चीन की छमाही GDP वृद्धि 4.7%, 69.57 ट्रिलियन युआन; IMF ने भी बढ़ाया पूर्वानुमान
सारांश
मुख्य बातें
चीन की 2025 की पहली छमाही की आर्थिक प्रदर्शन रिपोर्ट जारी होते ही वैश्विक वित्तीय मीडिया में 'उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन' और 'मजबूत आर्थिक लचीलेपन' जैसे वाक्यांश छा गए। आंकड़ों के अनुसार, चीन का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) इस अवधि में 69.57 ट्रिलियन युआन तक पहुँच गया, जो स्थिर कीमतों पर पिछले वर्ष की तुलना में 4.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है — और यह प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में सर्वोच्च विकास दर है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी चीन के लिए अपना विकास पूर्वानुमान बढ़ाकर 4.6 प्रतिशत कर दिया है, जबकि वैश्विक विकास दर का अनुमान घटाकर 3 प्रतिशत कर दिया गया है।
मुख्य आर्थिक संकेतक
आर्थिक रिपोर्ट की सबसे उल्लेखनीय विशेषता स्थिरता रही। 140 ट्रिलियन युआन की विशाल अर्थव्यवस्था में 4.7 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल करना अपने आप में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वर्ष की पहली छमाही में GDP में 3.6 ट्रिलियन युआन की पूर्ण वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले पाँच वर्षों में इसी अवधि की सबसे अधिक वृद्धि है। औद्योगिक उत्पादन, रोज़गार और मूल्य स्तर आम तौर पर स्थिर रहे।
दूसरी तिमाही की मंदी: अल्पकालिक या संरचनात्मक?
दूसरी तिमाही में वृद्धि दर में मामूली गिरावट दर्ज की गई, जिसे विश्लेषक बाहरी अल्पकालिक कारकों से जोड़ते हैं। यह गिरावट प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के सामान्य समायोजन के अनुरूप रही और चीनी अर्थव्यवस्था के मूल ढाँचे को प्रभावित नहीं कर सकी। गौरतलब है कि इस वर्ष IMF ने वैश्विक विकास दर का अनुमान घटाया है, जबकि चीन के लिए पूर्वानुमान में वृद्धि की गई — यह विरोधाभास उल्लेखनीय है।
व्यापार और वैश्विक बाज़ार में चीन की भूमिका
वैश्विक व्यापार में मंदी के बावजूद, चीन के आयात और निर्यात में वार्षिक आधार पर 16.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई। पहली बार आयात 10 ट्रिलियन युआन से अधिक हो गया, जिससे चीन लगातार 17 वर्षों तक विश्व का दूसरा सबसे बड़ा आयात बाज़ार बना रहा। 63 देशों से आने वाली वस्तुओं पर शून्य शुल्क की नीति ने अस्थिर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को महत्वपूर्ण स्थिरता प्रदान की है। उपभोग प्रोत्साहन योजनाओं के बाद Accor जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने चीन में अपने विस्तार को गति दी है।
नवाचार और उच्च-तकनीकी विनिर्माण
नए विकास कारकों — जिनमें उच्च-तकनीकी विनिर्माण और डिजिटल उद्योग शामिल हैं — ने पहली छमाही की आर्थिक वृद्धि में 40 प्रतिशत से अधिक का योगदान दिया। उच्च-तकनीकी विनिर्माण की विकास दर औसत औद्योगिक स्तर से काफी अधिक रही। आलोचकों का कहना है कि चीनी नवाचार को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के रूप में देखने की बजाय, यह विश्व अर्थव्यवस्था के लिए एक अवसर के रूप में उभर रहा है।
दीर्घकालिक दृष्टिकोण और निवेशकों का रुझान
घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय चुनौतियाँ बनी रहने के बावजूद, चीनी अर्थव्यवस्था का दीर्घकालिक सकारात्मक दृष्टिकोण अपरिवर्तित बताया जा रहा है। तमाम बहुराष्ट्रीय निगम चीन को अपने प्रमुख निवेश गंतव्यों में सूचीबद्ध कर रहे हैं। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब '15वीं पंचवर्षीय योजना' की शुरुआत हो रही है और वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता का माहौल है — ऐसे में यह आँकड़े चीन की नीतिगत स्थिरता का संकेत देते हैं।