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मरुस्थलीकरण पर कॉप-17 सम्मेलन उलानबातर में शुरू, भूमि पुनर्स्थापन पर होगा मंथन

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मरुस्थलीकरण पर कॉप-17 सम्मेलन उलानबातर में शुरू, भूमि पुनर्स्थापन पर होगा मंथन

सारांश

मंगोलिया के उलानबातर में शुरू हुआ कॉप-17 सम्मेलन महज एक पर्यावरण बैठक नहीं — यह उस वैश्विक इच्छाशक्ति की परीक्षा है जो 2030 के सतत विकास लक्ष्यों की समयसीमा से पहले भूमि क्षरण को पलटने का दावा करती है। भूमि पुनर्स्थापन, सूखा राहत और घास के मैदान संरक्षण पर दो सप्ताह का मंथन तय करेगा कि बहुपक्षवाद अभी भी काम करता है या नहीं।

मुख्य बातें

संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण रोकथाम संधि (UNCCD) का 17वां सम्मेलन (कॉप-17) मंगोलिया की राजधानी उलानबातर में शुरू हुआ।
सम्मेलन का विषय: 'भूमि का पुनर्स्थापन, आशा की नई किरण' ; अवधि दो सप्ताह ।
एजेंडे में भूमि क्षरण पुनर्स्थापन , सतत भूमि प्रबंधन , सूखा प्रतिरोधक क्षमता और घास के मैदान संरक्षण शामिल।
UNCCD कार्यकारी सचिव यास्मीन फौद ने कहा कि भूमि क्षरण अब दूर की पर्यावरणीय समस्या नहीं — यह खाद्य और आर्थिक स्थिरता का मुद्दा है।
चीन ने अंतर्राष्ट्रीय घास के मैदान दिवस स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है।
सम्मेलन के निर्णय संयुक्त राष्ट्र के 2030 सतत विकास एजेंडा के क्रियान्वयन से सीधे जुड़े हैं।

संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण रोकथाम संधि (UNCCD) के पक्षकारों का 17वां सम्मेलन (कॉप-17) 18 अगस्त 2026 को मंगोलिया की राजधानी उलानबातर में औपचारिक रूप से आरंभ हुआ। दो सप्ताह तक चलने वाले इस वैश्विक मंच का केंद्रीय विषय है — 'भूमि का पुनर्स्थापन, आशा की नई किरण'। यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया के बड़े हिस्से में भूमि क्षरण, सूखा और घास के मैदानों का विनाश एक गंभीर संकट का रूप ले चुका है।

सम्मेलन का एजेंडा और मुख्य विषय

कॉप-17 में भूमि क्षरण का पुनर्स्थापन, सतत भूमि प्रबंधन, सूखा प्रतिरोधक क्षमता निर्माण और घास के मैदानों के संरक्षण एवं पुनर्स्थापन जैसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा। विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं और सरकारी प्रतिनिधियों के बीच व्यावहारिक समाधान तलाशने पर जोर दिया जाएगा।

UNCCD कार्यकारी सचिव का संदेश

UNCCD सचिवालय की कार्यकारी सचिव यास्मीन फौद ने कहा कि भूमि क्षरण और सूखा अब केवल दूरदराज की पर्यावरणीय चुनौतियाँ नहीं रहीं — ये खाद्य सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और सामाजिक संतुलन को सीधे प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने कहा, 'स्वस्थ भूमि एक स्वस्थ खाद्य प्रणाली, एक लचीली अर्थव्यवस्था और एक स्थिर समाज की नींव है; इसलिए, कॉप-17 को इसके कार्यान्वयन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि जब बहुपक्षवाद स्वयं चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब यह सम्मेलन यह साबित करने का अवसर है कि देश मिलकर लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए काम कर सकते हैं।

चीन की भागीदारी और प्रस्ताव

चीन सरकार का प्रतिनिधिमंडल इस सम्मेलन में वित्त पोषण, सूखा राहत और घास के मैदानों पर आयोजित उच्च स्तरीय संवादों में सक्रिय भूमिका निभाएगा। चीन ने अंतर्राष्ट्रीय घास के मैदान दिवस की स्थापना का प्रस्ताव रखा है, जिसे अंतर्राष्ट्रीय घास के मैदान और चरवाहा वर्ष के दीर्घकालिक परिणामों से जोड़ा जाएगा। इस पहल से घास के मैदानों के संरक्षण में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है।

2030 सतत विकास एजेंडा से जुड़ाव

कॉप-17 के निर्णय सीधे संयुक्त राष्ट्र के 2030 सतत विकास एजेंडा के क्रियान्वयन से जुड़े हैं। भूमि पुनर्स्थापन के लक्ष्य — विशेष रूप से SDG-15 (भूमि पर जीवन) — की समयसीमा नज़दीक आने के साथ, इस सम्मेलन में लिए गए फैसले वैश्विक पर्यावरण नीति की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। गौरतलब है कि वैश्विक स्तर पर हर वर्ष लाखों हेक्टेयर उपजाऊ भूमि मरुस्थलीकरण की भेंट चढ़ रही है, जो अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के करोड़ों लोगों की आजीविका को खतरे में डाल रही है। आने वाले दो सप्ताहों में उलानबातर से जो संकल्प उभरेंगे, वे इस संकट से निपटने की वैश्विक इच्छाशक्ति की असली परीक्षा होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ 'दज़ुड' (अत्यधिक ठंड और सूखे की युगपत मार) हर कुछ वर्षों में लाखों पशुधन को नष्ट कर देती है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सम्मेलन संकल्पों से आगे बढ़कर बाध्यकारी वित्तीय प्रतिबद्धताएँ तय कर पाएगा। पिछले कॉप सत्रों में भूमि पुनर्स्थापन के लक्ष्य घोषित तो हुए, पर विकासशील देशों को पर्याप्त वित्त पोषण नहीं मिला। चीन का घास के मैदान दिवस का प्रस्ताव सहयोग की भावना दिखाता है, किंतु आलोचकों का कहना है कि प्रतीकात्मक दिवसों से ज़मीन पर बदलाव नहीं आता — उसके लिए ठोस धन और जवाबदेही चाहिए।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

UNCCD कॉप-17 सम्मेलन क्या है और यह कहाँ हो रहा है?
UNCCD कॉप-17 संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण रोकथाम संधि के पक्षकारों का 17वां सम्मेलन है, जो मंगोलिया की राजधानी उलानबातर में आयोजित हो रहा है। यह दो सप्ताह तक चलेगा और इसका केंद्रीय विषय भूमि पुनर्स्थापन है।
कॉप-17 में किन मुद्दों पर चर्चा होगी?
सम्मेलन में भूमि क्षरण का पुनर्स्थापन, सतत भूमि प्रबंधन, सूखा प्रतिरोधक क्षमता निर्माण और घास के मैदानों के संरक्षण पर विचार-विमर्श होगा। वित्त पोषण और सूखा राहत पर उच्च स्तरीय संवाद भी आयोजित किए जाएंगे।
UNCCD कार्यकारी सचिव यास्मीन फौद ने क्या कहा?
यास्मीन फौद ने कहा कि भूमि क्षरण और सूखा अब दूरदराज की पर्यावरणीय समस्याएँ नहीं रहीं, बल्कि ये खाद्य प्रणाली और अर्थव्यवस्था की बुनियाद को प्रभावित करती हैं। उन्होंने कॉप-17 को बहुपक्षीय सहयोग की व्यावहारिक क्षमता सिद्ध करने का अवसर बताया।
चीन ने इस सम्मेलन में क्या प्रस्ताव रखा है?
चीन ने अंतर्राष्ट्रीय घास के मैदान दिवस की स्थापना का प्रस्ताव रखा है, जो अंतर्राष्ट्रीय घास के मैदान और चरवाहा वर्ष के दीर्घकालिक परिणामों का हिस्सा होगा। इससे घास के मैदानों के संरक्षण में वैश्विक सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कॉप-17 के फैसले 2030 सतत विकास एजेंडा से कैसे जुड़े हैं?
कॉप-17 में लिए गए निर्णय संयुक्त राष्ट्र के 2030 सतत विकास लक्ष्यों — विशेष रूप से SDG-15 (भूमि पर जीवन) — के क्रियान्वयन को सीधे प्रभावित करेंगे। 2030 की समयसीमा नज़दीक आने के साथ, यह सम्मेलन भूमि पुनर्स्थापन की वैश्विक प्रगति का महत्वपूर्ण पड़ाव है।
राष्ट्र प्रेस
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