सीएमजी और लाओस की चार प्रमुख संस्थाओं के बीच सहयोग समझौते, शी चिनफिंग की मौजूदगी में हस्ताक्षर
सारांश
मुख्य बातें
चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) और लाओस की चार प्रमुख संस्थाओं के बीच 6 जून 2025 को बीजिंग में सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। यह समारोह चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और लाओस की जन क्रांतिकारी पार्टी की केंद्रीय समिति के महासचिव एवं राष्ट्रपति थोंग्लून सिसोलिथ की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इन समझौतों का उद्देश्य मीडिया, संस्कृति, शिक्षा और खेल के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा देना है।
मुख्य घटनाक्रम
सीपीसी केंद्रीय समिति के प्रचार विभाग के उप मंत्री तथा सीएमजी के महानिदेशक शन हाईश्योंग ने लाओस की जन क्रांतिकारी पार्टी की केंद्रीय समिति के अंतर्राष्ट्रीय विभाग के प्रमुख बौनलेउआ पंदाणुवोंग के साथ एक सहयोग ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इसके अतिरिक्त, सीएमजी ने लाओ संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय, लाओ शिक्षा और खेल मंत्रालय तथा लाओ राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के साथ भी अलग-अलग सहयोग दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए।
समझौतों में क्या शामिल है
हस्ताक्षरित दस्तावेजों के अनुसार, सीएमजी और लाओस की संबंधित एजेंसियाँ कार्यक्रम निर्माण, फिल्म और टेलीविजन आदान-प्रदान, संयुक्त कार्यक्रमों के आयोजन तथा कार्मिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग को आगे बढ़ाएंगी। इन समझौतों का दीर्घकालिक लक्ष्य नए युग में सर्व-मौसम चीन-लाओस साझा भविष्य समुदाय के निर्माण में योगदान देना बताया गया है।
संबंधित संस्थाओं की भूमिका
लाओस की जन क्रांतिकारी पार्टी का प्रचार विभाग पार्टी के वैचारिक निर्माण, सैद्धांतिक अनुसंधान, प्रचार-प्रसार, शिक्षा तथा समाचार संचार के कार्यों के लिए उत्तरदायी है। लाओ संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय देश के सांस्कृतिक और पर्यटन क्षेत्रों के विकास को बढ़ावा देता है, जबकि लाओ शिक्षा और खेल मंत्रालय शिक्षा और खेल क्षेत्रों की देखरेख करता है।
लाओ राष्ट्रीय विश्वविद्यालय को लाओस का सबसे बड़ा और व्यापक राष्ट्रीय विश्वविद्यालय माना जाता है, और इस समझौते के तहत उच्च शिक्षा के क्षेत्र में चीन-लाओस शैक्षणिक सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है।
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब चीन और लाओस के बीच द्विपक्षीय संबंध पहले से ही घनिष्ठ हैं — दोनों देशों के बीच चीन-लाओस रेलवे परियोजना इस साझेदारी का प्रमुख प्रतीक रही है। गौरतलब है कि मीडिया और सांस्कृतिक सहयोग के ये समझौते चीन की व्यापक 'सॉफ्ट पावर' रणनीति का हिस्सा माने जाते हैं, जिसके तहत दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ संपर्क बढ़ाया जा रहा है।
आगे की राह
इन समझौतों के क्रियान्वयन से दोनों देशों के बीच मीडिया कर्मियों के प्रशिक्षण, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के संयुक्त प्रसारण और शैक्षणिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों को व्यावहारिक रूप मिलने की संभावना है। विश्लेषकों के अनुसार, ये समझौते चीन-लाओस संबंधों को केवल आर्थिक धरातल से आगे ले जाकर वैचारिक और सांस्कृतिक स्तर पर भी मजबूत करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम हैं।