केसर मैंगो फेस्टिवल-2026: 16 मई से अहमदाबाद में किसान बेचेंगे सीधे, जीआई टैग खजूर भी उपलब्ध
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के अहमदाबाद में 16 मई 2026 से 'केसर मैंगो फेस्टिवल-2026' का आगाज़ होने जा रहा है। वस्त्रापुर हाट में आयोजित इस उत्सव में किसान बिना किसी बिचौलिए के सीधे उपभोक्ताओं को कार्बाइड-मुक्त आम बेचेंगे। राज्य के कृषि विभाग के अंतर्गत गुजरात एग्रो इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन द्वारा आयोजित इस पहल का लक्ष्य किसानों को उचित मूल्य दिलाना और शहरी उपभोक्ताओं को रसायन-मुक्त फलों तक सुलभ पहुँच देना है।
उद्घाटन और बिक्री की समय-सीमा
उत्सव का उद्घाटन 16 मई 2026 को कृषि मंत्री जीतू वाघाणी वर्चुअल माध्यम से करेंगे। आमों की बिक्री 15 जून तक चलेगी, जिसके बाद 16 से 25 जून तक जीआई-टैग प्राप्त खजूर की बिक्री का विशेष चरण शुरू होगा। इस प्रकार यह महोत्सव करीब डेढ़ महीने तक उपभोक्ताओं को सीधे किसानों से जोड़ता रहेगा।
स्टॉल व्यवस्था और किसानों की भागीदारी
आयोजन स्थल पर कुल 100 स्टॉल लगाए गए हैं — 85 स्टॉल आमों के लिए और 15 स्टॉल जीआई-टैग खजूर के लिए। ये स्टॉल किसान-उत्पादक संगठनों, प्राकृतिक खेती समूहों और व्यक्तिगत किसानों को निःशुल्क आवंटित किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस व्यवस्था से किसान बिना बिचौलिए के सीधी खुदरा बिक्री कर सकेंगे।
उत्सव में गिर, जूनागढ़, अमरेली, कच्छ, वलसाड और नवसारी जैसे प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों से लाए गए कार्बाइड-मुक्त केसर आम उपलब्ध रहेंगे। यह मंच अहमदाबाद और गांधीनगर जैसे शहरी केंद्रों में किसानों की बाज़ार पहुँच को व्यापक बनाने के उद्देश्य से भी तैयार किया गया है।
पिछले आयोजनों का प्रदर्शन
आँकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष के उत्सव में केवल एक महीने के भीतर 3.30 लाख किलोग्राम से अधिक आमों की बिक्री हुई, जिनका कुल मूल्य लगभग ₹4 करोड़ रहा। इसके अतिरिक्त, सूरत में 'वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन' के दौरान आयोजित पाँच दिवसीय आम उत्सव में 5,685 किलोग्राम आमों की बिक्री दर्ज की गई, जिनका मूल्य ₹7.84 लाख से अधिक था।
उत्सव की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि 'केसर आम उत्सव' की शुरुआत 2007 में गुजरात में हुई थी और तब से यह हर गर्मी के मौसम में नियमित रूप से आयोजित होता आ रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब किसानों की आय बढ़ाने और मध्यस्थों की भूमिका कम करने पर राष्ट्रीय स्तर पर ज़ोर दिया जा रहा है। आगामी संस्करण में जीआई-टैग खजूर को शामिल करना इस उत्सव के दायरे को और विस्तार देता है।