ईरान का भारी जल संयंत्र गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त, संचालन ठप: आईएईए
सारांश
Key Takeaways
- खोंडाब भारी जल संयंत्र को गंभीर क्षति हुई है।
- इस संयंत्र में कोई परमाणु सामग्री नहीं है।
- रेडिएशन का कोई खतरा नहीं पाया गया है।
- हमले की पुष्टि आईएईए ने की है।
- ईरान की अन्य सुविधाओं पर भी हमले हुए हैं।
वियना, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने जानकारी दी है कि मध्य ईरान के खोंडाब में स्थित भारी जल उत्पादन संयंत्र को गंभीर क्षति पहुंची है और यह अब कार्यशील नहीं है।
आईएईए ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर कहा, "सैटेलाइट तस्वीरों के स्वतंत्र विश्लेषण के आधार पर, हमने खोंडाब में भारी जल संयंत्र की स्थिति की पुष्टि की है। ईरान ने 27 मार्च को इस पर हमले की जानकारी दी थी। संयंत्र को गंभीर नुकसान हुआ है और अब यह संचालन में नहीं है। इस संयंत्र में कोई भी घोषित परमाणु सामग्री नहीं है।" यह जानकारी सिन्हुआ समाचार एजेंसी द्वारा साझा की गई है।
27 मार्च को आईएईए ने बताया कि उसे ईरान से सूचित किया गया था कि खोंडाब में भारी जल संयंत्र पर हमला हुआ है, लेकिन एजेंसी ने पुष्टि की कि इस मामले में रेडिएशन का कोई खतरा नहीं है। ये हमले अमेरिका-इजराइल-ईरान संघर्ष के बीच हुए हैं, जो 28 फरवरी से शुरू हुए थे। शनिवार को, आईएईए ने बताया कि ईरान ने खोंडाब में भारी जल उत्पादन संयंत्र सहित अन्य प्रमुख सुविधाओं पर नए हमलों की सूचना दी है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आईएईए ने कहा, "ईरान से मिली जानकारी के अनुसार, खोंडाब स्थित भारी जल उत्पादन संयंत्र पर आज और एक हमला हुआ है। चूंकि संयंत्र में कोई घोषित परमाणु सामग्री नहीं है, इसलिए रेडिएशन का जोखिम नहीं है।"
इसके अलावा, ईरान ने बताया कि खुज़ेस्तान स्टील उत्पादन फैक्ट्री, जो औद्योगिक माप के लिए सीलबंद रेडियोधर्मी स्रोतों - कोबाल्ट-60 और सीज़ियम-137 का उपयोग करती है, को भी निशाना बनाया गया था। अधिकारियों ने कहा कि संयंत्र से बाहर कोई भी रेडिएशन रिसाव नहीं हुआ है और यह सामान्य रूप से कार्यरत है। शुक्रवार को, आईएईए ने बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास सैन्य गतिविधियों पर भी चिंता जताई थी, जो इस प्रकार का तीसरा हमला था।