14 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

फिलिस्तीन को भारत का दोहरा समर्थन: दो-राष्ट्र समाधान और यूएन सदस्यता, ब्रुसेल्स बैठक में दोहराई प्रतिबद्धता

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
फिलिस्तीन को भारत का दोहरा समर्थन: दो-राष्ट्र समाधान और यूएन सदस्यता, ब्रुसेल्स बैठक में दोहराई प्रतिबद्धता

सारांश

ब्रुसेल्स में PDG की दूसरी मंत्रिस्तरीय बैठक में भारत ने दो-राष्ट्र समाधान और UN में फिलिस्तीन की सदस्यता के समर्थन को दोहराया। वेस्ट बैंक में अस्पताल निर्माण की नई परियोजना भारत की व्यावहारिक कूटनीति का संकेत है।

मुख्य बातें

भारत ने 14 जुलाई 2026 को ब्रुसेल्स में PDG की दूसरी मंत्रिस्तरीय बैठक में दो-राष्ट्र समाधान के प्रति अपना समर्थन दोहराया।
विदेश मंत्रालय की सचिव श्रीप्रिया रंगनाथन ने बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
भारत ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में फिलिस्तीन की पूर्ण सदस्यता की दावेदारी का भी समर्थन किया।
भारत की परियोजनाएँ स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और व्यावसायिक प्रशिक्षण पर केंद्रित हैं।
फिलिस्तीनी राजदूत अब्दुल्ला अबू शावेश के अनुसार, भारत जल्द वेस्ट बैंक में एक अस्पताल निर्माण परियोजना शुरू करेगा।
भारत ने UNRWA के मानवीय प्रयासों के प्रति भी अपना निरंतर समर्थन दोहराया।

भारत ने 14 जुलाई 2026 को ब्रुसेल्स में आयोजित फिलिस्तीन डोनर ग्रुप (PDG) की दूसरी मंत्रिस्तरीय बैठक में दो-राष्ट्र समाधान के प्रति अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता एक बार फिर स्पष्ट की, साथ ही संयुक्त राष्ट्र (UN) में फिलिस्तीन की पूर्ण सदस्यता के समर्थन को भी दोहराया। यह बैठक यूरोपीय कमीशन और फिलिस्तीन अथॉरिटी ने संयुक्त रूप से आयोजित की, जिसमें यूरोपीय संघ के सदस्य देश, अंतरराष्ट्रीय साझेदार और प्रमुख वित्तीय संस्थान शामिल हुए।

भारत का प्रतिनिधित्व और मुख्य संदेश

बैठक में भारत की ओर से विदेश मंत्रालय की सचिव (सीपीवी एवं ओआईए) श्रीप्रिया रंगनाथन ने हिस्सा लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत लंबे समय से फिलिस्तीनी जनता का एक विश्वसनीय और प्रतिबद्ध साझेदार रहा है। रंगनाथन ने दो-राष्ट्र समाधान के प्रति भारत के निरंतर समर्थन को रेखांकित करते हुए संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीन की सदस्यता की दावेदारी का भी पुरज़ोर समर्थन किया।

विकास परियोजनाएँ और मानवीय सहायता

विदेश मंत्रालय के अनुसार, सचिव ने फिलिस्तीन के लिए भारत की चल रही विकासात्मक सहायता, क्षमता निर्माण कार्यक्रमों और मानवीय मदद का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भारत की परियोजनाएँ फिलिस्तीन की ज़रूरतों के अनुरूप तैयार की जाती हैं और इनका मुख्य केंद्र स्वास्थ्य, शिक्षा, क्षमता निर्माण और व्यावसायिक प्रशिक्षण है। फिलहाल भारत फिलिस्तीन में स्वास्थ्य सेवा, महिला सशक्तिकरण और संस्थागत क्षमता निर्माण से जुड़ी कई प्रमुख परियोजनाओं पर सक्रिय रूप से काम कर रहा है। बैठक में नई परियोजनाओं की भी घोषणा की गई, जो पुनर्वास, स्वास्थ्य, शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण पर केंद्रित होंगी।

UNRWA बैठक में भी भारत की भागीदारी

ब्रुसेल्स प्रवास के दौरान सचिव रंगनाथन ने संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेंसी (UNRWA) की सलाहकार आयोग की आगामी अध्यक्षता द्वारा आयोजित एक अलग बैठक में भी भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने UNRWA के मानवीय प्रयासों के प्रति भारत के अटूट समर्थन को पुनः स्पष्ट किया। विदेश मंत्रालय ने कहा, "भारत फिलिस्तीन के लोगों की मानवीय आवश्यकताओं को पूरा करने में ठोस योगदान देने वाला एक प्रतिबद्ध साझेदार बना हुआ है।"

फिलिस्तीनी राजदूत का बयान और अस्पताल परियोजना

गौरतलब है कि पिछले महीने भारत में फिलिस्तीन के राजदूत अब्दुल्ला अबू शावेश ने कहा था, "हमें पूरा विश्वास है कि भारत दो-राष्ट्र समाधान का मज़बूती से समर्थन करता है। संयुक्त राष्ट्र में प्रस्तावों पर भारत लंबे समय से फिलिस्तीनी लोगों के पक्ष में मतदान करता रहा है। इसके साथ ही भारत जमीनी स्तर पर भी शांति प्रक्रिया में सक्रिय रूप से निवेश कर रहा है।" उन्होंने यह भी बताया था कि भारत जल्द ही वेस्ट बैंक में एक अस्पताल निर्माण की महत्वपूर्ण परियोजना पर काम शुरू करने जा रहा है। यह कदम क्षेत्र में भारत की व्यावहारिक कूटनीति का ताज़ा उदाहरण है।

व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब गाज़ा संघर्ष को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में व्यापक चर्चा जारी है और कई देश फिलिस्तीन की संप्रभुता के प्रश्न पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर रहे हैं। भारत की यह सक्रिय कूटनीतिक उपस्थिति दर्शाती है कि नई दिल्ली इस मुद्दे पर बहुपक्षीय मंचों पर अपनी आवाज़ और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एक महत्वपूर्ण सवाल यह है कि 'समर्थन दोहराने' और 'ठोस दबाव बनाने' के बीच की दूरी अभी भी बनी हुई है। वेस्ट बैंक में अस्पताल परियोजना एक सकारात्मक कदम है, परंतु गाज़ा में जारी मानवीय संकट के परिप्रेक्ष्य में भारत की चुप्पी आलोचकों को असहज करती है। UN में फिलिस्तीन के पक्ष में मतदान और विकास परियोजनाओं के बावजूद, भारत ने अब तक फिलिस्तीन को औपचारिक राज्य की मान्यता देने में संयम बरता है — यह अंतर्विरोध नई दिल्ली की 'रणनीतिक संतुलन' नीति को उजागर करता है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने ब्रुसेल्स PDG बैठक में क्या立场 रखी?
भारत ने दो-राष्ट्र समाधान के प्रति अपना समर्थन दोहराया और संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीन की पूर्ण सदस्यता का भी समर्थन किया। साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा और क्षमता निर्माण से जुड़ी नई परियोजनाओं की घोषणा भी की गई।
PDG बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किसने किया?
विदेश मंत्रालय की सचिव (सीपीवी एवं ओआईए) श्रीप्रिया रंगनाथन ने 14 जुलाई 2026 को ब्रुसेल्स में आयोजित इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
वेस्ट बैंक में भारत की अस्पताल परियोजना क्या है?
भारत में फिलिस्तीन के राजदूत अब्दुल्ला अबू शावेश के अनुसार, भारत जल्द ही वेस्ट बैंक में एक अस्पताल के निर्माण की परियोजना शुरू करने जा रहा है। यह फिलिस्तीन में भारत की सबसे बड़ी स्वास्थ्य अवसंरचना परियोजनाओं में से एक होगी।
UNRWA के प्रति भारत का क्या रुख है?
भारत ने UNRWA की सलाहकार आयोग की बैठक में भाग लेकर एजेंसी के मानवीय प्रयासों के प्रति अपना निरंतर समर्थन दोहराया। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत फिलिस्तीनी जनता की मानवीय जरूरतें पूरी करने में प्रतिबद्ध साझेदार बना रहेगा।
भारत फिलिस्तीन के लिए किन क्षेत्रों में काम कर रहा है?
भारत फिलिस्तीन में स्वास्थ्य सेवा, महिला सशक्तिकरण, संस्थागत क्षमता निर्माण, शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण के क्षेत्रों में कई परियोजनाएँ चला रहा है। ये परियोजनाएँ फिलिस्तीन की प्राथमिकताओं के अनुरूप तैयार की गई हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 7 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले