बिश्केक में SCO बैठक: डिप्टी NSA पवन कपूर ने ईरान और किर्गिस्तान के सुरक्षा अधिकारियों से की द्विपक्षीय वार्ता
सारांश
मुख्य बातें
भारत के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पवन कपूर ने 13-14 मई 2026 को बिश्केक, किर्गिस्तान में आयोजित शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) सुरक्षा परिषद सचिवों की 21वीं बैठक के दौरान कई देशों के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक में भारत की क्षेत्रीय सुरक्षा कूटनीति को नई दिशा मिली।
ईरानी समकक्ष से मुलाकात
डिप्टी NSA पवन कपूर ने 13 मई 2026 को ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) में अंतरराष्ट्रीय मामलों के डिप्टी अली बाघेरी कानी से मुलाकात की। दोनों अधिकारियों के बीच द्विपक्षीय और क्षेत्रीय विकास पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
बिश्केक स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया, 'डिप्टी NSA पवन कपूर ने 13 मई 2026 को बिश्केक में SCO बैठक के दौरान अपने ईरानी समकक्ष, SNSC में अंतरराष्ट्रीय मामलों के डिप्टी अली बाघेरी कानी से मुलाकात की। बातचीत द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर केंद्रित थी।'
किर्गिस्तान के साथ साझेदारी को बल
कपूर ने किर्गिस्तान की सुरक्षा परिषद के सचिव आदिलेट ओरोजबेकोव के साथ भी वार्ता की, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय साझेदारी को और गहरा करना था। बिश्केक पहुँचने पर सुरक्षा परिषद के पहले किर्गिज उपसचिव मेलिस सत्यबाल्डीव और किर्गिस्तान में भारत के राजदूत बीरेंद्र सिंह यादव ने उनका स्वागत किया।
ऑपरेशन सिंदूर का संदेश और भारत का रुख
गौरतलब है कि पिछले महीने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी बिश्केक में SCO रक्षा मंत्रियों की बैठक को संबोधित किया था। उन्होंने आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक और दृढ़ कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया था।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने SCO बैठक में कहा था, 'ऑपरेशन सिंदूर ने भारत के इस पक्के इरादे को दिखाया कि आतंकवाद के केंद्र अब उचित दंड से नहीं बच सकते।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि राज्य-प्रायोजित सीमा-पार आतंकवाद देशों की संप्रभुता को कमज़ोर करता है और इसके विरुद्ध किसी दोहरे मापदंड की कोई गुंजाइश नहीं है।
सिंह ने SCO सदस्य देशों से आग्रह किया कि संगठन को आतंकी गतिविधियों का समर्थन करने, पनाह देने या सहायता करने वालों के खिलाफ कड़े कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा, 'बिना किसी छूट के आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ से निपटकर, हम क्षेत्रीय सुरक्षा को एक चुनौती से शांति और खुशहाली की नींव में बदल रहे हैं।'
SCO मंच पर भारत की बढ़ती सक्रियता
यह ऐसे समय में आया है जब भारत SCO के भीतर अपनी कूटनीतिक उपस्थिति को लगातार मजबूत कर रहा है। डिप्टी NSA स्तर की यह बहुपक्षीय भागीदारी दर्शाती है कि भारत क्षेत्रीय सुरक्षा ढाँचे में सक्रिय भूमिका निभाने के प्रति प्रतिबद्ध है। आने वाले महीनों में SCO के अन्य मंचों पर भी भारत की सहभागिता जारी रहने की संभावना है।