फ्रांस ने अमेरिका के 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' से किया इनकार, होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए ईरान-अमेरिका समन्वय की अपील
सारांश
मैक्रों ने येरेवन में साफ कहा — फ्रांस 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' में नहीं। होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए यूरोप बल-प्रयोग नहीं, बल्कि ईरान-अमेरिका समन्वय चाहता है। यह यूरोप की रणनीतिक स्वायत्तता की ओर बढ़ते कदम का संकेत है।
मुख्य बातें
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 4 मई 2026 को 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' में शामिल होने से इनकार किया।
येरेवन, आर्मेनिया में यूरोपीय पॉलिटिकल कम्युनिटी की 8वीं बैठक में यह बयान दिया गया।
मैक्रों ने ऑपरेशन को "अस्पष्ट फ्रेमवर्क" बताया; कहा — "हम ऐसी किसी चीज में हिस्सा नहीं लेंगे जो साफ नहीं है।" फ्रांस ईरान और अमेरिका के बीच समन्वित बातचीत से होर्मुज खोलने के पक्ष में है।
28 फरवरी से क्षेत्र में तनाव बढ़ा है; अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जवाबी हमले हो चुके हैं।
मैक्रों ने लेबनान में सीजफायर का सम्मान करने और सभी पक्षों से वादे निभाने की अपील की।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार, 4 मई को स्पष्ट कर दिया कि फ्रांस अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' में शामिल नहीं होगा — यह वह अभियान है जिसे ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट से नौवहन फिर से शुरू कराने के लिए शुरू किया था। मैक्रों ने इस ऑपरेशन को "अस्पष्ट फ्रेमवर्क" बताते हुए कहा कि यूरोप अपनी सुरक्षा नीति स्वयं तय कर रहा है और ईरान तथा अमेरिका के बीच समन्वित बातचीत के जरिए स्ट्रेट को फिर से खोलने का समर्थन करता है।
येरेवन समिट में मैक्रों का बड़ा बयान
आर्मेनिया की राजधानी येरेवन में सोमवार से शुरू हुई यूरोपीय पॉलिटिकल कम्युनिटी (EPC) की 8वीं बैठक में बोलते हुए मैक्रों ने कहा,
संपादकीय दृष्टिकोण
लेकिन उस ऑपरेशन में शामिल नहीं होना चाहता जो यही काम करने का दावा करता है — यह दिखाता है कि यूरोप के लिए 'कैसे' उतना ही महत्वपूर्ण है जितना 'क्या'। बिना स्पष्ट कानूनी ढाँचे और ईरान की सहमति के किसी भी बल-आधारित नौवहन ऑपरेशन के दीर्घकालिक परिणाम और भी जटिल हो सकते हैं।
RashtraPress
13 मई 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
फ्रांस ने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' में शामिल होने से क्यों मना किया?
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने इसे 'अस्पष्ट फ्रेमवर्क' बताया और कहा कि फ्रांस किसी ऐसे बल-आधारित ऑपरेशन में हिस्सा नहीं लेगा जो स्पष्ट नहीं है। फ्रांस होर्मुज स्ट्रेट खोलने के पक्ष में है, लेकिन इसके लिए ईरान और अमेरिका के बीच समन्वित कूटनीतिक प्रयास को ही एकमात्र टिकाऊ समाधान मानता है।
'प्रोजेक्ट फ्रीडम' क्या है?
'प्रोजेक्ट फ्रीडम' अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुरू किया गया एक अभियान है, जिसका उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट में नौवहन फिर से शुरू कराना है। यह स्ट्रेट वैश्विक तेल व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण जलमार्ग है जो ईरान-अमेरिका तनाव के कारण प्रभावित हुई है।
होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव कब से बढ़ा?
28 फरवरी से इस क्षेत्र में तनाव बढ़ा, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले शुरू किए। इसके जवाब में ईरान ने भी इजरायली ठिकानों और खाड़ी में अमेरिकी एयरबेस व संपत्ति पर जवाबी हमले किए।
यूरोपीय पॉलिटिकल कम्युनिटी की 8वीं बैठक कहाँ हुई?
यह बैठक आर्मेनिया की राजधानी येरेवन में सोमवार, 4 मई से शुरू हुई। इसी मंच पर मैक्रों ने यूरोप की स्वतंत्र सुरक्षा नीति और होर्मुज स्ट्रेट पर अपना रुख स्पष्ट किया।
फ्रांस होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए क्या चाहता है?
फ्रांस चाहता है कि ईरान और अमेरिका मिलकर समन्वित तरीके से होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलें, ताकि बिना किसी रोक और बिना टोल के स्वतंत्र नौवहन सुनिश्चित हो सके। मैक्रों के अनुसार यही एकमात्र टिकाऊ और दीर्घकालिक समाधान है।