कीर्तिवर्धन सिंह का कोट द'आइवोर दौरा सफल: भारत-अफ्रीका संबंधों को मिली नई मजबूती
सारांश
मुख्य बातें
विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह की कोट द'आइवोर यात्रा को भारत के पश्चिम अफ्रीका के साथ बढ़ते कूटनीतिक जुड़ाव में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए विदेश मंत्रालय (MEA) ने 14 अगस्त 2025 को कहा कि इस दौरे ने दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को और विस्तार देने का सकारात्मक आधार तैयार किया है। यह यात्रा अफ्रीका के साथ भारत के व्यापक रणनीतिक जुड़ाव की नीति का अभिन्न हिस्सा रही।
यात्रा का विवरण और मुख्य घटनाक्रम
कीर्तिवर्धन सिंह ने कोट द'आइवोर सरकार के आमंत्रण पर 6 से 8 अगस्त के बीच आबिदजान की आधिकारिक यात्रा की। इस दौरान उन्होंने पश्चिम अफ्रीकी देश के 66वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया — जो स्वयं में दोनों देशों के बीच गहरी मित्रता का प्रतीक है।
राष्ट्रीय दिवस परेड में भारतीय सशस्त्र बलों की मार्चिंग टुकड़ी ने भी हिस्सा लिया, जिसे विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों के बीच सद्भावना और मित्रता का प्रतिबिंब बताया।
उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता
यात्रा के दौरान कीर्तिवर्धन सिंह ने कोट द'आइवोर की विदेश मामलों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्री नियाले काबा के साथ व्यापक द्विपक्षीय बातचीत की। उन्होंने राष्ट्रपति अलासाने ओत्तारा से भी मुलाकात की।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इन वार्ताओं में आर्थिक एवं विकास साझेदारी, रक्षा और सुरक्षा सहयोग तथा दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी संपर्क जैसे प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने भारत-कोट द'आइवोर बहुआयामी साझेदारी को और सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
भारतीय समुदाय से संवाद
यात्रा का एक उल्लेखनीय पहलू आबिदजान में प्रवासी भारतीय समुदाय के साथ मंत्री की मुलाकात रही। सिंह ने भारत और कोट द'आइवोर के संबंधों को प्रगाढ़ बनाने में भारतीय डायस्पोरा की भूमिका की सराहना की।
उन्होंने विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, कल्याण और हितों के प्रति भारत सरकार की अटूट प्रतिबद्धता भी दोहराई।
अफ्रीका नीति के व्यापक संदर्भ में महत्व
यह ऐसे समय में आया है जब भारत पिछले कुछ वर्षों में अफ्रीकी देशों के साथ अपने कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों को व्यवस्थित रूप से विस्तार दे रहा है। गौरतलब है कि 2023 के जी-20 शिखर सम्मेलन में अफ्रीकी संघ को स्थायी सदस्यता दिलाने में भारत की सक्रिय भूमिका रही थी।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, कीर्तिवर्धन सिंह की यह यात्रा भारत-कोट द'आइवोर संबंधों को नई ऊर्जा देने में सफल रही है और आने वाले समय में दोनों देशों के बीच सहयोग के नए आयाम खुलने की उम्मीद है।