इजरायल-लेबनान सीजफायर का स्वागत: खाड़ी देशों ने उल्लंघन से बचने की अपील की
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नई दिल्ली, १७ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। इजरायल और लेबनान के बीच एक दस दिनों का सीजफायर लागू हुआ है, जिससे लेबनान के नागरिकों में खुशी का माहौल है। लोग जश्न मनाते हुए पटाखे जला रहे हैं। विश्व के अन्य देशों के नेताओं ने भी इस सीजफायर के निर्णय का स्वागत किया है।
ईरान ने इस सीजफायर का स्वागत किया है। सरकारी मीडिया तस्नीम के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ईरान लेबनान में सीजफायर का समर्थन करता है।
ईरानी प्रवक्ता ने यह भी कहा कि लेबनान ईरान और अमेरिका के बीच हुए सीजफायर का हिस्सा है, जबकि अमेरिका ने इस पर कहा कि लेबनान उस समझौते का हिस्सा नहीं था। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इसे एक गलतफहमी करार दिया।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस सीजफायर का समर्थन करते हुए कहा कि इसे सैन्य गतिविधियों के चलते नुकसान हो सकता है। उन्होंने आम लोगों की सुरक्षा की मांग की और हिज्बुल्लाह से अपील की कि वे अपने हथियार छोड़ दें।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी इस सीजफायर का स्वागत किया है और कहा कि यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रयासों से संभव हुआ है। उन्होंने लेबनान की संप्रभुता के लिए पाकिस्तान के समर्थन की पुष्टि की।
संयुक्त अरब अमीरात ने उम्मीद जताई कि यह सीजफायर क्षेत्रीय स्थिरता में योगदान देगा।
जॉर्डन ने लेबनान के नेतृत्व की सराहना की, जबकि सऊदी अरब और ओमान ने सीजफायर के पालन पर जोर दिया।
मिस्र ने इजरायल से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का सम्मान करने को कहा है।
न्यूजीलैंड ने भी इस सीजफायर का स्वागत करते हुए कहा कि सभी पक्षों को इसे लागू करना चाहिए।