इजरायल ने तीन पत्रकारों की मौत मामले में सैनिक की गलती स्वीकार की, कार्रवाई का आश्वासन

Click to start listening
इजरायल ने तीन पत्रकारों की मौत मामले में सैनिक की गलती स्वीकार की, कार्रवाई का आश्वासन

सारांश

इजरायली डिफेंस फोर्स ने दक्षिण लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई के दौरान तीन पत्रकारों की मौत की जिम्मेदारी स्वीकार की है। जांच के बाद, कार्रवाई की प्रक्रिया का आश्वासन दिया गया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।

Key Takeaways

  • इजरायल ने स्वीकार की गलती
  • आरोपी सैनिक के खिलाफ होगी कार्रवाई
  • पत्रकारों की सुरक्षा का महत्व
  • आईडीएफ ने किया माफी का प्रस्ताव
  • बटालियन की तैनाती रोकी गई

तेल अवीव, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दक्षिण लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल की कार्रवाई के दौरान तीन पत्रकारों की जान जाने का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच के बाद, इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने इस मामले में सैनिक की चूक को स्वीकार किया है और बताया है कि विस्तृत जांच के पश्चात आरोपी सैनिक के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

आईडीएफ ने जानकारी दी है कि जनरल स्टाफ के प्रमुख ने जूडिया और सामरिया क्षेत्र में एक अवैध चौकी को हटाने के दौरान पत्रकारों के साथ आईडीएफ सैनिकों के व्यवहार की जांच पूरी कर ली है।

इस घटना पर टिप्पणी करते हुए जनरल स्टाफ के प्रमुख एलटीजी इयाल जमीर ने कहा, "यह एक गंभीर नैतिक घटना है, जो आईडीएफ के सिद्धांतों एवं मूल्यों के खिलाफ है। हम सभी ने सेवा में शामिल होने का संकल्प लिया था कि हथियारों का उपयोग केवल मिशन पूरा करने के लिए किया जाएगा, बदला लेने हेतु नहीं। हम आईडीएफ में ऐसी घटनाओं के प्रति सहिष्णुता नहीं रखेंगे। विशेषकर इस न्यायपूर्ण और ऐतिहासिक संघर्ष के दौरान, आईडीएफ की लीडरशिप और मूल्यों का संरक्षण करना हमारा दायित्व है।"

एलटीजी इयाल जमीर ने आगे कहा, "नेत्जा येहुदा बटालियन, जिसमें पुराने सैनिकों की रिजर्व बटालियन भी शामिल है, हमारे लिए महत्वपूर्ण है और हमने इसे सशक्त बनाने में काफी निवेश किया है। लेकिन आईडीएफ में गलत आचरण के लिए कोई स्थान नहीं है। हमारे मूल्यों की रक्षा की जिम्मेदारी सबसे पहले कमांडरों की होती है, और हम इसमें किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे।"

आईडीएफ के बयान में कहा गया कि सेंट्रल कमांड के कमांडर द्वारा घटना की समीक्षा के बाद, जांच के परिणाम रविवार को जनरल स्टाफ के प्रमुख को प्रस्तुत किए गए। जांच में शामिल थे, गवर्नमेंट एक्टिविटीज इन द टेरिटरीज के समन्वयक, पर्सनल डायरेक्टरेट के प्रमुख, मिलिट्री एडवोकेट जनरल और जूडिया एंड सामरिया डिवीजन के कमांडर। जांच के नतीजे बताते हैं कि जिन सैनिकों का नाम लिया गया है, वे टकराव को रोकने के लिए प्रयासरत थे। सैनिक अवैध चौकी को हटाने के प्रयास में थे।

बयान में यह भी उल्लेख किया गया कि इस दौरान पत्रकारों की एक टीम कई फिलिस्तीनियों के साथ मौके पर उपस्थित हुई। इलाके में काम कर रहे सैनिकों ने रिपोर्टिंग टीम और फिलिस्तीनी लोगों के बीच पहचान की पुष्टि की और दोनों समूहों की सुरक्षा जांच की। सुरक्षा जांच के बाद, टीम के एक सदस्य को छोड़कर शेष सभी को जाने दिया गया, क्योंकि उसकी पहचान एक पत्रकार के रूप में हुई थी।

आईडीएफ ने माना कि ग्राउंड पर मौजूद सैनिकों ने संवाददाताओं के साथ बातचीत के दौरान दुर्व्यवहार किया। बयान में कहा गया कि ऐसा व्यवहार आईडीएफ के मूल्यों के अनुकूल नहीं है। अब इस मामले में आरोपी इजरायली सैनिक के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आईडीएफ ने कहा कि जांच में पत्रकारों के साथ सैनिकों के व्यवहार में कई कमियां पाई गईं। आईडीएफ प्रेस की स्वतंत्रता का सम्मान करता है और इस घटना पर खेद व्यक्त करता है। इजरायली डिफेंस फोर्स ने घटना के दौरान और बाद में, रिपोर्टरों से सीधे संवाद बनाए रखा और व्यक्तिगत रूप से माफी भी मांगी।

आईडीएफ ने घटना की जांच के बाद बटालियन की ऑपरेशनल तैनाती को तुरंत रोकने का निर्णय लिया है। बटालियन अब रिजर्व सर्विस में रहेगी और अपने पेशेवर तथा नॉर्मेटिव मानकों को सुदृढ़ करने के लिए प्रक्रिया से गुजरेगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद और सेंट्रल कमांड के कमांडर के निर्णयानुसार बटालियन फिर से ऑपरेशन शुरू कर सकेगी।

जनरल स्टाफ के प्रमुख ने बटालियन कमांडर की इन मूल सिद्धांतों को मजबूत करने की प्रक्रिया में नेतृत्व की क्षमता पर भरोसा जताया। उन्होंने यह भी कहा कि आईडीएफ सैनिकों को संयमित रहना चाहिए, लीडरशिप प्रदर्शित करनी चाहिए और अपनी यूनिफॉर्म एवं जिस सेना का वे प्रतिनिधित्व करते हैं, उसके प्रति सम्मान प्रकट करना चाहिए। बयान में कहा गया कि आईडीएफ सैनिकों द्वारा प्रतिशोध की मांग करने वाले बयान अत्यंत गंभीर होते हैं, विशेषकर जब कोई सैनिक ऐसे हथियार लेकर आए।

Point of View

NationPress
31/03/2026

Frequently Asked Questions

इस घटना में क्या हुआ?
दक्षिण लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल की कार्रवाई के दौरान तीन पत्रकारों की मौत हुई।
इजरायल डिफेंस फोर्स ने क्या कहा?
आईडीएफ ने सैनिक की गलती को स्वीकार किया और कार्रवाई का आश्वासन दिया।
आगे क्या कार्रवाई होगी?
जांच के आधार पर आरोपी सैनिक के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना से क्या संदेश मिलता है?
यह घटना पत्रकारों के सुरक्षा के महत्व को दर्शाती है।
आईडीएफ ने क्या कदम उठाए हैं?
आईडीएफ ने जांच के बाद बटालियन की तैनाती को रोकने का निर्णय लिया है।
Nation Press