हरिकेन 'लाला' के बाद हवाई द्वीप पर 17,000 घरों में अंधेरा, राहत कार्य में तेजी
सारांश
मुख्य बातें
हवाई द्वीप के दक्षिणी छोर पर स्थित सदर्न काउ डिस्ट्रिक्ट में हरिकेन 'लाला' के गुजरे कई दिन बाद भी हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। 20 अगस्त 2026 तक हवाई द्वीप पर लगभग 17,000 घरों में बिजली की आपूर्ति ठप है और कीचड़, मलबे तथा गिरे पेड़ों से सड़कें अवरुद्ध हैं। यह तूफान श्रेणी-1 के हरिकेन के रूप में द्वीप से टकराया था, जो बाद में कमजोर होकर उष्णकटिबंधीय तूफान में बदल गया।
बिजली बहाली की स्थिति
हवाईयन इलेक्ट्रिक ने अपने ताजा अपडेट में बताया कि ओआहू में प्रभावित 99 प्रतिशत, माउई में 98 प्रतिशत और हवाई द्वीप में 75 प्रतिशत ग्राहकों की बिजली बहाल कर दी गई है। हालाँकि, बुरी तरह क्षतिग्रस्त क्षेत्रों में मरम्मत कार्य पूरा होने में कम से कम दो सप्ताह और लग सकते हैं।
मुख्य घटनाक्रम और क्षति
रिपोर्टों के अनुसार, काउ में सड़कों और पुलों पर कई फीट कीचड़, गिरे हुए पेड़ और मलबा जमा था, जिसे हटाने का काम तेज़ी से चल रहा है। हवाई परिवहन विभाग के अनुसार, तूफान के दौरान पहाला में मामालाहोआ हाईवे का एक हिस्सा बह गया, जिससे नालेहू का संपर्क अस्थायी रूप से कट गया था। विभाग ने मंगलवार को पुष्टि की कि अब हवाई द्वीप पर कोई भी समुदाय पूरी तरह अलग-थलग नहीं है।
हवाई काउंटी ने बताया कि इस तूफान के कारण पूरे द्वीप पर बिजली गुल होने और सड़कें बंद होने की रिकॉर्ड संख्या दर्ज की गई। गौरतलब है कि यह हवाई के हालिया इतिहास में सबसे व्यापक बुनियादी ढाँचा व्यवधानों में से एक है।
राहत और बचाव अभियान
रविवार को नालेहू, वायोहिनु और पहाला में फायर क्रू और हवाई नेशनल गार्ड ने संयुक्त खोज और बचाव अभियान चलाया तथा बाढ़-प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। राहत और पुनर्वास कार्य अभी भी जारी हैं।
जनहानि और तूफान की तीव्रता
हवाई पुलिस के अनुसार, एक व्यक्ति की मौत का संबंध कथित तौर पर तूफान 'लाला' से है, जबकि एक अन्य मौत भी तूफान से जुड़ी हो सकती है — हालाँकि दोनों मामलों की पुष्टि अभी आधिकारिक रूप से नहीं हुई है। सेंट्रल पैसिफिक हरिकेन सेंटर के अनुसार, 'लाला' शनिवार को श्रेणी-1 के हरिकेन में तब्दील हुआ था, लेकिन हवाई द्वीप के दक्षिणी हिस्से से गुजरते समय कमजोर होकर उष्णकटिबंधीय तूफान बन गया।
आगे क्या
हवाई के दक्षिण-पूर्व में एक और संभावित उष्णकटिबंधीय सिस्टम विकसित हो रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इसका आगे का मार्ग अभी स्पष्ट नहीं है और स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है। राहत एजेंसियाँ सतर्क हैं कि एक नए तूफान की संभावना बहाली के कार्य को और जटिल बना सकती है।