खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मरवत में गश्त दल पर हमला, एक पुलिसकर्मी शहीद; सर्च ऑपरेशन जारी
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के लक्की मरवत जिले के सईदखेल इलाके में 9 अगस्त 2026 को हथियारबंद हमलावरों ने गश्त पर निकले पुलिसकर्मियों पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। जिला पुलिस अधिकारी के प्रवक्ता कुदरतुल्लाह खान ने बताया कि हमला सईदखेल कब्रिस्तान के निकट उस समय हुआ जब पुलिसकर्मी नियमित गश्त पर थे।
मुख्य घटनाक्रम
प्रवक्ता के अनुसार, हमलावरों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। मृत पुलिसकर्मी के शव और घायल साथी को तत्काल नज़दीकी अस्पताल पहुँचाया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की एक बड़ी टीम मौके पर पहुँची और हमलावरों की तलाश में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया, जो रिपोर्ट लिखे जाने तक जारी था।
हाल के हफ्तों में बढ़ते हमले
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पाकिस्तान में सुरक्षा बलों पर हमलों की आवृत्ति चिंताजनक रूप से बढ़ रही है। इसी सप्ताह कराची में जमाली ब्रिज के पास ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मियों पर हथियारबंद लोगों ने हमला किया था, जिसमें एक कांस्टेबल गंभीर रूप से घायल हुआ और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई, जबकि उसका साथी बाल-बाल बच गया।
इससे पहले 2 अगस्त को खैबर पख्तूनख्वा के स्वात जिले के कबाल पुलिस स्टेशन में एक आत्मघाती बम विस्फोट में सात पुलिसकर्मियों समेत 17 लोगों की मौत हो गई थी और 13 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। स्वात के पुलिस अधिकारी उमर खान ने बताया कि आत्मघाती हमलावर को प्रवेश द्वार पर रोकने की कोशिश की गई, तो उसने खुद को विस्फोट से उड़ा लिया। विस्फोट उस समय हुआ जब कबाल चौक में एक सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा थे।
सीमावर्ती प्रांतों में सुरक्षा संकट
खासतौर पर बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा जैसे सीमावर्ती प्रांत इन हमलों का केंद्र बने हुए हैं। सुरक्षा विश्लेषकों के अनुसार, इन क्षेत्रों में सशस्त्र समूहों की सक्रियता लगातार बनी हुई है और पुलिस बल असमान संसाधनों के साथ मोर्चा संभाले हुए है। गौरतलब है कि अकेले जुलाई-अगस्त 2026 में खैबर पख्तूनख्वा में पुलिस पर कई बड़े हमले दर्ज किए जा चुके हैं।
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
लक्की मरवत हमले के बाद स्थानीय प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है। अधिकारियों ने संकेत दिया कि सर्च ऑपरेशन के दौरान संदिग्धों की पहचान की कोशिश की जा रही है। अब तक किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
आगे क्या होगा
सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन जारी है और जाँच एजेंसियाँ हमलावरों की पहचान व संभावित संगठनात्मक संबंधों की तहकीकात कर रही हैं। पाकिस्तान सरकार पर आलोचकों का दबाव बढ़ रहा है कि वह सीमावर्ती प्रांतों में पुलिस बल की सुरक्षा और संसाधनों को प्राथमिकता दे।