दक्षिण कोरिया: दिवंगत राष्ट्रपति रोह ताए-वू की पत्नी के घर छापा, ₹262.8 अरब वॉन के स्लश फंड मामले की जांच तेज
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया के दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति रोह ताए-वू की पत्नी किम ओक-सुक के पश्चिमी सोल स्थित आवास पर 21 अगस्त 2026 को अभियोजकों ने तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की। यह कदम परिवार द्वारा कथित तौर पर छिपाए गए गुप्त धन (स्लश फंड) से जुड़े मामले की जांच के तहत उठाया गया है, जिसमें कर चोरी और आपराधिक संपत्ति छिपाने के कानून के उल्लंघन का संदेह है।
मुख्य घटनाक्रम
कानूनी सूत्रों के अनुसार, जांचकर्ताओं ने किम ओक-सुक के आवास पर दस्तावेज़ और साक्ष्य जब्त किए। इस मामले में नागरिक संगठनों ने किम के अलावा उनकी बेटी रोह सो-यॉन्ग और बेटे रोह जे-हॉन के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई थी। उल्लेखनीय है कि रोह जे-हॉन इस समय चीन में दक्षिण कोरिया के राजदूत के पद पर कार्यरत हैं।
स्लश फंड विवाद की पृष्ठभूमि
कथित गुप्त धन का यह मामला तब सार्वजनिक रूप से उभरा जब रोह सो-यॉन्ग और एसके ग्रुप के चेयरमैन चेय ताए-वोन के बीच तलाक और संपत्ति बंटवारे को लेकर कानूनी विवाद चल रहा था। रोह सो-यॉन्ग ने अदालत में दावा किया था कि उनके पिता रोह ताए-वू ने चेय ताए-वोन के पिता को 30 अरब वॉन (करीब 2.17 करोड़ डॉलर) दिए थे, और यह राशि एसके ग्रुप के विकास में सहायक रही।
दक्षिण कोरिया के सर्वोच्च न्यायालय ने अक्टूबर में दोनों के तलाक की पुष्टि की, परंतु यह तय नहीं किया कि कथित स्लश फंड वास्तव में अस्तित्व में था या नहीं। संपत्ति बंटवारे को लेकर दोनों पक्षों के बीच कानूनी लड़ाई अभी भी जारी है।
रोह ताए-वू की विरासत और पुराना घोटाला
रोह ताए-वू 1988 से 1993 तक दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति रहे थे। राष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद 1997 में उन्हें एक बड़े स्लश फंड घोटाले में दोषी ठहराया गया था और 262.8 अरब वॉन की जब्ती की सजा सुनाई गई थी। अधिकारियों ने रोह और उनके परिवार से करीब 240 अरब वॉन की राशि बरामद की थी, जबकि शेष करीब 23 अरब वॉन का भुगतान 2013 में उनके रिश्तेदारों — जिनमें उनके भाई और पूर्व ससुराल पक्ष के सदस्य शामिल थे — ने किया था। रोह ताए-वू का निधन 2021 में हो गया था।
आम जनता और राजनीतिक असर
यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण कोरिया में राजनीतिक जवाबदेही को लेकर सार्वजनिक बहस तेज है। गौरतलब है कि यह मामला न केवल एक दिवंगत राष्ट्रपति के परिवार तक सीमित है, बल्कि देश के सबसे बड़े कॉर्पोरेट समूहों में से एक एसके ग्रुप के साथ उसके कथित वित्तीय संबंधों को भी उजागर करता है।
आगे क्या होगा
जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और अभियोजकों की ओर से आगे की कार्रवाई की संभावना बनी हुई है। संपत्ति बंटवारे का मुकदमा और कथित स्लश फंड की जांच दोनों समानांतर रूप से चल रही हैं, जिससे रोह परिवार पर कानूनी दबाव और बढ़ सकता है।