जर्मन चांसलर मर्ज के बयान पर ईरान का पलटवार, बाघेई ने 'द ब्रोकन जग' के जज एडम से की तुलना
सारांश
मुख्य बातें
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के हालिया बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उनकी तुलना ऐतिहासिक जर्मन नाटक 'द ब्रोकन जग' के पात्र जज एडम से की — जो अपनी गलतियाँ छिपाकर दूसरों को न्याय का पाठ पढ़ाता है। बाघेई ने एक्स पर यह पोस्ट उस वक्त की जब मर्ज ने ईरान से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने और खाड़ी देशों को धमकी बंद करने की माँग की थी।
बाघेई का एक्स पर सीधा हमला
बाघेई ने अपनी पोस्ट में कहा कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान के सुरक्षित परमाणु ठिकानों पर खुले हमले किए, लेकिन पश्चिमी देशों ने उसकी निंदा नहीं की। उन्होंने लिखा, 'अब एक कथित फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन के बाद वही देश अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला दे रहे हैं, जबकि यूएई ने भी आधिकारिक तौर पर ईरान को जिम्मेदार नहीं ठहराया।' बाघेई ने 'द ब्रोकन जग' नाटक की एक तस्वीर भी पोस्ट के साथ साझा की।
मर्ज के बयान से शुरू हुआ विवाद
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने हाल ही में ईरान से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बिना किसी प्रतिबंध के खुला रखने की माँग की थी। साथ ही उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात पर कथित ईरानी हमलों की आलोचना करते हुए खाड़ी देशों को धमकी देना बंद करने का आह्वान किया था। इस बयान ने तेहरान को नाराज कर दिया।
मर्ज और ट्रंप के बीच पहले से तनाव
गौरतलब है कि इससे पहले चांसलर मर्ज ने ईरान के साथ शांति वार्ता में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रणनीति पर भी सवाल उठाए थे और ईरान के सामने अमेरिका के 'अपमानित' होने की बात कही थी। इस बयान के बाद वाशिंगटन और बर्लिन के बीच तनाव बढ़ गया था, और अमेरिका ने जर्मनी से अपने सैनिक वापस बुलाने का ऐलान भी किया था।
ईरान की मूल आपत्ति
ईरानी प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि यदि परमाणु ठिकानों पर हमला खतरनाक माना जाता है, तो यह नियम सभी देशों पर समान रूप से लागू होना चाहिए — केवल पश्चिमी हितों के अनुसार नहीं। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में तनाव पहले से चरम पर है और ईरान-पश्चिम संबंध कई मोर्चों पर दबाव में हैं।
आगे क्या
इस कूटनीतिक विवाद के बाद ईरान-जर्मनी संबंधों में नई खटास आने की आशंका है। विश्लेषकों के अनुसार, बाघेई की यह प्रतिक्रिया केवल मर्ज पर नहीं, बल्कि समूचे पश्चिमी खेमे की दोहरे मानदंड वाली नीति पर ईरान का सुचिंतित जवाब है।