12 अक्टूबर 2026
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होर्मुज स्ट्रेट ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा: गरीबाबादी, अमेरिकी प्रतिबद्धता पूरी होने तक नियंत्रण जारी

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होर्मुज स्ट्रेट ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा: गरीबाबादी, अमेरिकी प्रतिबद्धता पूरी होने तक नियंत्रण जारी

सारांश

ईरान के उप-विदेश मंत्री गरीबाबादी ने बंदर अब्बास में साफ कहा — होर्मुज सिर्फ एक जलमार्ग नहीं, ईरान की संप्रभुता का प्रतीक है। बिना समन्वय गुजरने वाले जहाजों पर कार्रवाई की चेतावनी और अमेरिकी प्रतिबद्धता को शर्त बनाना, वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक नई अनिश्चितता का संकेत है।

मुख्य बातें

ईरान के उप-विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने 12 अक्टूबर 2026 को बंदर अब्बास में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न हिस्सा है।
युद्धपोतों के गुजरने पर प्रतिबंध; व्यावसायिक जहाज केवल ईरान की पूर्व अनुमति के बाद ही मार्ग का उपयोग कर सकते हैं।
बिना समन्वय के गुजरने वाले जहाजों के खिलाफ ईरान की सशस्त्र सेनाएं कार्रवाई कर सकती हैं।
जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने की शर्त — अमेरिका द्वारा अपनी प्रतिबद्धताओं की पूर्ति।
ईरान-ओमान के बीच जहाज आवाजाही पर सहमति बनी, लेकिन अंतिम अनुमोदन के बाद भी तत्काल पूर्ण खोलने की गारंटी नहीं।

ईरान के उप-विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने 12 अक्टूबर 2026 को बंदर अब्बास में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न हिस्सा है और जब तक अमेरिका अपनी प्रतिबद्धताओं पर वापस नहीं लौटता, तब तक इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर ईरान का नियंत्रण बरकरार रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों के खिलाफ ईरान की सशस्त्र सेनाएं कार्रवाई कर सकती हैं।

ईरान का आधिकारिक रुख

दक्षिणी ईरान के होर्मोजगन प्रांत की राजधानी बंदर अब्बास में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में गरीबाबादी ने कहा, 'होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न हिस्सा है और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का अधिकार ईरान के पास सुरक्षित है।' उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध शुरू होने के शुरुआती दिनों से लागू किए गए सुरक्षा उपाय आगे भी जारी रहेंगे।

गरीबाबादी के अनुसार, ये नियंत्रण तब तक लागू रहेंगे जब तक मुख्य आक्रामक पक्ष अमेरिका यह नहीं समझ लेता कि सैन्य कार्रवाई कोई समाधान नहीं है और वह अपनी प्रतिबद्धताओं पर लौट नहीं आता।

जहाजों पर लागू नियम और प्रतिबंध

उप-विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि ईरान की ओर से घोषित नियमों के तहत युद्धपोतों के जलडमरूमध्य से गुजरने पर रोक है। व्यावसायिक जहाज केवल आवश्यक समन्वय और अनुमति प्राप्त करने के बाद ही इस मार्ग से गुजर सकते हैं।

गरीबाबादी ने कहा, 'फिलहाल कोई भी जहाज ईरान के साथ समन्वय किए बिना इस जलडमरूमध्य से नहीं गुजर सकता। जो जहाज ऐसा करने की कोशिश करेंगे, वे ईरान की ओर से घोषित नियमों का उल्लंघन करेंगे और हमारी सशस्त्र सेनाएं उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती हैं।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब इस क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है।

ईरान-ओमान समझौते की झलक

गरीबाबादी ने होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही को लेकर ईरान और ओमान के बीच बनी एक सहमति का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, कानूनी और तकनीकी दृष्टि से यह समझौता महत्वपूर्ण और संतुलित है।

हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस समझौते के अंतिम अनुमोदन का अर्थ यह नहीं होगा कि जलडमरूमध्य तुरंत पूरी तरह खोल दिया जाएगा। जहाजों को केवल उन्हीं मार्गों से गुजरने की अनुमति मिलेगी जिन पर ईरान और ओमान दोनों सहमत होंगे।

अमेरिकी प्रतिबद्धता की शर्त

गरीबाबादी के अनुसार, जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने का अंतिम निर्णय अमेरिका के अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने पर निर्भर करेगा। उन्होंने ईरान के नियंत्रण को लेकर हो रही अंतरराष्ट्रीय आलोचनाओं को भी सिरे से खारिज किया। गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अत्यंत संवेदनशील धुरी-बिंदु है, जहाँ से विश्व की लगभग 20% कच्चे तेल की आपूर्ति गुजरती है।

वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर

ईरान के इस कड़े रुख से वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर दबाव बना हुआ है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के प्रतिबंध न केवल अमेरिका बल्कि उन तमाम देशों के लिए भी चुनौती हैं जो इस मार्ग से अपनी ऊर्जा जरूरतें पूरी करते हैं — जिनमें भारत, चीन और यूरोपीय देश शामिल हैं। आने वाले दिनों में अमेरिकी प्रतिक्रिया और संभावित कूटनीतिक वार्ता इस जलमार्ग के भविष्य की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह यह है कि इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल का सबसे बड़ा उपभोक्ता अमेरिका नहीं, बल्कि एशियाई देश — विशेषकर भारत और चीन — हैं। इसलिए ईरान का यह दांव अमेरिका को उतना नुकसान नहीं पहुँचाता जितना उसे कमज़ोर दिखाने का नाटकीय प्रभाव पैदा करता है। ईरान-ओमान समझौते की चर्चा एक संभावित निकास मार्ग का संकेत देती है, लेकिन 'अमेरिकी प्रतिबद्धताओं' की अस्पष्ट शर्त बताती है कि तेहरान अभी भी इस कार्ड को लंबे समय तक थामे रखना चाहता है।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण क्या है?
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए अनिवार्य पूर्व-समन्वय और अनुमति की शर्त लागू की है। युद्धपोतों के गुजरने पर प्रतिबंध है और नियम उल्लंघन पर सशस्त्र कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
गरीबाबादी ने अमेरिका के बारे में क्या कहा?
उप-विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण तब तक जारी रहेगा जब तक अमेरिका यह नहीं समझ लेता कि सैन्य कार्रवाई कोई समाधान नहीं है और वह अपनी प्रतिबद्धताओं पर वापस नहीं आता। जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलना इसी शर्त पर निर्भर बताया गया है।
ईरान और ओमान के बीच होर्मुज पर क्या समझौता हुआ है?
गरीबाबादी के अनुसार ईरान और ओमान के बीच जहाजों की आवाजाही को लेकर एक सहमति बनी है, जिसे कानूनी और तकनीकी दृष्टि से संतुलित बताया गया। हालांकि, इसके अंतिम अनुमोदन के बाद भी जलडमरूमध्य तत्काल पूरी तरह नहीं खोला जाएगा।
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
होर्मुज जलडमरूमध्य से विश्व की लगभग 20% कच्चे तेल की आपूर्ति गुजरती है। इस मार्ग पर किसी भी व्यवधान का सीधा असर भारत, चीन और यूरोपीय देशों समेत कई देशों की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ता है।
क्या व्यावसायिक जहाज होर्मुज से गुजर सकते हैं?
हाँ, व्यावसायिक जहाज आवश्यक समन्वय और ईरान की पूर्व अनुमति प्राप्त करने के बाद होर्मुज से गुजर सकते हैं। बिना अनुमति के गुजरने की कोशिश करने वाले जहाजों के खिलाफ ईरान की सशस्त्र सेनाओं द्वारा कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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