काशीमपुर जेल में राजनीतिक बंदियों को भोजन-पानी से वंचित रखने का आरोप, अवामी लीग ने स्वतंत्र जांच की मांग की
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी अवामी लीग ने गाजीपुर जिले की काशीमपुर हाई सिक्योरिटी सेंट्रल जेल में राजनीतिक बंदियों के साथ गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लगाए हैं। पार्टी ने बंदियों के परिवारों और पूर्व कैदियों के हवाले से कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के वर्चुअल संबोधन के बाद अवामी लीग से जुड़े कैदियों को जानबूझकर भोजन और सुरक्षित पेयजल से वंचित रखा गया।
मुख्य आरोप: क्या बताया गया
जेल सूत्रों और पूर्व बंदियों के हवाले से अवामी लीग ने आरोप लगाया कि जब भी हसीना कोई सार्वजनिक बयान देती हैं, तब राजनीतिक कैदियों को सामूहिक दंड दिया जाता है — जिसमें नियमित भोजन वितरण निलंबित कर दिया जाता है और आवश्यक सेवाओं तक पहुँच बंद कर दी जाती है।
बंदियों के रिश्तेदारों के अनुसार, बुधवार को हसीना के वर्चुअल संबोधन के बाद दिनभर कैदियों को भोजन नहीं मिला। पूर्व कैदियों ने यह भी बताया कि अपने पैसे से जेल कैंटीन से खाना खरीदने की कोशिश करने वाले कैदियों को बार-बार रोका गया।
एक पूर्व बंदी ने आरोप लगाया कि कई बार कैदियों को सुरक्षित पेयजल की जगह वॉशरूम के पानी पर निर्भर रहने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने इसे 'अमानवीय और मानवीय व्यवहार के बुनियादी मानकों के खिलाफ अपमानजनक' बताया।
अंतरराष्ट्रीय मानकों का हवाला
अवामी लीग ने कहा, 'अगर ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त मानवाधिकार मानकों का उल्लंघन होगा — इसमें संयुक्त राष्ट्र के नेल्सन मंडेला नियम भी शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि कैदियों को पर्याप्त भोजन, स्वच्छ पेयजल मिले और उनके साथ बिना भेदभाव एवं सामूहिक दंड के गरिमापूर्ण व्यवहार हो।'
पार्टी ने यह भी कहा कि मानवाधिकार कार्यकर्ता लंबे समय से यह माँग करते आए हैं कि सभी बंदियों को — चाहे उनकी राजनीतिक संबद्धता कुछ भी हो — घरेलू कानून और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानदंडों के तहत बुनियादी सुरक्षा का अधिकार मिले।
स्वतंत्र जांच की मांग
अवामी लीग ने हिरासत में लिए गए लोगों के परिवारों की ओर से स्वतंत्र जांच की माँग की है। पार्टी ने बांग्लादेशी अधिकारियों से आग्रह किया है कि सभी कैदियों को पर्याप्त भोजन, सुरक्षित पेयजल, चिकित्सा देखभाल और दुर्व्यवहार से सुरक्षा तत्काल सुनिश्चित की जाए।
शेख हसीना का वर्चुअल संबोधन और उनके बयान
यह विवाद उस दिन सामने आया जब नई दिल्ली में ऑडियो लिंक के ज़रिए प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शेख हसीना ने कहा कि पिछले दो वर्षों में बांग्लादेश की स्थिति और खराब हुई है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के सत्ता में आने के बाद भी लोग 'डर, असुरक्षा और आर्थिक संकट' के माहौल में जी रहे हैं। उन्होंने हाल के चुनाव को 'धांधली वाला' बताया।
पिछले दो वर्षों से भारत में निर्वासन में रह रही हसीना ने यह भी घोषणा की कि वे वर्ष के अंत तक बांग्लादेश लौटेंगी। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश में राजनीतिक तनाव चरम पर है और अवामी लीग के कई नेता कथित तौर पर हिरासत में हैं।
आगे की स्थिति
फिलहाल बांग्लादेशी जेल प्रशासन या सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अवामी लीग का कहना है कि जब तक स्वतंत्र जांच नहीं होती, तब तक ये आरोप अनुत्तरित रहेंगे और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों का ध्यान इस ओर खींचना ज़रूरी है।