हंगरी के PM पीटर मग्यार का बड़ा कदम: राष्ट्रपति सुल्योक को हटाने के लिए संविधान संशोधन का प्रस्ताव
सारांश
मुख्य बातें
हंगरी के प्रधानमंत्री पीटर मग्यार ने 2 जून 2025 को राष्ट्रपति तामस सुल्योक को पद से हटाने के लिए संविधान में संशोधन का औपचारिक प्रस्ताव रखा। बुडापेस्ट स्थित सैंडोर पैलेस के बाहर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मग्यार ने सुल्योक पर राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारियों को निभाने में विफल रहने का आरोप लगाया। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब मग्यार ने मई 2025 में ही हंगरी के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली है।
मग्यार के आरोप और बयान
सैंडोर पैलेस के बाहर प्रेस कॉन्फ्रेंस में मग्यार ने कहा, 'जैसे विक्टर ओरबान ने हंगरी के लोगों को छोड़ दिया है, वैसे ही तामस सुल्योक ने हंगरी रिपब्लिक को छोड़ दिया है।' गौरतलब है कि सुल्योक को पूर्व प्रधानमंत्री ओरबान ने ही राष्ट्रपति पद पर नियुक्त किया था।
मग्यार ने यह भी कहा, 'रिपब्लिक के राष्ट्रपति का कार्यालय किसी भी राष्ट्राध्यक्ष से अधिक महत्वपूर्ण और अधिक शक्तिशाली होता है। हंगरी के हित में यह आवश्यक है कि राष्ट्रपति पद को वह अधिकार पुनः मिले, जो हाल के वर्षों में उसकी चुप्पी, गलत फैसलों और भूलों के कारण कमज़ोर हुआ है।'
राष्ट्रपति को दी गई चेतावनी
मग्यार ने स्पष्ट किया कि उन्होंने राष्ट्रपति सुल्योक से सीधे मुलाकात की और उन्हें चेतावनी दी कि यदि वे स्वेच्छा से इस्तीफा नहीं देते, तो वे टिस्जा पार्टी के संसद सदस्यों को अपने निर्णय से अवगत कराएंगे और तुरंत आवश्यक संवैधानिक प्रक्रिया शुरू करेंगे।
मग्यार ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रस्तावित संशोधन किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं होगा, बल्कि एक ऐसा व्यापक ढाँचा तैयार किया जाएगा जिसके तहत भविष्य में अन्य राज्य नेताओं को भी पद से हटाया जा सके।
ओरबान युग की विरासत पर निशाना
मग्यार ने पूर्व प्रधानमंत्री ओरबान के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने 'बग्स, बड़ी सफाई और एक शैडो आर्मी' की बात की थी। मग्यार के अनुसार, उस समय राष्ट्रपति सुल्योक ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। जब मग्यार ने सुल्योक से इस चुप्पी का कारण पूछा, तो उन्हें बताया गया कि वे बयान 'महज एक राजनीतिक राय' थे और राष्ट्रपति को उन पर टिप्पणी करने की आवश्यकता नहीं थी।
मग्यार की सत्ता में वापसी और जनादेश
उल्लेखनीय है कि मई 2025 में हंगरी की टिस्जा पार्टी के नेता पीटर मग्यार ने नई नेशनल असेंबली के पहले सत्र में संसदीय मतदान जीतने के बाद प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। 199 में से 195 सांसदों ने मतदान किया, जिसमें 140 ने पक्ष में, 54 ने विरोध में मत दिया और एक ने मतदान से परहेज किया।
अपने पहले संसदीय भाषण में मग्यार ने कहा कि नई सरकार को केवल सरकार बदलने का नहीं, बल्कि पूरे तंत्र को बदलने का जनादेश मिला है। उन्होंने सुलह, लोकतांत्रिक नवीनीकरण और राष्ट्रीय एकता को अपनी प्राथमिकताएं बताईं।
आगे क्या होगा
मग्यार ने संकेत दिया कि वे चाहते हैं कि हंगरी के नागरिकों को राष्ट्रपति चुनाव में अधिक प्रत्यक्ष भूमिका मिले। उन्होंने कहा, 'मूल कानून बिल्कुल स्पष्ट है — रिपब्लिक का राष्ट्रपति देश की एकता का प्रतीक है और राज्य के लोकतांत्रिक कामकाज का संरक्षक है।' संवैधानिक संशोधन की विस्तृत रूपरेखा अभी सामने नहीं आई है, और यह देखना होगा कि टिस्जा पार्टी के सांसद इस प्रस्ताव को संसद में किस रूप में पेश करते हैं।