ईरान की अमेरिका को कड़ी चेतावनी: 'हमले नहीं रुके तो 2-3 दिन में आक्रामक दौर शुरू' — रेजाई
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के सुप्रीम लीडर के सैन्य सलाहकार मोहसेन रेजाई ने 18 जुलाई को सरकारी आईआरआईबी टीवी पर दिए एक इंटरव्यू में अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी कि यदि अगले दो से तीन दिनों तक अमेरिकी हमले जारी रहे, तो ईरान एक आक्रामक और विनाशकारी दौर में प्रवेश कर लेगा। रेजाई ने स्पष्ट किया कि 'युद्ध और बातचीत' की दोहरी नीति अब समाप्त हो चुकी है।
रेजाई की मुख्य चेतावनियाँ
मोहसेन रेजाई ने कहा कि यदि अमेरिकी हमले नहीं रुके, तो ईरानी सेनाएँ केवल जवाबी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिकी सैन्य अड्डे और सेनाएँ किसी भी राजनीतिक सीमा के भीतर सुरक्षित नहीं रहेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि 'अमेरिका को और बड़े मिसाइल तथा ड्रोन हमलों का इंतज़ार करना चाहिए' और किसी भी जमीनी सैन्य अभियान की शुरुआत न करने की चेतावनी दी।
रेजाई ने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में ईरानी सैन्य अभियानों की गति और तेज़ होगी तथा ईरान जमीनी स्तर पर और अधिक सैन्य क्षमताएँ तैनात करेगा।
ईरान का संयम और आरोप
रेजाई ने दावा किया कि ईरान ने अब तक इस संघर्ष को एक बड़े क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संकट में बदलने से रोकने के लिए संयम बरता है। उन्होंने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह युद्ध को क्षेत्रीय संकट में बदलकर गलत अनुमान लगा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के जवाबी हमले अब तक 'बहुत भारी' रहे हैं।
खाड़ी देशों से अपील
रेजाई ने कुवैत, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात और कतर जैसे खाड़ी देशों की जनता से अपील की कि वे तनाव को और बढ़ने से रोकने में मदद करें। यह अपील संकेत देती है कि ईरान क्षेत्रीय देशों को संघर्ष में अमेरिकी पक्ष के साथ खड़े होने से रोकना चाहता है।
होर्मुज स्ट्रेट में जहाज़ को निशाना बनाया
ईरान की अर्ध-सरकारी न्यूज़ एजेंसी तस्नीम ने शुक्रवार को बताया कि ईरानी सुरक्षा बलों ने होर्मुज स्ट्रेट में एक थाईलैंड के झंडे वाले जहाज़ को निशाना बनाया। एक जानकार सैन्य सूत्र के हवाले से बताया गया कि इस जहाज़ ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना से आवश्यक अनुमति लिए बिना होर्मुज पार करने की कोशिश की और चेतावनियों की भी अनदेखी की।
अमेरिका-ईरान संघर्ष की पृष्ठभूमि
पिछले कुछ दिनों में अमेरिकी सेना ने ईरान के दक्षिणी प्रांतों पर कई बार हमले किए हैं। अमेरिका का दावा है कि ये हमले ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में व्यावसायिक जहाज़ों को निशाना बनाने के जवाब में किए गए और इनका उद्देश्य ईरान की शिपिंग को खतरा पहुँचाने की क्षमता को कमज़ोर करना है। इसके जवाब में ईरान ने पूरे क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य अड्डों और ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। यह टकराव ऐसे समय में और गहरा हो रहा है जब होर्मुज स्ट्रेट — जिससे दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल आपूर्ति प्राप्त करता है — पहले से ही तनाव का केंद्र बना हुआ है। आने वाले घंटों और दिनों में दोनों पक्षों की कार्रवाइयाँ वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों और क्षेत्रीय स्थिरता को सीधे प्रभावित कर सकती हैं।