शी चिनफिंग और थोंग्लून सिसोलिथ की पेइचिंग में वार्ता, चार सूत्री एजेंडे पर बनी सहमति
सारांश
मुख्य बातें
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 5 जून 2026 की दोपहर पेइचिंग स्थित जन बृहद भवन में लाओस के राष्ट्रपति थोंग्लून सिसोलिथ के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। यह बैठक दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 65वीं वर्षगांठ और 'चीन-लाओस मैत्री वर्ष' के अवसर पर आयोजित की गई। थोंग्लून की यह यात्रा लाओ जन क्रांतिकारी पार्टी के महासचिव और राष्ट्रपति पद पर पुनः निर्वाचित होने के बाद उनकी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा है।
शी चिनफिंग का चार सूत्री दृष्टिकोण
राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने द्विपक्षीय संबंधों को 'उच्च मानकों, उच्च गुणवत्ता और उच्च स्तर' तक ले जाने के लिए चार प्रमुख दृष्टिकोण प्रस्तुत किए। पहला — दोनों पक्ष मिलकर समाजवादी व्यवस्था और कम्युनिस्ट पार्टी की सत्ताधारी स्थिति की रक्षा करें तथा नई पंचवर्षीय सहयोग योजना को प्रभावी ढंग से लागू करें। दूसरा — चीन-लाओस रेलवे के परिवहन गलियारे का लाभ उठाते हुए चीन-लाओस आर्थिक गलियारे में सहयोग को और मजबूत किया जाए।
तीसरा दृष्टिकोण 'चीन-लाओस मैत्री वर्ष' का लाभ उठाते हुए संस्कृति, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय स्तर पर सहयोग बढ़ाने से जुड़ा है। चौथा — अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मंचों पर समन्वय मजबूत करते हुए वैश्विक दक्षिण के साझा हितों की रक्षा के लिए बहुपक्षीय सहयोग को गति दी जाए।
आर्थिक और तकनीकी सहयोग पर जोर
शी ने कहा कि चीन कृषि और बिजली जैसे पारंपरिक क्षेत्रों में सहयोग को बनाए रखते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे उभरते क्षेत्रों में भी लाओस के साथ सहयोग का विस्तार करना चाहता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चीन अपनी क्षमता के अनुसार लाओस को सहायता प्रदान करना जारी रखेगा। गौरतलब है कि चीन-लाओस रेलवे पहले से ही दोनों देशों के बीच व्यापार और पर्यटन को गति दे रही है।
थोंग्लून सिसोलिथ की प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति थोंग्लून सिसोलिथ ने लाओस के विकास में चीन के योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लाओस-चीन संबंध अपने इतिहास के सर्वश्रेष्ठ दौर में हैं। थोंग्लून ने एक-चीन सिद्धांत के प्रति लाओस की प्रतिबद्धता दोहराई और शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तुत वैश्विक पहलों का समर्थन किया। उन्होंने रक्षा, कानून प्रवर्तन, व्यापार, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल अर्थव्यवस्था, आधुनिक कृषि और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में सहयोग गहरा करने की इच्छा जताई।
समझौतों पर हस्ताक्षर और स्वागत समारोह
वार्ता के उपरांत दोनों पक्षों ने अंतर-दलीय संबंधों, जनकल्याण, वित्त, सीमा शुल्क, व्यापार, युवा आदान-प्रदान और मीडिया सहयोग से संबंधित कई द्विपक्षीय दस्तावेजों पर हस्ताक्षर होते संयुक्त रूप से देखे। इससे पहले शी चिनफिंग और उनकी पत्नी फंग लीयुआन ने जन बृहद भवन के पूर्वी द्वार चौक पर थोंग्लून सिसोलिथ और उनकी पत्नी नाली सिसोलिथ के लिए औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित किया। उसी शाम गोल्डन हॉल में स्वागत भोज का भी आयोजन किया गया।
आगे की राह
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दक्षिण-पूर्व एशिया में चीन की कूटनीतिक सक्रियता तेज हुई है और बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के तहत बुनियादी ढाँचे के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। दोनों देशों के बीच नई पंचवर्षीय सहयोग योजना के क्रियान्वयन की दिशा में यह वार्ता एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।