क्रिस्टीन लेगार्ड का ECB अध्यक्ष पद से इस्तीफा, 7 फरवरी 2027 को छोड़ेंगी कार्यभार
सारांश
मुख्य बातें
यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) की अध्यक्ष क्रिस्टीन लेगार्ड ने गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को अपने पद से इस्तीफे की घोषणा की। वह 7 फरवरी 2027 को कार्यभार छोड़ेंगी — यानी अपने निर्धारित कार्यकाल की समाप्ति से करीब सात महीने पहले। उन्होंने इस निर्णय की जानकारी ECB की गवर्निंग काउंसिल और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा को दी।
इस्तीफे की घोषणा और प्रक्रिया
बैंक की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, लेगार्ड के उत्तराधिकारी की नियुक्ति यूरोपीय परिषद द्वारा यूरोपीय संघ के कामकाज पर संधि के अनुच्छेद 283 में निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जाएगी। गवर्निंग काउंसिल ने लेगार्ड के योगदान के प्रति आभार जताते हुए उन्हें खड़े होकर सम्मान दिया।
सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में लेगार्ड ने कहा, "मैं इस संस्थान को इस संतोष के साथ छोड़ रही हूँ कि मैंने अच्छा काम किया है और यूरोपीय सेंट्रल बैंक भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार है।" यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने कहा कि उत्तराधिकारी की तलाश तत्काल प्रभाव से शुरू की जाएगी।
उत्तराधिकार की दौड़ में प्रमुख दावेदार
ECB में इस समय शीर्ष नेतृत्व में कई बदलाव एक साथ होने वाले हैं। कार्यकारी बोर्ड की सदस्य इसाबेल श्नाबेल जनवरी 2027 की शुरुआत में पद छोड़ेंगी, जबकि मुख्य अर्थशास्त्री फिलिप लेन मई 2027 में विदाई लेंगे।
नीदरलैंड के पूर्व केंद्रीय बैंक गवर्नर क्लास नॉट और स्पेन के पूर्व केंद्रीय बैंक गवर्नर पाब्लो हर्नांडेज डी कोस को ECB के शीर्ष पद के लिए प्रमुख दावेदारों के रूप में देखा जा रहा है। नए अध्यक्ष की नियुक्ति अन्य शीर्ष पदों पर होने वाले बदलावों के साथ ही किए जाने की संभावना है।
लेगार्ड का करियर और योगदान
70 वर्षीय लेगार्ड फ्रांस की पूर्व वित्त मंत्री रह चुकी हैं और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का नेतृत्व भी कर चुकी हैं। उनके ECB अध्यक्ष के कार्यकाल में बैंक ने कोविड महामारी के बाद की असाधारण मौद्रिक नीतियों से लेकर यूरोजोन में उच्च मुद्रास्फीति से निपटने तक की चुनौतियाँ संभाली।
गौरतलब है कि ECB जैसे प्रभावशाली वैश्विक वित्तीय संस्थान के शीर्ष पर इतने बड़े नेतृत्व परिवर्तन ऐसे समय में हो रहे हैं जब यूरोजोन की अर्थव्यवस्था भूराजनीतिक अनिश्चितताओं और अमेरिकी व्यापार नीतियों के दबाव से गुजर रही है।
फ्रांसीसी राजनीति से संभावित जुड़ाव
लेगार्ड का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब उनके गृह देश फ्रांस में चुनाव होने वाले हैं। हालाँकि उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह फ्रांस के राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार नहीं बनेंगी, उन्होंने यह ज़रूर कहा था कि वह फ्रांस में यूरोपीय समर्थक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए सबसे प्रभावी भूमिका निभाएंगी।
कुछ पर्यवेक्षकों का मानना है कि इस्तीफे के पीछे फ्रांसीसी राजनीति में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने की इच्छा हो सकती है, जो ECB अध्यक्ष पद पर रहते हुए संभव नहीं होती। ECB के नए नेतृत्व पर यूरोजोन की मौद्रिक नीति की दिशा तय करने की बड़ी ज़िम्मेदारी होगी।