इजरायल चुनाव 2026: राजदूत रूवेन अजार ने नई दिल्ली में डाला वोट, 27 अक्टूबर से पहले दूतावास में मतदान
सारांश
मुख्य बातें
भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने 15 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित इजरायली दूतावास में 27 अक्टूबर को होने वाले इजरायली संसदीय चुनावों के लिए अग्रिम मतदान किया। विदेश में तैनात राजनयिक अधिकारियों के लिए यह प्रक्रिया इसलिए अपनाई जाती है ताकि उनके मतपत्र समय पर इजरायल पहुँच सकें और चुनाव परिणाम में शामिल हो सकें।
दूतावास ने एक्स पर साझा की तस्वीर
भारत में इजरायली दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राजदूत अजार की मतदान करते हुए फोटो साझा की। दूतावास ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में इजरायल के लिए मतदान। भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने 27 अक्टूबर को होने वाले चुनावों से पहले नई दिल्ली में अपना वोट डाला।' यह पोस्ट दोनों देशों के लोकतांत्रिक संबंधों की एक प्रतीकात्मक झलक के रूप में चर्चा में रही।
मुंबई में भी राजनयिकों ने किया मतदान
मुंबई स्थित इजरायल के महावाणिज्य दूतावास के अधिकारियों ने भी चुनाव से पूर्व अपने मत का प्रयोग किया। मिड-वेस्ट भारत में इजरायल के महावाणिज्य दूतावास ने एक्स पर लिखा, 'आज मुंबई में इजरायल के महावाणिज्य दूतावास के राजनयिकों ने नेसेट चुनाव के लिए मतदान किया। हर वोट अहम है, चाहे वह येरुशलम में डाला जाए या मुंबई में।' गौरतलब है कि दुनिया भर में इजरायली दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में तैनात सभी अधिकारी व कर्मचारी इसी अग्रिम मतदान प्रक्रिया के तहत वोट डालते हैं।
इजरायली चुनाव: सर्वेक्षणों में कड़ी टक्कर के संकेत
27 अक्टूबर को होने वाले नेसेट (इजरायली संसद) चुनाव में अभी लगभग दो सप्ताह शेष हैं। इजरायली मीडिया संस्थानों — मारिव, चैनल 13 और केएएन न्यूज़ — के सर्वेक्षणों के अनुसार मुकाबला काफी करीबी रहने का अनुमान है और किसी भी गुट को स्पष्ट बहुमत मिलता नहीं दिख रहा। सर्वेक्षणों में प्रधानमंत्री पद के प्रमुख उम्मीदवार गादी आइजनकोट की याशार पार्टी सबसे आगे बताई जा रही है।
किसी को नहीं मिल रहा स्पष्ट बहुमत
औसत सर्वेक्षण आँकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन और विपक्षी जियोनिस्ट गुट, दोनों को लगभग 52-52 सीटें मिलने का अनुमान है। नेसेट में बहुमत के लिए 61 सीटें आवश्यक हैं, और किसी भी पक्ष के लिए यह आँकड़ा छूना आसान नहीं दिख रहा। यह चुनावी गतिरोध इजरायल के राजनीतिक भविष्य को अनिश्चित बनाए हुए है।
आगे क्या
27 अक्टूबर 2026 को इजरायल में मतदान के बाद परिणाम आने की उम्मीद है। यदि कोई भी गुट स्पष्ट बहुमत नहीं जुटा पाया, तो गठबंधन वार्ता और सरकार गठन में हफ्तों या महीनों का समय लग सकता है — यह ऐसे समय में आया है जब इजरायल कई मोर्चों पर जटिल भू-राजनीतिक दबावों से जूझ रहा है।