सिटीग्रुप अध्यक्ष का दावा: चीनी अर्थव्यवस्था में लचीलापन, 2026 का विकास लक्ष्य संभव
सारांश
Key Takeaways
- चीनी अर्थव्यवस्था में लचीलापन है।
- 2026 का विकास लक्ष्य हासिल करने योग्य है।
- सिटीग्रुप चीन में निवेश बढ़ाने को लेकर आशावादी है।
- चीनी कंपनियाँ वैश्विक स्तर पर विस्तार कर रही हैं।
- चीन में बहुराष्ट्रीय कंपनियों की रुचि बढ़ रही है।
बीजिंग, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव के बावजूद, चीन ने अपने विकास की स्थिरता को बनाए रखा है। अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध बहुराष्ट्रीय वित्तीय होल्डिंग समूह सिटीग्रुप के नॉर्थ एशिया अध्यक्ष मार्क लुएट ने हाल ही में चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि चीनी अर्थव्यवस्था में अद्वितीय लचीलापन है और इसकी संभावनाओं पर विश्वास किया जा सकता है।
उन्होंने उल्लेख किया कि वर्ष 2026 के लिए 4.5 प्रतिशत से 5 प्रतिशत का आर्थिक विकास लक्ष्य तर्कसंगत और व्यावहारिक है।
मार्क लुएट के अनुसार, चीनी अर्थव्यवस्था ने न केवल बाहरी अनिश्चितताओं का सामना किया है, बल्कि यह निरंतर परिवर्तन और उन्नति के माध्यम से नई गति भी प्राप्त कर रही है। उन्होंने बताया कि चीन की “15वीं पंचवर्षीय योजना” (2026–2030) नीतिगत स्थिरता, तकनीकी नवाचार, उपभोग को बढ़ावा देने और लोगों के जीवन स्तर को सुधारने पर जोर देती है, जो अधिक संतुलित विकास की दिशा में संकेत करती है।
उन्होंने कहा, “अगर हम अतीत में देखें, तो पंचवर्षीय योजनाओं के लक्ष्यों को लागू करने में चीन का प्रदर्शन सराहनीय रहा है।” उनके अनुसार, भविष्य में भी चीनी अर्थव्यवस्था इसी रूपरेखा के अनुसार आगे बढ़ेगी। उन्होंने यह भी बताया कि तकनीकी उद्यमों के तेजी से विदेशी विस्तार के कारण चीन की कंपनियाँ विदेशों में उत्पादन केंद्र, अनुसंधान एवं विकास केंद्र और डेटा केंद्र स्थापित कर रही हैं, जिससे सिटीग्रुप के लिए नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।
एक अंतरराष्ट्रीय बैंक के रूप में, सिटीबैंक ने 2025 तक वैश्विक स्तर पर चीनी ग्राहकों को लगभग 40 अरब अमेरिकी डॉलर का वित्तपोषण प्रदान किया है। मार्क लुएट ने कहा कि सिटीबैंक वैश्विक ट्रेजरी प्रबंधन, विदेशी मुद्रा हेजिंग, सीमा-पार वित्तपोषण और विलय एवं अधिग्रहण परामर्श जैसी सेवाओं के माध्यम से चीनी कंपनियों के वैश्वीकरण को और मजबूत कर रहा है।
चीन में सिटीग्रुप की रणनीति पर चर्चा करते हुए मार्क लुएट ने कहा कि एशिया में सिटीबैंक का सबसे बड़ा बाजार चीन है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में यहां निवेश में कमी के बजाय वृद्धि हुई है। अब अधिक बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ चीन को केवल एक बड़े बिक्री बाजार के रूप में नहीं, बल्कि वैश्विक अनुसंधान एवं विकास और उच्च स्तरीय विनिर्माण के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में देख रही हैं। इसी कारण सिटीग्रुप चीन में व्यावसायिक संभावनाओं को लेकर काफी आशावादी है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)