फ्लाईदुबई आतंकी हमले के बाद इजरायल ने एयरलाइंस के लिए जारी किए सख्त सुरक्षा दिशा-निर्देश, 48 घंटे पहले देनी होगी क्रू की जानकारी
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल ने 30 अक्टूबर 2026 को विमानन सुरक्षा के लिए नए और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं — यह कदम 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की एक उड़ान में कथित आतंकी हमले की कोशिश नाकाम होने के करीब एक महीने बाद उठाया गया है। नए नियमों के तहत इजरायल आने और वहाँ से रवाना होने वाली सभी घरेलू व विदेशी एयरलाइंस को उड़ान से 48 घंटे पहले चालक दल के सदस्यों की पूरी जानकारी अधिकारियों को देनी होगी। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ये उपाय प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निर्देश पर की गई सुरक्षा समीक्षा के बाद लागू किए गए हैं।
नए सुरक्षा नियमों का ब्यौरा
इजरायल के टैक्स अथॉरिटी के अधीन नेशनल सेंटर फॉर पैसेंजर डेटा एनालिसिस की ओर से जारी इन निर्देशों के अनुसार, एयरलाइंस को चालक दल की जानकारी में होने वाले किसी भी बदलाव की सूचना उड़ान से कम से कम दो घंटे पहले देनी होगी। इसके अतिरिक्त, विमान के उड़ान भरने के समय चालक दल की अंतिम सूची भी संबंधित प्राधिकरण को जमा करनी अनिवार्य होगी।
'द टाइम्स ऑफ इजरायल' की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल आने-जाने वाले सभी गैर-इजरायली नागरिकों — जिनमें पायलट, केबिन क्रू और यात्री शामिल हैं — को देश में प्रवेश से 48 घंटे पहले ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। इस फॉर्म में दी गई जानकारी की जाँच जनसंख्या प्राधिकरण करेगा।
मोसाद और शिन बेट की भूमिका का विस्तार
रिपोर्टों के अनुसार, इजरायली खुफिया एजेंसियों मोसाद और शिन बेट ने कुछ देशों को 'रेड' श्रेणी में रखा है। इन देशों से आने वाले यात्रियों के प्रवेश फॉर्म और वीजा आवेदनों की विशेष जाँच की जाएगी। इससे पहले शिन बेट केवल इजरायली एयरलाइंस की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करता था और इजरायल से रवाना होने वाली उड़ानों को सुरक्षा कवच प्रदान करता था। अब यह एजेंसी इजरायल आने वाली विदेशी एयरलाइंस और उनके विदेशी प्रस्थान स्थलों पर भी सुरक्षा प्रक्रियाओं की जिम्मेदारी संभालेगी।
यह बदलाव इजरायल की विमानन सुरक्षा के दायरे में एक महत्वपूर्ण विस्तार को दर्शाता है, जो अब तक मुख्यतः घरेलू उड़ानों तक सीमित था।
फ्लाईदुबई घटना: वह रात जिसने बदले नियम
30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में ओमानी सह-पायलट हमाम अल हमामी ने उड़ान के दौरान भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर क्रैश एक्स से हमला किया था। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अभियोजकों ने इस घटना को आतंकी हमला करार दिया था।
गंभीर रूप से घायल कैप्टन मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद चालक दल के सदस्यों और यात्रियों ने हस्तक्षेप कर सह-पायलट को काबू कर लिया। इस साहसी कार्रवाई ने विमान में संभावित बड़े हादसे को टालने में निर्णायक भूमिका निभाई।
कैप्टन मच्छर और चालक दल को सम्मान
इस सप्ताह की शुरुआत में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने घटना में असाधारण साहस और पेशेवर क्षमता के प्रदर्शन के लिए कैप्टन स्मित मच्छर और फ्लाईदुबई के चालक दल को 'फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II' से सम्मानित किया। यह प्रतिष्ठित सम्मान आपात स्थिति में यात्रियों और विमान की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उनके साहसिक प्रयासों की मान्यता में दिया गया।
कैप्टन मच्छर की बहादुरी की भारत, यूएई, इजरायल और अमेरिका के नेताओं ने भी सराहना की है। यह घटना अब वैश्विक विमानन सुरक्षा नीति में बदलाव का आधार बन रही है, और इजरायल के नए नियम उसी दिशा में पहला ठोस कदम हैं।