'फ्रीडम एज' 2026: अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया का त्रिपक्षीय सैन्य अभ्यास, ट्रंप की कटौती के बावजूद तैयारी जारी
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी प्रशांत कमान (USPACOM) ने 27 अगस्त 2026 को पुष्टि की कि अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया इस वर्ष संयुक्त त्रिपक्षीय सैन्य अभ्यास 'फ्रीडम एज' आयोजित करने की तैयारी में हैं। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिका-दक्षिण कोरिया के प्रमुख द्विपक्षीय अभ्यास 'उल्ची फ्रीडम शील्ड' (UFS) का आकार और अवधि पहले ही काफी घटाई जा चुकी है।
अभ्यास की पुष्टि और उद्देश्य
USPACOM की प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कमांडर क्लो मॉर्गन ने बताया कि अमेरिकी कमान, जापान सेल्फ-डिफेंस फोर्सेज और दक्षिण कोरियाई सशस्त्र बलों के साथ घनिष्ठ समन्वय में 2026 के फ्रीडम एज अभ्यास की तैयारी कर रही है। उन्होंने इसे एक प्रमुख बहु-क्षेत्रीय सैन्य कवायद बताया, जिसका उद्देश्य तीनों देशों के बीच साझा मूल्यों और सैन्य अंतर-संचालन क्षमता को सुदृढ़ करना तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता सुनिश्चित करना है।
हालाँकि, USPACOM ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस वर्ष का अभ्यास पिछले संस्करणों के समान बड़े पैमाने पर होगा या नहीं। फ्रीडम एज इससे पहले जून 2024, नवंबर 2024 और सितंबर 2025 में आयोजित किया जा चुका है। पूर्ववर्ती अभ्यास दक्षिण कोरिया के जेजू द्वीप के आसपास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में संपन्न हुए थे।
ट्रंप की सैन्य कटौती और UFS पर असर
राष्ट्रपति ट्रंप ने संयुक्त सैन्य अभ्यासों को सीमित करने का आग्रह करते हुए कहा था कि इस तरह के अभ्यास उत्तर कोरिया को 'शत्रुतापूर्ण' संदेश दे सकते हैं। इसी के मद्देनज़र 17 से 27 अगस्त के बीच निर्धारित 'उल्ची फ्रीडम शील्ड' अभ्यास को लगभग आधा कर दिया गया और कुछ फील्ड ट्रेनिंग गतिविधियों में भी कटौती की गई। यह रुख ऐसे समय में आया है जब ट्रंप ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के साथ फिर से वार्ता की इच्छा व्यक्त की है।
गौरतलब है कि इसके बावजूद फ्रीडम एज की तैयारी यह संकेत देती है कि अमेरिका-दक्षिण कोरिया-जापान की त्रिपक्षीय सुरक्षा साझेदारी पर ट्रंप की द्विपक्षीय कटौती का सीधा असर नहीं पड़ा है।
कैंप डेविड समझौते की विरासत
फ्रीडम एज को अगस्त 2023 में कैंप डेविड शिखर सम्मेलन के दौरान तीनों देशों के नेताओं द्वारा सुरक्षा सहयोग को संस्थागत रूप देने के निर्णयों का प्रत्यक्ष परिणाम माना जाता है। यह अभ्यास उस बहुपक्षीय ढाँचे की रीढ़ है जो हिंद-प्रशांत में साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार किया गया था।
उत्तर कोरिया की प्रतिक्रिया
उत्तर कोरिया इन सैन्य अभ्यासों का लगातार विरोध करता रहा है। प्योंगयांग अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त अभ्यासों को संभावित आक्रमण की तैयारी बताता है, जबकि तीनों देश इन्हें रक्षात्मक और क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करने वाला अभ्यास करार देते हैं। पिछले वर्ष उत्तर कोरिया ने फ्रीडम एज को 'आक्रामक युद्धाभ्यास' बताते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी।
आगे क्या
फ्रीडम एज 2026 का आयोजन ऐसे नाजुक कूटनीतिक दौर में हो रहा है जब अमेरिका एक ओर उत्तर कोरिया के साथ संवाद की संभावना तलाश रहा है और दूसरी ओर दक्षिण कोरिया तथा जापान के साथ अपनी सुरक्षा साझेदारी को बनाए रखना चाहता है। अभ्यास का पैमाना और तारीखें अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुई हैं, जो इस संतुलन की जटिलता को दर्शाता है।