ईरान परमाणु हथियार की दहलीज से कुछ हफ्ते दूर — अमेरिकी सीनेट सुनवाई में गंभीर चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी संसद की सीनेट आर्म्ड सर्विसेज कमेटी की सुनवाई में 14 मई 2025 को वरिष्ठ अधिकारियों ने आगाह किया कि ईरान परमाणु हथियार बनाने योग्य यूरेनियम संवर्धन की सीमा से महज कुछ हफ्ते दूर रह गया है। ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने सांसदों को बताया कि ईरान पहले से ही 60 प्रतिशत तक यूरेनियम संवर्धन कर चुका है — एक स्तर जिसे विशेषज्ञ तकनीकी रूप से हथियार-योग्य सीमा के अत्यंत निकट मानते हैं।
सुनवाई में क्या हुआ
कमेटी के अध्यक्ष सीनेटर रोजर विकर ने सुनवाई में कहा कि दुनिया पहले से कहीं अधिक जटिल और खतरनाक हो चुकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि चीन और रूस अपने परमाणु शस्त्रागारों का तेज़ी से विस्तार और आधुनिकीकरण कर रहे हैं। विकर ने यह भी रेखांकित किया कि अमेरिका की मैनहैटन प्रोजेक्ट युग की परमाणु संरचना को अद्यतन करने में अस्वीकार्य देरी हो रही है।
अमेरिका की परमाणु तैयारी का दावा
ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने दावा किया कि अमेरिका एक साथ सात बड़े हथियार आधुनिकीकरण कार्यक्रम चला रहा है और ये सभी निर्धारित समय-सीमा से आगे हैं। उन्होंने कहा, 'न्यूक्लियर वार रोकने का सबसे अच्छा तरीका है कि अमेरिका की ताकत पर कोई सवाल न हो।' उनके अनुसार, अमेरिका का लक्ष्य प्रतिरोध क्षमता, सतर्कता और उत्पादन — तीनों को एक साथ मज़बूत करना है।
ईंधन कीमतों पर आर्थिक चिंता
डेमोक्रेट सांसद जैक रीड ने खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव को अमेरिकी परिवारों पर सीधे आर्थिक बोझ से जोड़ा। उन्होंने सार्वजनिक रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि ईरान-अमेरिका तनाव के कारण ईंधन कीमतों में हुई वृद्धि से अमेरिकी उपभोक्ताओं पर कुल मिलाकर करीब 37 अरब डॉलर का अतिरिक्त भार पड़ा है — जो औसतन प्रति परिवार लगभग 289 डॉलर बैठता है।
परमाणु परीक्षण और एआई की भूमिका
सुनवाई में सांसदों ने यह भी पूछा कि क्या अमेरिका दोबारा परमाणु विस्फोट परीक्षण शुरू करेगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि हथियारों की विश्वसनीयता जाँचने के लिए विस्फोटक परीक्षण की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आधुनिक तकनीकों से निरंतर परीक्षण जारी हैं। ब्रैंडन विलियम्स ने बताया कि अमेरिका हर वर्ष 1,000 से अधिक गैर-विस्फोटक परीक्षण करता है। इसके अलावा, परमाणु सुरक्षा और हथियार प्रणालियों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग के लिए लगभग 60 करोड़ डॉलर के निवेश की योजना है। अधिकारियों ने कहा कि बढ़ती ऊर्जा माँग के मद्देनज़र परमाणु ऊर्जा भविष्य में अमेरिका की ऊर्जा सुरक्षा में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
आगे क्या होगा
यह सुनवाई ऐसे समय हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर राजनयिक वार्ताएँ जारी बताई जा रही हैं। गौरतलब है कि ईरान का 60 प्रतिशत संवर्धन स्तर 2015 के JCPOA समझौते में तय सीमा से कहीं अधिक है, जो अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए गहरी चिंता का विषय बना हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, हथियार-योग्य स्तर तक पहुँचने के लिए 90 प्रतिशत संवर्धन की आवश्यकता होती है — और ईरान उस दिशा में तेज़ी से बढ़ रहा है।