दूसरा विश्व कालजयी अध्ययन सम्मेलन 9-10 जून को एथेंस में, चीन-ग्रीस की संयुक्त मेज़बानी
सारांश
मुख्य बातें
चीनी सामाजिक विज्ञान अकादमी ने 1 जून 2026 को बीजिंग में आयोजित एक मीडिया ब्रीफिंग में घोषणा की कि 'प्राचीन और आधुनिक संवाद: कालजयी ज्ञान का आधुनिक महत्व' विषय पर दूसरा विश्व कालजयी अध्ययन सम्मेलन 9 से 10 जून 2026 तक ग्रीस के एथेंस में आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन प्राचीन सभ्यताओं के ज्ञान को समकालीन वैश्विक चुनौतियों से जोड़ने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
आयोजक संस्थाएँ और संरचना
इस सम्मेलन का संयुक्त आयोजन चीनी सामाजिक विज्ञान अकादमी, चीनी शिक्षा मंत्रालय, चीनी संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय, ग्रीक संस्कृति मंत्रालय तथा एथेंस विज्ञान अकादमी द्वारा किया जाएगा। पाँच प्रमुख संस्थाओं की इस साझेदारी को चीन-ग्रीस के बीच बढ़ते शैक्षणिक और सांस्कृतिक सहयोग का प्रतीक माना जा रहा है।
मुख्य विषय और चर्चा सत्र
उद्घाटन सत्र, पूर्ण अधिवेशन और समापन समारोह के अतिरिक्त सम्मेलन में चार समानांतर विषयों पर विशेष चर्चा होगी — नैतिकता एवं शिक्षा, मित्रता एवं समुदाय, शांति एवं व्यवस्था, तथा प्रौद्योगिकी एवं सभ्यता। ये विषय प्राचीन दार्शनिक परंपराओं और आधुनिक वैश्विक समस्याओं के बीच सेतु बनाने का प्रयास करते हैं।
साझा घोषणा और नए कार्यक्रम का शुभारंभ
सम्मेलन के दौरान 'कालजयी ज्ञान से मानवता के पथ को रोशन करना' शीर्षक से एक साझा घोषणा जारी की जाएगी। इसके साथ ही, 'चीनी कालजयी सभ्यता अनुसंधान संस्थान वैश्विक विद्वान शोध एवं अध्ययन कार्यक्रम' का भी औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। गौरतलब है कि यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं को चीनी शास्त्रीय अध्ययन से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल है।
प्रदर्शनी और पुरातात्विक भ्रमण
सम्मेलन में आयोजित प्रदर्शनी में प्राचीन और आधुनिक कालजयी पुस्तकें, अनुसंधान दस्तावेज़, पारंपरिक चीनी चिकित्सा ग्रंथ, प्रौद्योगिकी पुरातत्व तथा सांस्कृतिक विरासत संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ प्रदर्शित की जाएंगी। सम्मेलन के उपरांत प्रतिनिधिमंडल को चीन-ग्रीस संयुक्त पुरातात्विक स्थल एंजेलोकास्त्रो का भ्रमण भी कराया जाएगा, जो दोनों देशों के पुरातात्विक सहयोग की मिसाल है।
यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब वैश्विक स्तर पर प्राचीन सभ्यताओं के ज्ञान को समसामयिक कूटनीति और सांस्कृतिक संवाद का आधार बनाने की प्रवृत्ति बढ़ रही है।