भारतीय शिल्प को वैश्विक पहचान दिलाने में PM मोदी की भूमिका अतुलनीय: एफडीसीआई चेयरमैन सुनील सेठी
सारांश
मुख्य बातें
फैशन डिजाइन काउंसिल ऑफ इंडिया (एफडीसीआई) के चेयरमैन सुनील सेठी ने 22 अगस्त को नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारतीय फैशन और हस्तशिल्प को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो नई पहचान मिली है, उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का योगदान निर्णायक रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी द्वारा विदेशी गणमान्य व्यक्तियों को भारतीय क्राफ्ट और टेक्सटाइल आधारित उपहार देने की परंपरा ने दुनिया भर में भारतीय कला की साख बढ़ाई है।
मोदी की पहल ने दिलाई भारतीय शिल्प को नई उड़ान
सेठी ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए कहा, 'जिस तरह से प्रधानमंत्री मोदी ने इसे आगे बढ़ाया है वो मिसाल है। वो जो तोहफे किसी भी गणमान्य व्यक्ति को भेंट करते हैं वो भारतीय क्राफ्ट और टेक्सटाइल पर आधारित होते हैं। ऐसी जिसकी तारीफ पूरी दुनिया करती है इसलिए मुझे बहुत खुशी होती है जब वो ऐसा करते हैं।' यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय फैशन उद्योग अंतरराष्ट्रीय रनवे पर अपनी उपस्थिति तेज़ी से दर्ज करा रहा है।
भारतीय डिज़ाइनरों पर गर्व का इज़हार
कार्यक्रम में सेठी ने अपने परिधान की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा, 'आज मैंने जो 'ओडिशा इक्कत' पहना है, उसे एक भारतीय फैशन डिजाइनर ने सिला है। मैंने जो टाई पहनी है, उसे भी एक भारतीय फैशन डिजाइनर ने बनाया है। मेरी शर्ट भी एक भारतीय फैशन डिजाइनर ने बनाई है जो आज यहां मौजूद हैं। हम जो पहन रहे हैं, उस पर हमें गर्व है क्योंकि हम भारतीय हैं।' गौरतलब है कि ओडिशा इक्कत भारत की सबसे पुरानी बुनाई परंपराओं में से एक है, जिसे हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय फैशन जगत में नई स्वीकृति मिली है।
खादी की वैश्विक यात्रा: भूटान से न्यूजीलैंड तक
सेठी ने बताया कि एफडीसीआई ने खादी को वैश्विक मंच पर स्थापित करने के लिए कई देशों में फैशन शो आयोजित किए हैं। उन्होंने कहा, 'हमने खादी को ग्लोबल बनाने की कोशिश की है। हम इसे भूटान ले गए, जहां राजा और रानी ने इसकी तारीफ की। हम इसे मास्को फैशन वीक में भी ले गए। फ्रांस के लोगों ने हमारी खादी का इस्तेमाल किया और हमारे साथ एक शो किया।' उन्होंने यह भी बताया कि तीन दिन पहले चार भारतीय डिज़ाइनरों ने न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में एक शो किया, जिसे भरपूर सराहना मिली और हॉल खचाखच भरा रहा।
न्यूजीलैंड के PM का पत्र और अंतरराष्ट्रीय सराहना
सेठी ने बताया कि न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने उन्हें व्यक्तिगत पत्र लिखकर ऑकलैंड शो में खादी की प्रस्तुति की सराहना की। यह पत्र इस बात का प्रमाण है कि भारतीय हस्तशिल्प और वस्त्र परंपरा अब केवल घरेलू उत्सवों तक सीमित नहीं रही, बल्कि राजनयिक स्तर पर भी उसे पहचान मिल रही है।
प्रो. एंड्रयू रामरूप की पुस्तक 'बिस्पोकन' का विमोचन
इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रो. एंड्रयू एम. रामरूप की जीवनी पर आधारित पुस्तक 'बिस्पोकन' का विमोचन था। प्रो. रामरूप सैविले रो में बिस्पोक टेलरिंग के क्षेत्र में विश्वस्तरीय ख्याति प्राप्त हैं और भारतीय मूल के हैं। सेठी ने उन्हें सम्मान देते हुए कहा, 'वे सचमुच सैविले रो में बिस्पोक टेलरिंग के भगवान माने जाते हैं।' कार्यक्रम में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह भी उपस्थित रहे। प्रो. रामरूप का जीवन भारत, त्रिनिदाद, टोबैगो और इंग्लैंड से होकर गुज़रा है, और उनकी उपलब्धियाँ भारतीय प्रतिभा की वैश्विक स्वीकृति का प्रतीक हैं।
भारतीय फैशन और शिल्प की यह वैश्विक यात्रा आगे भी जारी रहने की उम्मीद है, क्योंकि एफडीसीआई जैसे संगठन देश के बुनकरों, कारीगरों और डिज़ाइनरों को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।