अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025: इजरायल, नॉर्वे समेत कई देशों ने भारत को दीं हार्दिक शुभकामनाएं
सारांश
मुख्य बातें
12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून 2025 को इजरायल, नॉर्वे सहित कई देशों ने भारत को शुभकामनाएं दीं और योग की वैश्विक प्रासंगिकता को रेखांकित किया। इस अवसर पर इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और भारत की जनता को बधाई देते हुए कहा कि योग शांति, स्वास्थ्य और मजबूती जैसे मूल्यों को बढ़ावा देता है जो लोगों और देशों को एक-दूसरे के निकट लाते हैं।
इजरायल की प्रतिक्रिया
गिदोन सार ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और भारत के लोगों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। भारत से शुरू हुआ योग आज पूरी दुनिया में अपनाया जा रहा है। योग शांति, स्वास्थ्य और मजबूती जैसे गुणों को बढ़ावा देता है, जो लोगों और देशों को एक-दूसरे के करीब लाते हैं। हमारे भारतीय दोस्तों को इस खास दिन की शुभकामनाएं।"
इससे पहले भारत में इजरायल दूतावास ने एक्स पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें इजरायल के राजदूत रूवेन अजार और दूतावास के अन्य अधिकारी योग करते नजर आए। दूतावास ने हल्के-फुल्के अंदाज में लिखा, "कुछ लोग योग करने आए थे, कुछ लोग खाने के लिए आए थे, लेकिन आखिर में सभी को अपना संतुलन मिल गया।"
नई दिल्ली में जयशंकर का योग सत्र
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में राजनयिकों के साथ 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया। उन्होंने एक्स पर लिखा, "नई दिल्ली में राजनयिकों के साथ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैसा कहा है, हमें कोशिश करनी चाहिए कि योग हमारी जिंदगी, हमारे परिवार और आने वाली पीढ़ियों का हिस्सा बने।"
इस कार्यक्रम में विदेश सचिव विक्रम मिस्री, भारत में नॉर्वे की राजदूत एलिन-स्टेनर और अनेक अन्य राजनयिकों ने भी भाग लिया।
नॉर्वे की राजदूत का संदेश
नॉर्वे की राजदूत एलिन-स्टेनर ने एक्स पर वीडियो संदेश जारी कर लिखा, "भारत को नॉर्वे की ओर से योग दिवस की शुभकामनाएं। यह दिन स्वास्थ्य, अच्छी जिंदगी और संतुलन का जश्न मनाने का दिन है।" उन्होंने विदेश मंत्रालय और डॉ. जयशंकर का धन्यवाद करते हुए कहा कि भारत ने योग के रूप में दुनिया को एक अनमोल उपहार दिया है।
इस वर्ष की थीम और महत्व
इस वर्ष 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम 'योग फॉर हेल्दी एजिंग' रखी गई है, जिसका उद्देश्य यह बताना है कि योग हर उम्र के लोगों के लिए लाभकारी है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, बढ़ती उम्र में योग एक उपयोगी अभ्यास है क्योंकि यह लोगों को सक्रिय, आत्मनिर्भर और बेहतर जीवन जीने में सहायता करता है। योग में हल्की एक्सरसाइज, स्ट्रेचिंग, श्वास तकनीक और ध्यान शामिल हैं, जो शरीर का संतुलन, लचीलापन, ताकत और गतिशीलता बेहतर करने के साथ-साथ तनाव कम करने और मानसिक स्वास्थ्य को भी सुदृढ़ करते हैं।
गौरतलब है कि 21 जून 2015 को पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया था, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इस तिथि को आधिकारिक मान्यता दी थी। तब से यह दिन वैश्विक स्तर पर भारत की सांस्कृतिक कूटनीति का एक प्रभावशाली माध्यम बन चुका है। इस वर्ष की बहुपक्षीय भागीदारी यह दर्शाती है कि योग अब केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि देशों के बीच सेतु बनाने का एक सशक्त साधन बन चुका है।