इजरायली राजदूत रूवेन अजार ने एक्स पर की भारत-इजरायल स्टार्टअप इकोसिस्टम और शिक्षा की तारीफ
सारांश
मुख्य बातें
भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने 4 अगस्त को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए भारत और इजरायल के स्टार्टअप इकोसिस्टम, उच्च शिक्षा और नवाचार क्षमता की सराहना की। यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर बातचीत में उल्लेखनीय तेजी देखी जा रही है।
स्टैनफोर्ड विश्लेषण का सार
अजार ने अपनी पोस्ट में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के एक नए विश्लेषण का हवाला दिया, जिसके अनुसार अमेरिका के बाहर की 18 शीर्ष यूनिवर्सिटी में से 6 इजरायली और 5 भारतीय संस्थान उन विश्वविद्यालयों में शामिल हैं, जिनके स्नातकों द्वारा वेंचर-बैक्ड स्टार्टअप शुरू करने और आगे चलकर यूनिकॉर्न कंपनी बनाने की संभावना सबसे अधिक है। यह विश्लेषण वेंचर कैपिटल फंडिंग और यूनिकॉर्न निर्माण दर के आधार पर किया गया है। अजार ने इस संदर्भ में द जेरुसलेम पोस्ट का एक लेख भी अपनी पोस्ट के साथ साझा किया।
इजरायली विश्वविद्यालयों का प्रदर्शन
स्टैनफोर्ड के इस विश्लेषण में नेगेव की बेन-गुरियन यूनिवर्सिटी इजरायल में पहले और अमेरिका के बाहर की यूनिवर्सिटी में तीसरे स्थान पर रही। इसका ऑड्स रेशियो 6.6 रहा, जो सूची में सर्वोच्च है। इसके बाद राइखमान विश्वविद्यालय (ऑड्स रेशियो 5.4), टेक्नियन-इजरायल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (3.1), बार-इलान विश्वविद्यालय (2.9), तेल अवीव विश्वविद्यालय (2.8) और हिब्रू विश्वविद्यालय, यरूशलम (2.2) का स्थान रहा। किसी भी अन्य देश की तुलना में इजरायल के सर्वाधिक 6 संस्थान शीर्ष 18 में जगह पाने में सफल रहे।
भारत की स्थिति और वैश्विक तुलना
शीर्ष 18 में भारत के 5 संस्थान शामिल रहे, जबकि कनाडा के 3 और यूनाइटेड किंगडम के 2 संस्थानों को इस सूची में स्थान मिला। यह आँकड़ा भारत के उभरते स्टार्टअप परिदृश्य और उच्च शिक्षा की बढ़ती वैश्विक साख को रेखांकित करता है। गौरतलब है कि भारत वर्तमान में दुनिया के शीर्ष तीन स्टार्टअप इकोसिस्टम में गिना जाता है।
भारत-इजरायल संबंधों का संदर्भ
राजदूत अजार का यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग लगातार गहरा हो रहा है। भारत-इजरायल मुक्त व्यापार समझौते पर चल रही बातचीत ने हाल के महीनों में रफ्तार पकड़ी है, और इस विश्लेषण का साझा किया जाना दोनों देशों के बीच ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था में साझेदारी को और मजबूत करने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
आगे की संभावनाएँ
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के विश्लेषण भारत और इजरायल के बीच उच्च शिक्षा, अनुसंधान एवं विकास, और स्टार्टअप निवेश के क्षेत्र में नई संयुक्त पहलों की ज़मीन तैयार कर सकते हैं। दोनों देशों के बीच FTA के अंतिम रूप लेने पर तकनीकी स्टार्टअप और वेंचर कैपिटल प्रवाह को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।