होर्मुज स्ट्रेट संकट: मैक्रों ने ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान से की बात, तत्काल नाकेबंदी हटाने का आग्रह

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होर्मुज स्ट्रेट संकट: मैक्रों ने ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान से की बात, तत्काल नाकेबंदी हटाने का आग्रह

सारांश

होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी पर फ्रांस ने कूटनीतिक मोर्चा खोल दिया है। राष्ट्रपति मैक्रों ने ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान से बात कर बिना शर्त नाकेबंदी हटाने का आग्रह किया और फ्रांस-ब्रिटेन के बहुराष्ट्रीय नौसेना मिशन का प्रस्ताव रखा — यह ऐसे समय में जब अमेरिका-ईरान समझौते की खबरें गरम हैं।

मुख्य बातें

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 7 मई 2026 को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से फोन पर बात की।
मैक्रों ने सभी पक्षों से होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी बिना देरी और बिना शर्त हटाने का आह्वान किया।
फ्रांस-ब्रिटेन के संयुक्त बहुराष्ट्रीय नौसेना मिशन और एयरक्राफ्ट कैरियर 'चार्ल्स डी गॉल' की तैनाती का प्रस्ताव रखा गया।
'एक्सियोस' की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका और ईरान परमाणु संवर्धन रोक व प्रतिबंध हटाने पर समझौते के करीब हैं।
ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच 8 अप्रैल को युद्धविराम हुआ था; 11-12 अप्रैल को पाकिस्तान में शांति वार्ता हुई लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 7 मई 2026 को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से टेलीफोन पर बातचीत के बाद सभी पक्षों से होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी को बिना किसी देरी और बिना किसी शर्त के हटाने का आह्वान किया है। यह कूटनीतिक पहल ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए एक संभावित समझौते की रिपोर्टें सामने आ रही हैं।

मैक्रों ने क्या कहा

राष्ट्रपति मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "मैंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से बात की है। मैंने बढ़ते तनाव पर अपनी गहरी चिंता जाहिर की और यूएई के नागरिक बुनियादी ढाँचे व कई जहाजों पर किए गए अनुचित हमलों की निंदा की।" उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी पक्षों को स्ट्रेट से बिना देरी और बिना किसी शर्त के हटना होगा तथा संघर्ष से पहले जैसी नौवहन की पूर्ण स्वतंत्रता स्थायी रूप से बहाल करनी होगी।

बहुराष्ट्रीय नौसेना मिशन का प्रस्ताव

मैक्रों ने अपनी पोस्ट में कहा कि फ्रांस और ब्रिटेन का बनाया बहुराष्ट्रीय मिशन जहाज मालिकों और बीमा कंपनियों के बीच भरोसा वापस लाने में मदद कर सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि "यह मिशन स्वाभाविक रूप से युद्ध में शामिल पक्षों से अलग होगा।" फ्रांसीसी एयरक्राफ्ट कैरियर 'चार्ल्स डी गॉल' की आगे तैनाती को इस मिशन के संदर्भ में उपयुक्त बताया गया। गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट से वैश्विक तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है, इसलिए इसकी नाकेबंदी का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाज़ारों पर सीधे पड़ता है।

ट्रंप से भी बातचीत की तैयारी

राष्ट्रपति मैक्रों ने यह भी संकेत दिया कि वे इस मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी बातचीत करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि स्ट्रेट में शांति की बहाली परमाणु कार्यक्रम, बैलिस्टिक मुद्दों और क्षेत्रीय स्थिति पर चल रही वार्ताओं को आगे बढ़ाने में मदद करेगी। साथ ही उन्होंने रेखांकित किया कि प्रतिबंध हटाने में जिन यूरोपीय देशों की महत्वपूर्ण भूमिका है, वे इस प्रक्रिया में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।

अमेरिका-ईरान समझौते की पृष्ठभूमि

यह वार्ता ऐसे समय में हुई जब 'एक्सियोस' की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका और ईरान एक संभावित समझौते के करीब पहुँच चुके हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि इस संभावित समझौते में ईरान परमाणु संवर्धन पर रोक लगाने के लिए सहमत हो सकता है, जबकि अमेरिका प्रतिबंध हटाने पर राजी हो सकता है। इसके अलावा दोनों पक्ष होर्मुज स्ट्रेट आवाजाही पर लगी पाबंदियाँ भी हटाएंगे।

संघर्ष और वार्ता का क्रम

बता दें कि ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच 8 अप्रैल को युद्धविराम हुआ था। इससे पहले 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद 40 दिनों तक संघर्ष चला था। युद्धविराम के बाद ईरान और अमेरिका ने 11 और 12 अप्रैल को पाकिस्तान में शांति वार्ता का एक दौर आयोजित किया, लेकिन कोई ठोस समझौता नहीं हो सका। पिछले कुछ हफ्तों में दोनों पक्षों ने कई प्रस्तावों का आदान-प्रदान किया है और नए प्रस्ताव पर फिलहाल ईरान विचार कर रहा है। यह देखना अहम होगा कि मैक्रों की यह कूटनीतिक पहल क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में कितना प्रभाव डाल पाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो यह बताता है कि फ्रांस इस संकट में केवल बयानबाज़ी तक सीमित नहीं रहना चाहता। असली सवाल यह है कि क्या ईरान, जो अभी भी अमेरिकी प्रस्ताव पर विचार कर रहा है, किसी यूरोपीय दबाव को वार्ता में लाभकारी मानेगा या इसे हस्तक्षेप समझेगा। होर्मुज पर नियंत्रण ईरान के लिए सबसे बड़ा सौदेबाज़ी का हथियार है — और उसे बिना किसी ठोस बदले के छोड़ना तेहरान के लिए आसान नहीं होगा।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी क्या है और यह क्यों अहम है?
होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाला एक संकरा समुद्री मार्ग है, जिससे वैश्विक तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इसकी नाकेबंदी से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति और शिपिंग पर सीधा असर पड़ता है।
मैक्रों ने ईरानी राष्ट्रपति से बात क्यों की?
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने 7 मई 2026 को ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान से बात कर होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी तत्काल और बिना शर्त हटाने का आग्रह किया। उन्होंने यूएई के नागरिक बुनियादी ढाँचे और जहाजों पर हमलों की भी निंदा की।
फ्रांस-ब्रिटेन का बहुराष्ट्रीय नौसेना मिशन क्या होगा?
मैक्रों के अनुसार यह मिशन जहाज मालिकों और बीमा कंपनियों के बीच भरोसा बहाल करने के लिए बनाया जाएगा और यह युद्ध में शामिल पक्षों से अलग रहेगा। फ्रांसीसी एयरक्राफ्ट कैरियर 'चार्ल्स डी गॉल' की इस मिशन में तैनाती का प्रस्ताव है।
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते में क्या शामिल है?
'एक्सियोस' की रिपोर्ट के अनुसार संभावित समझौते में ईरान परमाणु संवर्धन पर रोक लगा सकता है, अमेरिका प्रतिबंध हटा सकता है और दोनों पक्ष होर्मुज स्ट्रेट से पाबंदियाँ हटाएंगे। यह समझौता अभी अंतिम रूप नहीं ले पाया है।
ईरान-अमेरिका युद्धविराम कब हुआ और वार्ता की स्थिति क्या है?
ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच 8 अप्रैल को युद्धविराम हुआ था, जिससे पहले 28 फरवरी से 40 दिनों तक संघर्ष चला था। 11-12 अप्रैल को पाकिस्तान में शांति वार्ता हुई लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका; नए प्रस्ताव पर ईरान अभी विचार कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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