जी-7 शिखर सम्मेलन: लूला-मैक्रों मुलाकात में PROSUB समुद्री कार्यक्रम और रक्षा सहयोग पर सहमति
सारांश
मुख्य बातें
एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने 15 जून 2026 को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से द्विपक्षीय बैठक की। इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने रक्षा सहयोग, समुद्री विकास कार्यक्रम और सीमा-पार सहयोग पर विस्तृत चर्चा की।
मुख्य घटनाक्रम
राष्ट्रपति लूला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, 'एवियन में जी-7 समिट में हिस्सा लेने के निमंत्रण के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का बहुत-बहुत धन्यवाद। ब्राजील बातचीत के लिए इस जरूरी जगह पर ग्लोबल साउथ की आवाज लेकर वापस आ रहा है और शांति, बहुपक्षवाद की रक्षा, सतत विकास और अधिक न्याय वाली दुनिया बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को फिर से सुनिश्चित कर रहा है।'
गौरतलब है कि एवियन का लूला के लिए ऐतिहासिक महत्व है — उन्होंने 2003 में पहली बार इसी शहर में जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लिया था। इस बार की बैठक उस पुराने रिश्ते को नई ऊर्जा देने का अवसर बनी।
PROSUB और रक्षा सहयोग
द्विपक्षीय वार्ता में समुद्री विकास कार्यक्रम (PROSUB) में हुई प्रगति को दोनों पक्षों ने सराहा। यह कार्यक्रम ब्राजील की नौसैनिक क्षमता विस्तार का अहम हिस्सा है और फ्रांस इसमें एक प्रमुख भागीदार रहा है। इसके अलावा अमापा और फ्रेंच गुयाना के बीच सीमा-पार सहयोग को और मजबूत करने पर भी सहमति बनी।
डिजिटल संप्रभुता और UNITAID
राष्ट्रपति मैक्रों ने ब्राजील की डिजिटल संप्रभुता के समर्थन में सुपर कंप्यूटर खरीद की प्रक्रिया में फ्रांस की भागीदारी में रुचि दोहराई। यह तकनीकी सहयोग का एक नया आयाम है जो दोनों देशों के संबंधों को रणनीतिक गहराई देता है।
लूला ने इस अवसर पर UNITAID की 20वीं वर्षगांठ का भी उल्लेख किया — एक ऐसा संगठन जिसे उन्होंने और तत्कालीन फ्रांसीसी राष्ट्रपति जैक्स शिराक ने 2006 में संयुक्त रूप से स्थापित किया था। इस संगठन का उद्देश्य ग्लोबल साउथ के देशों में दवाओं तक पहुँच बढ़ाना और वैश्विक स्वास्थ्य असमानताओं से लड़ना है।
जी-7 में आमंत्रित अन्य देश
इस बार जी-7 में मूल सदस्यों के अतिरिक्त कई देशों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। इनमें भारत (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी), केन्या (राष्ट्रपति विलियम रूटो), दक्षिण कोरिया (राष्ट्रपति यून सुक येओल), यूक्रेन (राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की), संयुक्त अरब अमीरात (राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान), कतर (अमीर तमीम बिन हमद अल थानी) और मिस्र (राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी) शामिल हैं।
आगे की राह
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब ग्लोबल साउथ की आवाज़ को वैश्विक मंचों पर अधिक प्रतिनिधित्व दिलाने की माँग तेज हो रही है। लूला की उपस्थिति और उनकी सक्रिय भागीदारी यह संकेत देती है कि ब्राजील बहुपक्षीय कूटनीति में अपनी भूमिका को और विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है।