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भारत-ऑस्ट्रेलिया कौशल सहयोग: उच्चायुक्त नागेश सिंह ने मंत्री एंड्रयू जाइल्स और विक्टोरिया प्रीमियर से की बैठक

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भारत-ऑस्ट्रेलिया कौशल सहयोग: उच्चायुक्त नागेश सिंह ने मंत्री एंड्रयू जाइल्स और विक्टोरिया प्रीमियर से की बैठक

सारांश

भारत के उच्चायुक्त नागेश सिंह ने कैनबरा में ऑस्ट्रेलिया के स्किल्स मंत्री एंड्रयू जाइल्स और विक्टोरिया प्रीमियर जेसिंटा एलन से मुलाकात की। MRQ व्यवस्था, ब्रिज कोर्स और उन्नत निर्माण क्षेत्र में कुशल कामगारों की तैयारी पर चर्चा — दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को ज़मीनी रूप देने की कोशिश।

मुख्य बातें

भारत के उच्चायुक्त नागेश सिंह ने कैनबरा में ऑस्ट्रेलिया के स्किल्स और ट्रेनिंग मंत्री एंड्रयू जाइल्स से मुलाकात कर कौशल सहयोग पर चर्चा की।
इसी दिन उच्चायुक्त ने विक्टोरिया की प्रीमियर जेसिंटा एलन एमपी से व्यापार, शिक्षा, इनोवेशन और प्रवासी समुदाय के मुद्दों पर बात की।
म्यूचुअल रिकॉग्निशन ऑफ क्वालिफिकेशंस (MRQ) को शीघ्र लागू करने और ब्रिज कोर्स तैयार करने पर दोनों पक्षों में सहमति।
पिछले दिसंबर में नई दिल्ली में तृतीय AIESC बैठक में जयंत चौधरी और एंड्रयू जाइल्स ने सह-अध्यक्षता की थी।
उन्नत निर्माण क्षेत्र में कुशल कामगारों की तैयारी पर विशेष ज़ोर — ऑस्ट्रेलिया में खेल आयोजनों से पहले इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के मद्देनज़र।

भारत के उच्चायुक्त नागेश सिंह ने 16 जून 2025 को कैनबरा में ऑस्ट्रेलिया के स्किल्स और ट्रेनिंग मंत्री एंड्रयू जाइल्स से शिष्टाचार मुलाकात की और दोनों देशों के बीच जारी कौशल सहयोग को और प्रगाढ़ करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। यह बैठक भारत-ऑस्ट्रेलिया की व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत कौशल विकास को केंद्र में रखने की बढ़ती प्रतिबद्धता का हिस्सा है।

मुख्य घटनाक्रम

ऑस्ट्रेलिया में भारत के उच्चायोग ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी देते हुए बताया कि उच्चायुक्त नागेश सिंह और मंत्री एंड्रयू जाइल्स के बीच बातचीत में दोनों देशों के बीच चल रहे कौशल सहयोग की समीक्षा की गई। उच्चायोग के अनुसार, यह सहयोग दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी का एक अहम स्तंभ है और इसे और मज़बूत बनाने पर सहमति जताई गई।

इसी दिन उच्चायुक्त ने विक्टोरिया की प्रीमियर जेसिंटा एलन एमपी से भी मुलाकात की। उच्चायोग ने इसे 'गर्मजोशी भरी और उपयोगी बैठक' बताया, जिसमें व्यापार, शिक्षा, नवाचार, कौशल, संस्कृति और प्रवासी भारतीय समुदाय से जुड़े मुद्दों पर भारत-विक्टोरिया संबंधों को और गहरा करने पर चर्चा हुई।

साझेदारी की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि पिछले दिसंबर में नई दिल्ली में तृतीय ऑस्ट्रेलिया-इंडिया एजुकेशन एंड स्किल्स काउंसिल (AIESC) की बैठक हुई थी, जिसकी सह-अध्यक्षता कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी और मंत्री एंड्रयू जाइल्स ने की थी। उस बैठक में कौशल विकास, कामकाजी लोगों की आवाजाही और स्पोर्ट्स इकॉनमी में सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी थी।

कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों के बीच संबंध निरंतर मज़बूत हो रहे हैं और इस सहयोग को संस्थागत ढाँचे में व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

म्यूचुअल रिकॉग्निशन और ब्रिज कोर्स पर जोर

दोनों पक्षों ने म्यूचुअल रिकॉग्निशन ऑफ क्वालिफिकेशंस (MRQ) व्यवस्था को शीघ्र लागू करने पर सहमति जताई। इसके साथ ही ऐसे ब्रिज कोर्स तैयार करने पर भी ज़ोर दिया गया जो भारतीय कामगारों के कौशल को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ढालें और उनकी आवाजाही को सुगम बनाएँ।

विशेष रूप से उन्नत निर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र में कुशल श्रमिकों की तैयारी पर बल दिया गया, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया में आगामी बड़े खेल आयोजनों से पहले बुनियादी ढाँचे का तेज़ी से विस्तार हो रहा है।

भारत-विक्टोरिया संबंध

उच्चायोग ने रेखांकित किया कि भारत और विक्टोरिया के बीच साझेदारी की नींव जीवंत भारतीय प्रवासी समुदाय और लगातार बढ़ते संस्थागत संबंधों पर टिकी है। प्रीमियर जेसिंटा एलन के साथ हुई बैठक में शिक्षा, इनोवेशन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को और विस्तार देने के रास्ते तलाशे गए।

आगे की राह

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत और ऑस्ट्रेलिया अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को ठोस परिणामों में बदलने की दिशा में काम कर रहे हैं। MRQ ढाँचे के लागू होने और ब्रिज कोर्स शुरू होने के बाद दोनों देशों के बीच कुशल कामगारों की आवाजाही और अधिक सुव्यवस्थित होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन MRQ जैसी व्यवस्थाएँ वर्षों से 'शीघ्र लागू होने' की प्रतीक्षा में हैं। असली कसौटी यह है कि ब्रिज कोर्स और योग्यता-मान्यता के ढाँचे कितनी जल्दी ज़मीन पर उतरते हैं और कितने भारतीय कामगारों को वास्तविक रूप से लाभ मिलता है। AIESC जैसे संस्थागत मंचों की उपयोगिता तभी सिद्ध होगी जब बैठकों के निष्कर्ष सत्यापन-योग्य रोज़गार परिणामों में तब्दील हों — केवल संयुक्त वक्तव्यों तक सीमित न रहें।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-ऑस्ट्रेलिया कौशल सहयोग बैठक में क्या चर्चा हुई?
कैनबरा में हुई इस बैठक में उच्चायुक्त नागेश सिंह और मंत्री एंड्रयू जाइल्स ने दोनों देशों के बीच जारी कौशल सहयोग की समीक्षा की और इसे व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत और मज़बूत करने के उपायों पर चर्चा की। MRQ व्यवस्था को शीघ्र लागू करने और ब्रिज कोर्स तैयार करने पर भी सहमति बनी।
म्यूचुअल रिकॉग्निशन ऑफ क्वालिफिकेशंस (MRQ) क्या है और इसका क्या महत्व है?
MRQ एक द्विपक्षीय व्यवस्था है जिसके तहत दोनों देश एक-दूसरे की शैक्षणिक और व्यावसायिक योग्यताओं को मान्यता देते हैं। इससे भारतीय कामगारों के लिए ऑस्ट्रेलिया में काम करना और वहाँ के मानकों के अनुरूप अपने कौशल को प्रमाणित करना आसान हो जाएगा।
तृतीय AIESC बैठक कब और कहाँ हुई थी?
तृतीय ऑस्ट्रेलिया-इंडिया एजुकेशन एंड स्किल्स काउंसिल (AIESC) की बैठक पिछले दिसंबर में नई दिल्ली में हुई थी। इसकी सह-अध्यक्षता कौशल विकास राज्य मंत्री जयंत चौधरी और ऑस्ट्रेलियाई मंत्री एंड्रयू जाइल्स ने की थी।
भारत-विक्टोरिया बैठक में किन विषयों पर चर्चा हुई?
उच्चायुक्त नागेश सिंह और विक्टोरिया की प्रीमियर जेसिंटा एलन एमपी के बीच व्यापार, शिक्षा, नवाचार, कौशल, संस्कृति और प्रवासी भारतीय समुदाय से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। उच्चायोग ने इस साझेदारी की नींव जीवंत भारतीय प्रवासी समुदाय और संस्थागत संबंधों पर बताई।
ऑस्ट्रेलिया में उन्नत निर्माण क्षेत्र में भारतीय कामगारों की माँग क्यों बढ़ रही है?
ऑस्ट्रेलिया में आगामी बड़े खेल आयोजनों से पहले बुनियादी ढाँचे का तेज़ी से विस्तार हो रहा है, जिससे उन्नत निर्माण क्षेत्र में कुशल श्रमिकों की माँग बढ़ी है। दोनों देशों ने इस क्षेत्र के लिए विशेष रूप से कुशल कामगार तैयार करने पर बल दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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