चीन में 181 राजकीय रसद केंद्र स्थापित, 2025 में माल ढुलाई 5.5% बढ़ी
सारांश
मुख्य बातें
चीनी रसद और खरीद संयुक्त संघ ने 2026 में जारी अपनी ताज़ा रिपोर्ट में खुलासा किया है कि चीन में अब तक 181 राजकीय रसद केंद्र स्थापित हो चुके हैं और वर्ष 2025 में इन केंद्रों पर माल ढुलाई की मात्रा साल-दर-साल 5.5 प्रतिशत बढ़ी — जो देशभर के औसत माल परिवहन वृद्धि दर से 2.3 प्रतिशत से अधिक रही। यह रिपोर्ट चीन के राजकीय रसद नेटवर्क के तेज़ विस्तार और आधुनिकीकरण की स्पष्ट तस्वीर पेश करती है।
मुख्य आँकड़े और नेटवर्क विस्तार
रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 80 प्रतिशत राजकीय रसद केंद्रों के पास रेलवे स्टेशन या विशेष रेल लाइन की सुविधा उपलब्ध है, जो इन्हें मल्टी-मोडल परिवहन का अहम हिस्सा बनाती है। यह ढाँचा चीन की 'मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स' नीति के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य सड़क पर निर्भरता घटाकर रेल-आधारित माल परिवहन को बढ़ावा देना है।
स्मार्ट तकनीक का व्यापक प्रयोग
90 प्रतिशत से अधिक राजकीय रसद केंद्रों में स्मार्ट संस्थापन का व्यापक उपयोग हो रहा है। इनमें मानव रहित गेट, बुद्धिमान प्रेषण प्रणाली और स्वचालित संचालन जैसी तकनीकें शामिल हैं। आँकड़ों के अनुसार, यह डिजिटलीकरण परिचालन लागत घटाने और दक्षता बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहा है।
हरित ऊर्जा और कम कार्बन संचालन
70 प्रतिशत से अधिक रसद केंद्र नवीन ऊर्जा वाहनों से लैस हैं। इसके साथ ही, आधे से अधिक केंद्रों में हरित बिजली, हरित रसद और कम कार्बन संचालन को अपनाया जा चुका है। यह चीन के उस व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है जिसके तहत वह 2060 तक कार्बन-तटस्थता हासिल करना चाहता है।
क्या होगा आगे
गौरतलब है कि यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब चीन अपनी आपूर्ति श्रृंखला को वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं के बीच और अधिक मज़बूत करने की कोशिश कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि राजकीय रसद केंद्रों का यह नेटवर्क चीन की घरेलू खपत और निर्यात — दोनों को गति देने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।