H-1B वीजा पर रोक की मांग: अमेरिकी कंजर्वेटिव ग्रुप 'ह्यूमन्स फर्स्ट' ने पेश की 'अमेरिका फर्स्ट एआई पॉलिसी'
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी कंजर्वेटिव संगठन ह्यूमन्स फर्स्ट ने 17 अक्टूबर 2026 को अपनी 'अमेरिका फर्स्ट एआई पॉलिसी' फ्रेमवर्क जारी करते हुए एच-1बी वीजा पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की है। 'टी पार्टी' की著名 कार्यकर्ता एमी क्रेमर की अध्यक्षता वाले इस संगठन का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के विस्तार के लाभ सबसे पहले अमेरिकी नागरिकों को मिलने चाहिए, न कि विदेशी कार्यबल को।
फ्रेमवर्क में क्या है
ग्रुप ने अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित इस नीति-दस्तावेज़ में 'एआई लीडरशिप के फायदे अमेरिकी वर्कर्स को देना' शीर्षक के अंतर्गत चार प्रमुख माँगें रखी हैं: एआई विस्तार के साथ वर्कर्स के लिए टैक्स राहत, एच-1बी वीजा पर रोक, घरेलू वर्कफोर्स के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, और एआई की वजह से होने वाली नौकरियों की कटौती का अनिवार्य सार्वजनिक खुलासा। हालाँकि फ्रेमवर्क में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्रस्तावित रोक कितने समय के लिए होगी और इसे लागू करने की प्रक्रिया क्या होगी।
H-1B और भारतीय प्रोफेशनल्स पर असर
एच-1बी प्रोग्राम अमेरिकी टेक कंपनियों के लिए कुशल विदेशी पेशेवरों की भर्ती का प्रमुख माध्यम है। यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज़ (USCIS) के आँकड़ों के अनुसार, हाल के वर्षों में स्वीकृत याचिकाओं में 70 प्रतिशत से अधिक भारतीय पेशेवर रहे हैं। यदि यह प्रस्ताव नीति का रूप लेता है, तो इसका सीधा असर भारत के आईटी और टेक सेक्टर पर पड़ सकता है, जो हर साल बड़ी संख्या में वर्कर्स अमेरिका भेजता है।
राष्ट्रीय सुरक्षा और बिग टेक पर जवाबदेही
फ्रेमवर्क तीन मूल सिद्धांतों पर आधारित है: एआई से उत्पन्न खतरों से अमेरिकी स्वतंत्रता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा, बिग टेक कंपनियों से पारदर्शिता और जवाबदेही, और बच्चों, नौकरियों तथा जीवनशैली की सुरक्षा। दस्तावेज़ में चीन सहित अन्य विरोधी देशों को 'हाई-एंड चिप्स और महत्वपूर्ण एआई तकनीकों' के निर्यात पर नियंत्रण और तीसरे देशों के रास्ते होने वाले निर्यात पर भी कड़ाई की माँग की गई है। अमेरिकी डेटा सेंटर्स पर चीनी नियंत्रण रोकने को भी प्राथमिकता दी गई है।
सुपरह्यूमन एआई और सुरक्षा जाँच की माँग
ग्रुप ने फ्रंटियर एआई कंपनियों में कार्यरत विदेशी कर्मचारियों की सुरक्षा जाँच अनिवार्य करने की भी माँग की है। इसके अलावा सबसे बड़ी एआई कंपनियों के सिस्टम की स्वतंत्र थर्ड पार्टी टेस्टिंग और 'रिकर्सिव सेल्फ-इम्प्रूवमेंट' — यानी एआई की स्वयं को संशोधित कर बेहतर बनाने की क्षमता — पर रोक लगाने की बात कही गई है। अन्य प्रस्तावों में 'फ्लॉक' जैसे कैमरा नेटवर्क का संघीय उपयोग बंद करना, बड़ी एआई दुर्घटनाओं की सार्वजनिक रिपोर्टिंग अनिवार्य करना, नाबालिगों के एआई उपयोग पर देखभाल की जिम्मेदारी तय करना, और फ्रंटियर डेवलपर्स द्वारा 'रेकलेस डिजाइन' के लिए जवाबदेही शामिल हैं।
ग्रुप का रुख और आगे की संभावनाएँ
ग्रुप के कार्यकारी निदेशक रस वॉकर ने कहा, 'एक एआई पॉलिसी जो वास्तव में अमेरिका फर्स्ट है, वह अमेरिकी लोगों पर केंद्रित है, न कि वैश्विक कॉर्पोरेशनों पर और न ही गैर-जवाबदेह नौकरशाहों पर।' फ्रेमवर्क में राज्यों के एआई कानूनों पर संघीय प्रीएम्पशन का भी विरोध किया गया है। यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में एआई नियमन और वीजा नीति दोनों विषयों पर राजनीतिक बहस तेज़ है। देखना होगा कि यह फ्रेमवर्क व्यापक नीति बहस में कितनी जगह बना पाता है।