31 जुलाई 2026
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क्या पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के पीछे बैठी महिला ने छेड़ा सियासी संग्राम?

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क्या पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के पीछे बैठी महिला ने छेड़ा सियासी संग्राम?

सारांश

क्या पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के पीछे बैठी शमा जुनेजो ने सियासी विवाद को जन्म दिया? इस घटना ने विदेश कार्यालय को सफाई देने पर मजबूर कर दिया। जानिए इस राजनीतिक हलचल के पीछे की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के पीछे शमा जुनेजो की उपस्थिति ने सियासी विवाद उत्पन्न किया।
विदेश कार्यालय ने स्थिति स्पष्ट करने की आवश्यकता महसूस की।
सोशल मीडिया पर जुनेजो के पुराने ट्वीट्स ने विवाद को बढ़ाया।

नई दिल्ली, 27 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। 25 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की बैठक में एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने पाकिस्तान सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। बैठक में पाक के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के पीछे एक ऐसी महिला नजर आईं, जिन्हें इजरायल का समर्थक माना जाता है। यह स्थिति पाकिस्तान के उस दावे को कमजोर करती है जिसमें वह खुद को फिलिस्तीन का रक्षक बताता है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और तस्वीरों में नजर आईं ये महिला एक स्तंभकार-लेखिका हैं, जिनका नाम शमा जुनेजो है। उनके दिखाई देने के बाद सरकार की नीति पर सवाल उठने लगे, जिससे विदेश कार्यालय को स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी।

असल में, 25 सितंबर को रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर एक सत्र को संबोधित किया था। उनके भाषण की तस्वीरें जैसे ही सोशल मीडिया पर आईं, लोगों का ध्यान उनके पीछे बैठी जुनेजो पर गया। इसके बाद, उनके पुराने ट्वीट्स जो इजरायल के प्रति समर्थन दर्शाते थे, फिर से शेयर होने लगे।

सोशल मीडिया पर बढ़ते हंगामे के बाद आसिफ ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की जगह भाषण दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि विदेश कार्यालय को इस मामले में जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

आसिफ ने अपने भावनात्मक लगाव को देखते हुए कहा, "फिलिस्तीन के मुद्दे से मेरा संबंध मेरे धर्म का हिस्सा है।" उन्होंने जुनेजो के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब विदेश कार्यालय को देने की बात कही।

विदेश कार्यालय ने इस मुद्दे पर जानकारी दी कि जुनेजो का नाम संयुक्त राष्ट्र महासभा के आधिकारिक परिचय पत्र में नहीं था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उनके बैठने की मंजूरी नहीं थी।

इस स्थिति में जुनेजो ने भी अपने पुराने ट्वीट्स साझा किए, जिसमें उन्होंने गाजा में इजरायल के आक्रमण की निंदा की थी। उन्होंने कहा कि यह सब उनके खिलाफ एक अभियान है क्योंकि लोग उनसे डरते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस घटना का पाकिस्तान की विदेश नीति पर क्या असर पड़ेगा?
यह घटना पाकिस्तान की विदेश नीति में पारदर्शिता की आवश्यकता को दर्शाती है, खासकर जब यह फिलिस्तीनी मुद्दे से संबंधित है।
क्या शमा जुनेजो का इजरायल के प्रति समर्थन पाकिस्तान के लिए खतरा है?
इससे पाकिस्तान की छवि प्रभावित हो सकती है, खासकर जब वह खुद को फिलिस्तीन का समर्थक बताता है।
राष्ट्र प्रेस
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