क्या ईरानी राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र में रूस के समर्थन की सराहना की?
सारांश
Key Takeaways
- ईरान और रूस के बीच सहयोग मजबूत हो रहा है।
- संयुक्त राष्ट्र में रूस का समर्थन महत्वपूर्ण है।
- ईरान में हालिया सामाजिक-आर्थिक चुनौतियाँ बढ़ रही हैं।
- रूसी राष्ट्रपति का ईरान के प्रति सहानुभूति दर्शाना।
- अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में ईरान की स्थिति को बेहतर करने की कोशिश।
तेहरान, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ टेलीफोन वार्ता के दौरान संयुक्त राष्ट्र में ईरान के समर्थन में रूस की सहायता के लिए आभार व्यक्त किया। यह जानकारी ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय ने दी।
राष्ट्रपति कार्यालय की वेबसाइट पर जारी बयान में कहा गया है कि पेज़ेशकियन ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों में ईरान के “वैध अधिकारों” के समर्थन के लिए रूस की भूमिका की तारीफ की। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार की घरेलू नीति जनता-केंद्रित है और यह जनता की मांगों को सुनने तथा देश पर लगे हुए “क्रूर” प्रतिबंधों के कारण उत्पन्न समस्याओं को हल करने का प्रयास कर रही है।
पेज़ेशकियन ने पुतिन को ईरान में हाल की घटनाओं की जानकारी भी दी और इन घटनाओं में अमेरिका, इज़रायल और कुछ यूरोपीय देशों की प्रत्यक्ष भागीदारी का उल्लेख किया।
इस बातचीत के दौरान ईरानी राष्ट्रपति ने अर्थव्यवस्था, निवेश, परिवहन और ऊर्जा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच “बेहद अच्छे” सहयोग और समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय सहयोग परियोजनाएं सुचारू रूप से प्रगति कर रही हैं और किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ा।
वहीं, रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि रूस ईरान में हो रहे घटनाक्रमों पर गंभीरता से नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में ईरान में हुई घटनाएं ‘कलर रिवॉल्यूशन’ जैसे परिदृश्यों से मिलती-जुलती हैं।
पुतिन ने ईरान में “उपद्रवियों” द्वारा सरकारी, सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों पर हमले, साथ ही सुरक्षा और कानून प्रवर्तन बलों पर विदेशी समर्थन से किए गए हिंसक हमलों की निंदा की। उन्होंने भरोसा जताया कि ईरानी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से देश की आर्थिक स्थिति सुधरेगी।
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि रूस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान की स्थिति को स्पष्ट करने के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहा है और हमेशा ईरान के साथ संबंधों के विस्तार का स्वागत करता है।
गौरतलब है कि दिसंबर के अंत से ईरान के कई शहरों में रियाल की तेज गिरावट के विरोध में प्रदर्शन शुरू हुए थे। ईरानी अधिकारियों ने प्रदर्शनों को स्वीकार करते हुए आर्थिक समस्याओं के समाधान की बात की है, साथ ही हिंसा और अशांति के खिलाफ चेतावनी दी है।
शुरुआत में शांतिपूर्ण रहे ये प्रदर्शन बाद में हिंसक हो गए, जिससे हताहत हुए और सार्वजनिक संपत्तियों, मस्जिदों, सरकारी इमारतों और बैंकों को नुकसान पहुंचा। ईरानी अधिकारियों ने इन घटनाओं के लिए अमेरिका और इज़रायल को जिम्मेदार ठहराया है।