अमेरिकी बाज़ार में भारतीय आमों की धूम: केसर, अल्फांसो और लंगड़ा कॉस्टको में घंटों में बिके
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका के प्रमुख शहरों में इस गर्मी केसर, अल्फांसो और लंगड़ा आमों की माँग इतनी तेज़ है कि कॉस्टको जैसे बड़े रिटेल स्टोर्स में खेप आने के महज़ दो घंटे के भीतर शेल्फ खाली हो जा रही हैं। सिएटल, लॉस एंजिलिस, लास वेगास और न्यू जर्सी से लेकर वॉशिंगटन डीसी तक यह क्रेज़ अब सिर्फ भारतीय मूल के समुदाय तक सीमित नहीं रहा — मुख्यधारा के अमेरिकी उपभोक्ता भी भारतीय आमों के दीवाने हो रहे हैं।
मैंगो मैजिक: सिएटल में बड़ा आयोजन
भारतीय आमों की बढ़ती लोकप्रियता का ताज़ा प्रमाण सिएटल में देखने को मिला, जहाँ भारतीय वाणिज्य दूतावास ने 'मैंगो मैजिक' कार्यक्रम का दूसरा संस्करण आयोजित किया। इस आयोजन में 100 से अधिक आयातकों, वितरकों और बड़े रिटेल स्टोर्स के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया, जिनमें कॉस्टको के प्रतिनिधि भी शामिल थे। यह कार्यक्रम एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (APEDA) के सहयोग से आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने भारत के सात प्रीमियम आमों का स्वाद चखा — महाराष्ट्र के अल्फांसो और केसर, आंध्र प्रदेश के बंगनपल्ली और हिमायत, उत्तर प्रदेश के लंगड़ा और दशहरी, तथा गुजरात के राजापुरी आम। वॉशिंगटन राज्य के लेफ्टिनेंट गवर्नर डेनी हेक ने राज्य में भारतीय आमों की अधिक किस्में उपलब्ध होने का स्वागत किया। इस मौके पर राज्य के सीनेटर, राजनयिक और कारोबारी नेता भी उपस्थित रहे।
कॉस्टको में दो घंटे में बिकी पूरी खेप
मई 2026 में कॉस्टको ने पहली बार भारतीय केसर आमों की खेप सिएटल, लास वेगास, न्यू जर्सी और लॉस एंजिलिस के स्टोर्स में भेजी। कॉस्टको के अधिकारियों के अनुसार, स्टोर्स में पहुँचते ही दो घंटे के भीतर पूरी खेप बिक गई। भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने कहा, 'लोग मुझे बताते हैं कि जब कॉस्टको ने पहली बार भारतीय आम बेचना शुरू किया, तो कुछ ही घंटों में सारी शेल्फ खाली हो गई थीं। लोगों में आमों को लेकर जबरदस्त उत्साह था।'
राजदूत क्वात्रा की राय: सिर्फ पुरानी यादें नहीं, नई पसंद भी
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने वॉशिंगटन में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित मैंगो फेस्टिवल से पहले कहा, 'अमेरिका में रहने वाले भारतीयों के लिए आम गर्मियों की यादों का एक खास हिस्सा हैं। गर्मी की छुट्टियाँ और आम का स्वाद — दोनों की यादें साथ जुड़ी हुई हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि जो स्वाद और यादें पहले सिर्फ भारत में मिलती थीं, वे अब अमेरिका के स्टोर्स में भी आसानी से उपलब्ध हैं।
क्वात्रा के अनुसार, भारतीय आमों को पसंद करने वाले अब केवल भारतीय मूल के लोग नहीं हैं — मुख्यधारा के अमेरिकी उपभोक्ता भी इनके स्वाद के कायल हो रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-अमेरिका व्यापार संबंध कृषि और खाद्य निर्यात के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल उत्साह
ग्राहकों ने सोशल मीडिया पर कैलिफोर्निया, वॉशिंगटन और न्यू जर्सी के कॉस्टको स्टोर्स में केसर आमों की उपलब्धता की जानकारी साझा की। कई लोगों ने आमों की तस्वीरें पोस्ट कर दोस्तों को जल्दी स्टोर पहुँचने की सलाह दी, ताकि स्टॉक खत्म होने से पहले खरीदारी हो सके। एक ग्राहक ने भारतीय केसर आमों को 'भारतीय गर्मियों की पहचान' बताया।
भारत: दुनिया का सबसे बड़ा आम उत्पादक
गौरतलब है कि भारत दुनिया में आमों का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। यहाँ हर साल 2.6 करोड़ मीट्रिक टन से अधिक आम पैदा होते हैं और आम की 1,000 से अधिक किस्में मौजूद हैं। 18 साल के प्रतिबंध के बाद 2007 में अमेरिका को भारतीय आमों का निर्यात फिर शुरू हुआ था और पिछले एक दशक में यह लगातार बढ़ा है। आने वाले मौसमों में भारतीय आमों की और अधिक किस्मों और बड़े वितरण नेटवर्क के साथ अमेरिकी बाज़ार में पहुँचने की उम्मीद है।