भारत-रूस विशेष रणनीतिक साझेदारी मज़बूत: नई दिल्ली में सातवें विशेष तंत्र की बैठक, नौसेना अभ्यास इंद्रा 2026 जारी
सारांश
मुख्य बातें
भारत और रूस ने 14 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित पाकिस्तान और अफगानिस्तान पर सातवें भारत-रूस विशेष तंत्र की बैठक के दौरान अपनी विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर इन क्षेत्रों के प्रभाव सहित साझा हित के व्यापक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
बैठक की मुख्य बातें
इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पवन कपूर और रूस की सुरक्षा परिषद के उप सचिव अलेक्जेंडर वेनेडिक्टोव ने की। विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, 'दोनों पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर उनके प्रभाव सहित साझा हित के मुद्दों पर व्यापक चर्चा की तथा भारत-रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के तहत अपने चल रहे सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।'
मंत्रालय के अनुसार, वेनेडिक्टोव ने अपनी दिल्ली यात्रा के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी अलग से मुलाकात की।
सैन्य संबंधों को नई गति
द्विपक्षीय बैठकों का दायरा राजनीतिक-सुरक्षा चर्चाओं से आगे बढ़कर रक्षा सहयोग तक विस्तृत रहा। रूसी सशस्त्र बलों के मॉस्को सैन्य जिले के कार्यवाहक कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल इगोर अनातोलियेविच सेरित्स्की और सप्त शक्ति कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा के बीच बातचीत हुई।
भारतीय सेना के अतिरिक्त लोक सूचना महानिदेशालय (ADGPI) ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए बताया कि इस बातचीत का केंद्र 'द्विपक्षीय सैन्य संबंधों को गहरा करना, पेशेवर आदान-प्रदान को बढ़ाना और आपसी हित के क्षेत्रों में अधिक सहयोग के रास्ते तलाशना' रहा, जो भारत-रूस की दीर्घकालिक रक्षा साझेदारी को और सुदृढ़ करता है।
आईएनएस सह्याद्रि और नौसेना अभ्यास इंद्रा 2026
भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस सह्याद्रि ने 10 अक्टूबर 2026 को रूस के व्लादिवोस्तोक में प्रवेश किया था। 13 अक्टूबर से शुरू हुआ द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास इंद्रा 2026 18 अक्टूबर तक जारी रहेगा। इस अभ्यास का उद्देश्य भारतीय नौसेना और रूसी संघ की नौसेना के बीच समुद्री सहयोग और अंतर-संचालन क्षमता को बढ़ाना है।
14 अक्टूबर को आईएनएस सह्याद्रि ने व्लादिवोस्तोक में एक डेक रिसेप्शन की मेजबानी की, जिसमें रूसी नौसेना, शहर प्रशासन और भारतीय राजनयिक प्रतिनिधि एकत्रित हुए। व्लादिवोस्तोक में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने इसे 'मित्रता और सद्भावना की शाम' के रूप में वर्णित किया।
आईएनएस सह्याद्रि के कमांडिंग ऑफिसर ने प्रशांत बेड़े के प्रिमोर्स्की फ्लोटिला के कमांडर वाइस एडमिरल ए वाई सिसुएव के साथ प्रोटोकॉल बैठक की, जिसमें दोनों नौसेनाओं के बीच दोस्ती और सहयोग के बंधनों की पुष्टि हुई।
खेल के मैदान पर सौहार्द का प्रदर्शन
औपचारिक बैठकों से परे, भारत और रूस की नौसेनाओं ने मैत्रीपूर्ण फुटबॉल और बास्केटबॉल मैचों में भाग लिया। यह आयोजन दोनों देशों के बीच न केवल रणनीतिक, बल्कि मानवीय संबंधों की गहराई को भी रेखांकित करता है।
व्यापक संदर्भ और आगे की दिशा
गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान से जुड़ी क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियाँ भारत और रूस दोनों की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। यह सातवाँ विशेष तंत्र इस बात का संकेत है कि दोनों देश इन मुद्दों पर नियमित और संस्थागत संवाद को महत्व देते हैं। भारत-रूस रक्षा साझेदारी दशकों पुरानी है और हाल के वर्षों में इसे नई दिशाएँ देने के प्रयास जारी हैं।