इंडिया-अफ्रीका फोरम समिट 2026: जयशंकर ने लॉन्च किया लोगो, जिम्बाब्वे-मोरक्को राजदूतों ने की भारत के विकास की तारीफ
सारांश
Key Takeaways
- विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 23 अप्रैल 2026 को चौथे IAFS का लोगो, थीम और वेबसाइट लॉन्च किया।
- चौथा इंडिया-अफ्रीका फोरम समिट 31 मई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होगा।
- जिम्बाब्वे की राजदूत स्टेला नकोमो ने कहा कि दोनों देशों के संबंध स्वतंत्रता संग्राम से ही गहरे हैं।
- मोरक्को के राजदूत मोहम्मद मलिकी ने भारत को ग्लोबल साउथ की प्रमुख आवाज बताया।
- केन्या के उच्चायुक्त पीटर माइना मुनयिरी ने कहा कि समिट से व्यापार और आर्थिक सहयोग को नई दिशा मिलेगी।
- जयशंकर ने कहा — "अफ्रीका की तरक्की के बिना हमारी तरक्की अधूरी है।"
नई दिल्ली, 23 अप्रैल 2026 — भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बुधवार को नई दिल्ली में चौथे इंडिया-अफ्रीका फोरम समिट (IAFS) का आधिकारिक लोगो, थीम और वेबसाइट लॉन्च किया। यह ऐतिहासिक समिट 31 मई 2026 को आयोजित होगी, जिसकी संयुक्त मेजबानी भारत और अफ्रीकन यूनियन कमीशन करेंगे। लॉन्च कार्यक्रम में अफ्रीकी देशों के कई वरिष्ठ राजनयिक भी उपस्थित रहे।
समिट की पृष्ठभूमि और महत्व
चौथा इंडिया-अफ्रीका फोरम समिट भारत और अफ्रीकी महाद्वीप के बीच संबंधों को नई ऊंचाई देने का एक बड़ा अवसर है। इस समिट में पूरे अफ्रीकी महाद्वीप के राष्ट्राध्यक्ष, अफ्रीकन यूनियन कमीशन के प्रतिनिधि और क्षेत्रीय संगठनों के नेता एक मंच पर आएंगे। इसका उद्देश्य भारत-अफ्रीका साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ करना तथा व्यापार, प्रौद्योगिकी और विकास के क्षेत्र में एक ठोस रोडमैप तैयार करना है।
जिम्बाब्वे और मोरक्को राजदूतों की प्रतिक्रिया
भारत में जिम्बाब्वे की राजदूत स्टेला नकोमो ने कहा कि जिम्बाब्वे और भारत के बीच द्विपक्षीय संबंध अत्यंत मजबूत हैं, जो जिम्बाब्वे की स्वतंत्रता संग्राम के दौरान और गहरे हुए थे। उन्होंने कहा कि उस संघर्ष में भारत ने अहम भूमिका निभाई थी। उन्हें उम्मीद है कि यह समिट दोनों देशों के बीच सहयोग के नए क्षेत्र खोलेगी।
भारत में मोरक्को के राजदूत मोहम्मद मलिकी ने कहा कि भारत ने आर्थिक और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर एक मजबूत बेंचमार्क स्थापित किया है। उन्होंने कहा, "भारत अब ग्लोबल साउथ की प्रमुख आवाजों में से एक है और इसने हमें जी20 जैसे महत्वपूर्ण मंचों तक पहुंच दिलाई है, जहां बड़े फैसले लिए जाते हैं।"
केन्या उच्चायुक्त का बयान
केन्या के उच्चायुक्त पीटर माइना मुनयिरी ने इस समिट को अत्यंत जरूरी बताया। उनके अनुसार यह समिट उन मूलभूत सिद्धांतों और स्तंभों को और मजबूत करेगी जिन पर भारत-अफ्रीका संबंध टिके हैं। उन्होंने कहा कि समिट से निकलने वाली घोषणाएं व्यापार, आर्थिक सहयोग और समग्र साझेदारी को नई दिशा देंगी।
विदेश मंत्री जयशंकर का ऐतिहासिक संदेश
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने इस अवसर पर एक भावपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा, "अफ्रीका की आजादी के बिना हमारी आजादी पूरी नहीं थी, अफ्रीका के विकास के बिना हमारा विकास पूरा नहीं था, और हमारी तरक्की तभी पूरी और पक्की होगी जब हम अफ्रीका की तरक्की भी देखेंगे।" यह बयान भारत की अफ्रीका नीति की मूल भावना को दर्शाता है।
आगे की राह
31 मई 2026 को होने वाले इस समिट से पहले भारत सरकार कई स्तरों पर तैयारियां कर रही है। चौथे IAFS से न केवल राजनयिक संबंध मजबूत होंगे, बल्कि व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में नए समझौतों की भी उम्मीद है। यह समिट भारत की ग्लोबल साउथ नेतृत्व की भूमिका को और सुदृढ़ करेगी।