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जापान में पहली बार 'कोकुशोबी' दिन दर्ज: तीन शहरों में तापमान 40°C के पार, JMA की नई चेतावनी

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जापान में पहली बार 'कोकुशोबी' दिन दर्ज: तीन शहरों में तापमान 40°C के पार, JMA की नई चेतावनी

सारांश

जापान ने 22 जुलाई को अपना पहला आधिकारिक 'कोकुशोबी' दिन दर्ज किया — वह नई श्रेणी जो JMA ने इसी अप्रैल में 40°C+ तापमान के लिए बनाई थी। तीन शहरों में पारा 40 डिग्री के पार गया और 731 केंद्रों पर 30°C से ऊपर का तापमान रहा। यह जापान की जलवायु-सुरक्षा नीति में एक नई दहलीज़ है।

मुख्य बातें

जापान में 22 जुलाई 2025 को पहली बार आधिकारिक 'कोकुशोबी' (40°C+ गर्म दिन) दर्ज हुआ।
ताजिमी में 40.3°C , टोयोदा में 40.1°C और गुजो में 40.0°C तापमान रिकॉर्ड किया गया।
914 में से 731 मौसम केंद्रों पर तापमान 30°C या उससे अधिक रहा; 272 स्थानों पर 'मोशोबी' श्रेणी लागू हुई।
JMA ने 'कोकुशोबी' शब्द अप्रैल 2025 में पेश किया था — यह पहले से मौजूद 'मोशोबी' (35°C+) से ऊपर की श्रेणी है।
एक हाई-प्रेशर सिस्टम रविवार से जापानी द्वीपसमूह पर सक्रिय है; बुधवार तक गर्मी जारी रहने की चेतावनी।

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने 22 जुलाई 2025 को आधिकारिक रूप से देश का पहला 'कोकुशोबी' (अत्यंत गर्म दिन) दर्ज किया, जब मध्य जापान के तीन शहरों — गिफू प्रांत के ताजिमी, गुजो और आइची प्रांत के टोयोदा — में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक पहुँच गया। यह उस नई श्रेणी का पहला व्यावहारिक प्रयोग है जिसे JMA ने अप्रैल 2025 में अत्यधिक गर्मी के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से अपने शब्दकोश में जोड़ा था।

तापमान के आँकड़े: कहाँ कितनी गर्मी

ताजिमी (गिफू प्रांत) में अधिकतम तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस, टोयोदा (आइची प्रांत) में 40.1 डिग्री सेल्सियस और गुजो (गिफू प्रांत) में 40.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इनके अलावा, नागोया में 39.7 डिग्री सेल्सियस और सैतामा प्रांत के कुमागाया में 38.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया — जो 'कोकुशोबी' की सीमा से बस कुछ कदम पीछे रहे।

देश के कुल 914 मौसम निगरानी केंद्रों में से 731 केंद्रों पर दोपहर 3 बजे तक अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज हुआ। इनमें से 272 स्थानों पर तापमान इतना ऊँचा रहा कि उन्हें पहले से स्थापित श्रेणी 'मोशोबी' (अत्यधिक गर्म दिन, यानी 35°C या अधिक) में रखा गया।

'कोकुशोबी' क्या है और इसे क्यों बनाया गया

JMA ने अप्रैल 2025 में 'कोकुशोबी' शब्द को आधिकारिक मौसम शब्दावली में शामिल किया। यह उन दिनों के लिए आरक्षित है जब तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक पहुँचे — पहले से मौजूद 'मोशोबी' (35°C+) से एक पायदान ऊपर। एजेंसी का उद्देश्य है कि इस विशिष्ट वर्गीकरण के ज़रिये आम नागरिकों को खतरे की गंभीरता का तत्काल और स्पष्ट संकेत मिल सके।

गौरतलब है कि जापान में गर्मी से होने वाली मौतें और हीट स्ट्रोक के मामले हाल के वर्षों में लगातार बढ़े हैं। यह ऐसे समय में आया है जब जलवायु वैज्ञानिक चेतावनी दे रहे हैं कि एशिया में 40°C से ऊपर के तापमान वाले दिनों की संख्या आने वाले दशकों में तेज़ी से बढ़ेगी।

मौसम का कारण: हाई-प्रेशर सिस्टम

मौसम एजेंसी के अनुसार, रविवार के आसपास से एक उच्च दबाव प्रणाली (हाई-प्रेशर सिस्टम) ने जापानी द्वीपसमूह के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में लेना शुरू किया। इस प्रणाली ने जमीन के निकट और ऊपरी वायुमंडल — दोनों स्तरों पर गर्म हवा को बाँधे रखा, जिससे तापमान में असामान्य रूप से तेज़ वृद्धि हुई।

सरकार और एजेंसी की चेतावनी

JMA ने आगाह किया है कि बुधवार से देश के कई हिस्सों में तापमान ऊँचा बना रह सकता है। एजेंसी ने नागरिकों से हीट स्ट्रोक और गर्मी से जुड़ी अन्य बीमारियों से बचाव के लिए पर्याप्त जलयोजन, एयर कंडीशनिंग का उपयोग और बाहरी गतिविधियों से परहेज़ करने की अपील की है। यह पहली बार है कि 'कोकुशोबी' जैसी नई श्रेणी के तहत आधिकारिक चेतावनी जारी हुई है, जो जापान की मौसम-सुरक्षा नीति में एक महत्त्वपूर्ण बदलाव का संकेत देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सार्वजनिक स्वास्थ्य अलर्ट प्रणाली और शहरी ताप-द्वीप नीति — भी उतनी ही तेज़ी से आएँगे। जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में, यह पहला 'कोकुशोबी' दिन एक अपवाद नहीं, बल्कि एक नई सामान्यता की शुरुआत हो सकता है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'कोकुशोबी' क्या होता है और यह 'मोशोबी' से कैसे अलग है?
'कोकुशोबी' जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) द्वारा अप्रैल 2025 में पेश की गई नई श्रेणी है, जो उन दिनों के लिए है जब तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक पहुँचे। 'मोशोबी' (अत्यधिक गर्म दिन) की सीमा 35°C है, जबकि 'कोकुशोबी' उससे एक पायदान ऊपर और अधिक खतरनाक स्थिति को दर्शाता है।
जापान में 22 जुलाई को किन शहरों में 40°C से अधिक तापमान दर्ज हुआ?
गिफू प्रांत के ताजिमी (40.3°C) और गुजो (40.0°C), तथा आइची प्रांत के टोयोदा (40.1°C) में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार गया। नागोया में 39.7°C और कुमागाया में 38.6°C दर्ज हुआ।
इस भीषण गर्मी का कारण क्या है?
JMA के अनुसार, रविवार से एक उच्च दबाव प्रणाली (हाई-प्रेशर सिस्टम) जापानी द्वीपसमूह के बड़े हिस्से पर सक्रिय है। इसने जमीन के पास और ऊपरी वायुमंडल दोनों में गर्म हवा को बाँधे रखा, जिससे तापमान में तेज़ वृद्धि हुई।
JMA ने नागरिकों को क्या सावधानियाँ बरतने की सलाह दी है?
JMA ने हीट स्ट्रोक और गर्मी से जुड़ी बीमारियों से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पीने, एयर कंडीशनिंग का उपयोग करने और बाहरी गतिविधियाँ सीमित करने की अपील की है। एजेंसी ने यह भी चेतावनी दी है कि बुधवार तक देश के कई हिस्सों में तापमान ऊँचा बना रह सकता है।
22 जुलाई को जापान के कितने मौसम केंद्रों पर असामान्य गर्मी दर्ज हुई?
देश के 914 मौसम निगरानी केंद्रों में से 731 पर दोपहर 3 बजे तक तापमान 30°C या उससे अधिक रहा। इनमें से 272 स्थानों पर 'मोशोबी' श्रेणी लागू हुई, जबकि तीन स्थानों पर पहली बार 'कोकुशोबी' श्रेणी दर्ज हुई।
राष्ट्र प्रेस
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