चीन की GDP में 2026 की पहली छमाही में 4.7% की वृद्धि, औद्योगिक उत्पादन में भी तेज़ी
सारांश
मुख्य बातें
चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो ने 15 जुलाई 2026 को बीजिंग में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि 2026 की पहली छमाही (जनवरी–जून) में चीन का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) स्थिर कीमतों पर पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 4.7 प्रतिशत बढ़ा। आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान चीन की कुल GDP 695.704 खरब युआन रही। चीनी राज्य परिषद के प्रेस कार्यालय के तत्वावधान में जारी इन आँकड़ों को आर्थिक लचीलेपन का संकेत बताया जा रहा है।
मुख्य आर्थिक संकेतक
ब्यूरो के अनुसार, पहली छमाही में अर्थव्यवस्था ने बाहरी दबावों के बावजूद 'उचित सीमा के भीतर' कार्य किया। उत्पादन और आपूर्ति में अपेक्षाकृत तीव्र वृद्धि दर्ज की गई, रोज़गार की स्थिति सामान्यतः स्थिर रही, कीमतों में मामूली बढ़ोतरी हुई और विदेशी व्यापार की गति संतोषजनक रही। इसके साथ ही नए विकास चालकों — जैसे उभरती प्रौद्योगिकियाँ और हरित ऊर्जा — में भी तेज़ वृद्धि दर्ज की गई।
औद्योगिक उत्पादन में सुधार
राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 में निर्धारित आकार से ऊपर के उद्योगों के मूल्यवर्धन में पिछले वर्ष की तुलना में वास्तविक रूप से 5.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जो मई के आँकड़े से 0.8 प्रतिशत अधिक है। जनवरी से जून की संचयी अवधि में यह वृद्धि 5.4 प्रतिशत रही। यह संख्या दर्शाती है कि औद्योगिक गतिविधि में साल की दूसरी तिमाही के अंत तक गति बनी रही।
आवासीय बाज़ार की मिली-जुली तस्वीर
आवास क्षेत्र में स्थिति असमान रही। जून 2026 में 70 बड़े और मध्यम आकार के शहरों के सर्वेक्षण में पाया गया कि प्रथम श्रेणी के शहरों में वाणिज्यिक आवासीय भवनों की बिक्री कीमतें मई की तुलना में बढ़ीं, जबकि द्वितीय और तृतीय श्रेणी के शहरों में कीमतें या तो गिरीं या स्थिर रहीं। हालाँकि, तीनों श्रेणियों में वार्षिक आधार पर कीमतों में गिरावट का अंतर लगातार कम हो रहा है — जिसे विश्लेषक संभावित स्थिरीकरण का संकेत मान रहे हैं। नए वाणिज्यिक आवासीय भवनों की बिक्री कीमतों में माह-दर-माह वृद्धि दर्ज करने वाले शहरों की संख्या में भी बढ़ोतरी देखी गई।
व्यापक संदर्भ और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार तनाव और कमज़ोर बाहरी माँग के बीच चीन की आर्थिक रिकवरी की गति को लेकर अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों में मतभेद बने हुए हैं। गौरतलब है कि 4.7 प्रतिशत की यह वृद्धि दर चीन सरकार के वार्षिक लक्ष्य के करीब है, लेकिन आलोचकों का कहना है कि घरेलू खपत और रियल एस्टेट क्षेत्र की कमज़ोरी अभी भी दीर्घकालिक चुनौती बनी हुई है। दूसरी छमाही में नीतिगत प्रोत्साहन उपायों की दिशा पर सभी की नज़र रहेगी।