एथेंस में शास्त्रीय अध्ययन की दूसरी विश्व कांग्रेस शुरू, 200 से अधिक विशेषज्ञ शामिल
सारांश
मुख्य बातें
ग्रीस की राजधानी एथेंस में 9 जून 2026 को दो दिवसीय शास्त्रीय अध्ययन की दूसरी विश्व कांग्रेस का उद्घाटन हुआ। इस वर्ष का केंद्रीय विषय रहा — 'प्राचीन और आधुनिक काल के बीच संवाद: शास्त्रीय ज्ञान का आधुनिक प्रकटीकरण'। इस आयोजन में चीन और ग्रीस के सरकारी विभागों के अधिकारियों, विश्वभर के शास्त्रीय अध्ययन विशेषज्ञों, एथेंस में तैनात राजदूतों और मीडिया प्रतिनिधियों सहित 200 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
मुख्य घटनाक्रम
यह कांग्रेस उस श्रृंखला की दूसरी कड़ी है जिसकी पहली बैठक नवंबर 2024 में बीजिंग (पेइचिंग) में आयोजित हुई थी। प्रतिभागियों ने बताया कि पहली कांग्रेस के निष्कर्षों को लागू करने के लिए चीन और ग्रीस ने मिलकर काम किया है, जिसके परिणामस्वरूप शास्त्रीय अध्ययन में संवाद और आदान-प्रदान का एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क स्थापित हुआ है।
शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका
चीनी शास्त्रीय सभ्यता अकादमी सहित अनेक शैक्षणिक संस्थानों ने शास्त्रीय अध्ययन के विकास को गति देने में सक्रिय भूमिका निभाई है। इन संस्थानों ने सभ्यताओं के बीच पारस्परिक शिक्षा और ज्ञान-साझाकरण को बढ़ावा देने के लिए अपनी क्षमताओं का उपयोग किया है।
विशेषज्ञों का मत
कांग्रेस में भाग लेने वाले विद्वानों का मानना था कि शास्त्रीय सभ्यता में गहन मानवतावादी विरासत और अद्वितीय ज्ञान निहित है, जो निरंतर मानव विकास के लिए आध्यात्मिक पोषण प्रदान करता है। उनके अनुसार, शास्त्रीय अध्ययन को गहन बनाना और अंतर-कालिक संवाद को बढ़ावा देना — सभ्यतागत विविधता की रक्षा के लिए आवश्यक है।
आगे की राह
विशेषज्ञों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि शास्त्रीय ज्ञान को वर्तमान संदर्भ में प्रासंगिक बनाना समय की माँग है। यह आयोजन इस बात का संकेत है कि चीन और ग्रीस — दो प्राचीन सभ्यताओं के प्रतिनिधि देश — शास्त्रीय विरासत को वैश्विक मंच पर पुनर्स्थापित करने की दिशा में संयुक्त प्रयास जारी रखेंगे।