आईडीएफ ने उत्तरी गाजा में 14 किमी लंबी हमास सुरंगें नष्ट कीं, 70 लड़ाके भी ढेर
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने सोमवार, 27 अप्रैल को बताया कि उसने उत्तरी गाजा पट्टी में हमास के भूमिगत नेटवर्क के तहत निर्मित 14 किलोमीटर लंबी सुरंगों को नष्ट कर दिया है। इन सुरंगों के भीतर सोने के कमरे और बड़ी मात्रा में हथियार भी बरामद हुए हैं।
मुख्य अभियान का विवरण
डिवीजन 252 के तहत नॉर्दर्न ब्रिगेड की सेनाएं और विशेष यहालाम यूनिट पिछले कई महीनों से एक लक्षित अभियान में सक्रिय हैं, जिसका उद्देश्य हमास के भूमिगत ढाँचे को पूरी तरह नष्ट करना है। यह ऑपरेशन विशेष रूप से उत्तरी गाजा और येलो लाइन के पूर्व में स्थित बेत हनून इलाके में संचालित किया जा रहा है।
आईडीएफ के अनुसार, इन सुरंगों के अंदर न केवल हथियार मिले, बल्कि लड़ाकों के ठहरने के लिए बने कमरे भी पाए गए। सेना ने बताया कि वह अभी भी इस इलाके को पूरी तरह साफ करने के मिशन में लगी हुई है।
लड़ाकों को मार गिराया
आईडीएफ के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों के दौरान नॉर्दर्न ब्रिगेड की सेनाओं ने करीब 70 लड़ाकों को मार गिराया है। सेना के अनुसार, इन लड़ाकों ने सीजफायर समझौते का उल्लंघन किया था और वे सैनिकों के लिए तत्काल खतरा बने हुए थे। यह ऐसे समय में आया है जब गाजा में संघर्ष विराम को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव लगातार बना हुआ है।
होम फ्रंट पर नई नीति
आईडीएफ ने अपनी डिफेंस पॉलिसी भी अपडेट की है। होम फ्रंट कमांड के हालात के आकलन के बाद यह तय किया गया कि कॉन्फ्रंटेशन लाइन वाले इलाकों और मेरोन, बार योखाई, ओर हागानुज और सफसुफा जैसी बस्तियों में एक साथ अधिकतम 1,500 लोगों के इकट्ठा होने की सीमा लागू की जाएगी।
लेबनान में हिजबुल्लाह पर हमले
आईडीएफ ने यह भी बताया कि उसने लेबनान में हिजबुल्लाह के कई सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। इनमें बिंट जबील इलाके में स्थित संगठन का मुख्यालय और कई अन्य सैन्य इमारतें शामिल हैं। हमलों के बाद वहाँ सेकेंडरी विस्फोट भी देखे गए, जिससे पुष्टि होती है कि इन ठिकानों पर हथियार मौजूद थे।
इजरायली सेना ने अपने आधिकारिक 'एक्स' अकाउंट पर लिखा कि उसने लेबनान के बेका क्षेत्र और दक्षिण लेबनान के कई इलाकों में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए हैं। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आईडीएफ को लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर और तेज हमले करने का आदेश दिया था।
इस पूरे घटनाक्रम से स्पष्ट है कि इजरायल एक साथ गाजा और लेबनान दोनों मोर्चों पर अपनी सैन्य कार्रवाई को तेज कर रहा है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और गहरा होने की आशंका है।