लातविया में 2005 के बाद सबसे भीषण तूफान, 1.60 लाख घर अंधेरे में; देशभर में ऑरेंज अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
लातविया में 23 अगस्त को एक अत्यंत शक्तिशाली तूफान ने व्यापक तबाही मचाई, जिसमें तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के कारण 1.60 लाख से अधिक उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति ठप हो गई और बिजली वितरण नेटवर्क को गंभीर क्षति पहुँची। लातवियाई समाचार एजेंसी 'लेटा' के अनुसार, यह जनवरी 2005 के बाद देश में आया सबसे विनाशकारी तूफान है।
तूफान का मार्ग और तीव्रता
यह शक्तिशाली चक्रवात दक्षिण दिशा से लातविया में दाखिल हुआ और शनिवार शाम भारी बारिश तथा तेज हवाओं के साथ देश के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। मध्य लातविया के कुछ इलाकों में महज एक दिन में महीनेभर की औसत वर्षा का लगभग आधा हिस्सा रिकॉर्ड किया गया — जो इस तूफान की असाधारण तीव्रता को दर्शाता है।
लातविया के पर्यावरण, भूविज्ञान और मौसम विज्ञान केंद्र (एलईजीएमसी) ने शनिवार को मध्य और पश्चिमी लातविया में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी रखा, जबकि तेज हवाओं के मद्देनज़र लगभग पूरे देश के लिए ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया। इससे पहले शुक्रवार को रीगा सहित देश के अन्य हिस्सों में रेड, ऑरेंज और येलो — तीनों स्तरों की मौसम चेतावनियाँ जारी की गई थीं।
बिजली संकट और मरम्मत कार्य
बिजली वितरण प्रणाली संचालक 'साडालेस टिक्ल्स' ने बताया कि रात 9 बजे तक लगभग 1.60 लाख ग्राहक बिजली से वंचित थे। अधिकांश नुकसान बड़े पेड़ों के उखड़कर बिजली लाइनों पर गिरने से हुआ है। कंपनी ने स्वीकार किया कि नेटवर्क को 'काफी व्यापक और जटिल' क्षति पहुँची है, जिसके कारण मरम्मत में सामान्य से अधिक समय लग सकता है। कुछ क्षेत्रों में लोगों को 24 घंटे से भी अधिक समय तक बिजली के बिना रहना पड़ सकता है। आपातकालीन टीमें निरंतर बहाली कार्य में जुटी हैं।
परिवहन और सार्वजनिक जीवन पर असर
लातविया की रेलवे कंपनी ने पुष्टि की कि खराब मौसम के चलते शनिवार शाम कई ट्रेन सेवाएँ प्रभावित हुईं और उनमें देरी दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त, चेतावनियाँ जारी होते ही देश में कई बाहरी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए।
लातविया की राज्य अग्निशमन और बचाव सेवा ने बताया कि शाम के दौरान मौसम-संबंधी आपातकालीन कॉलों की संख्या तेजी से बढ़ी। इनमें अधिकांश शिकायतें तेज हवाओं से पेड़ गिरने और सड़कें अवरुद्ध होने की थीं।
प्रशासन की सतर्कता
स्थानीय प्रशासन ने शनिवार को मोबाइल अलर्ट संदेशों के माध्यम से नागरिकों को बार-बार भारी बारिश और तेज हवाओं के प्रति सावधान किया तथा घरों के अंदर रहने की सलाह दी। यह तूफान ऐसे समय में आया है जब यूरोप के कई हिस्सों में मौसमी चरम घटनाओं की आवृत्ति बढ़ती जा रही है — जो जलवायु परिवर्तन से जोड़कर देखी जा रही है।
एलईजीएमसी और बचाव एजेंसियाँ आने वाले घंटों में स्थिति की निगरानी जारी रखेंगी, और नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने का अनुरोध किया गया है।