुसार, वांग ने कहा, 'ईरान के साथ बातचीत और सहयोग को मजबूत करने और ईरान के जायज अधिकारों और हितों की रक्षा करने को चीन तैयार है।'

होर्मुज जलडमरूमध्य और क्षेत्रीय तनाव

बैठक में वांग यी ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का स्पष्ट आग्रह किया। चीनी विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, वांग ने कहा, 'हम सभी पक्षों से आग्रह करते हैं कि वे होर्मुज स्ट्रेट को जल्द से जल्द फिर से खोलने के लिए प्रभावी कदम उठाएं।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चीन नहीं चाहता कि क्षेत्रीय तनाव यमन और लाल सागर तक फैले।

ईरान-अमेरिका वार्ता पर चीन का रुख

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव अपने चरम पर है। वांग यी ने बैठक में यह भी कहा कि चीन चाहता है कि ईरान और अमेरिका आपसी चिंता के मुद्दों पर ठोस बातचीत के लिए तैयार हों। गौरतलब है कि ईरान-चीन के बीच 25 वर्षीय रणनीतिक सहयोग समझौता पहले से लागू है, और यह यात्रा उसी साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

क्या होगा आगे

विश्लेषकों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य का खुला रहना वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है क्योंकि विश्व के कुल तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। अराघची की इस यात्रा के बाद ईरान-चीन-अमेरिका त्रिकोण में आगे की कूटनीतिक हलचल पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि चीन ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीदार है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है वह यह है कि यह कूटनीति ईरान-अमेरिका वार्ता को सुलभ बनाने का चीनी प्रयास भी है — जो बीजिंग के लिए क्षेत्रीय स्थिरता और तेल आयात दोनों के लिहाज से फायदेमंद है।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शी जिनपिंग के शांति के चार सिद्धांत क्या हैं?
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पश्चिम एशिया संघर्षों के संदर्भ में शांति के चार सिद्धांत प्रतिपादित किए हैं, जिनमें संप्रभुता का सम्मान, बातचीत से समाधान, मानवीय सहायता और स्थायी शांति की दिशा में प्रयास शामिल हैं। ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने इन्हें अपनी बीजिंग यात्रा के दौरान 'बहुत अहम' बताया।
अराघची और वांग यी की बैठक में क्या प्रमुख मुद्दे उठे?
बुधवार को बीजिंग में हुई बैठक में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने, ईरान-अमेरिका ठोस वार्ता और क्षेत्रीय तनाव को यमन व लाल सागर तक न फैलने देने पर चर्चा हुई। चीन ने ईरान के जायज अधिकारों और हितों की रक्षा का भरोसा भी दिलाया।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चीन क्यों चिंतित है?
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार का एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण मार्ग है और चीन ईरानी तेल का प्रमुख खरीदार है। इस जलमार्ग के बंद रहने से चीन की ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय स्थिरता दोनों प्रभावित होती हैं, इसलिए वांग यी ने सभी पक्षों से इसे जल्द खोलने के प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया।
ईरान-चीन रणनीतिक साझेदारी कब से है?
ईरान और चीन के बीच 25 वर्षीय रणनीतिक सहयोग समझौता पहले से लागू है, जिसके तहत दोनों देशों के बीच आर्थिक, सैन्य और कूटनीतिक सहयोग का व्यापक ढाँचा बना हुआ है। अराघची की यह यात्रा उसी साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
क्या चीन ईरान-अमेरिका वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है?
वांग यी के बयान के अनुसार चीन चाहता है कि ईरान और अमेरिका आपसी चिंता के मुद्दों पर ठोस बातचीत के लिए तैयार हों। यह संकेत देता है कि बीजिंग पश्चिम एशिया में सक्रिय कूटनीतिक मध्यस्थ की भूमिका अपनाने की कोशिश कर रहा है, हालाँकि किसी औपचारिक मध्यस्थता की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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