लेबनान राष्ट्रपति जोसेफ औन: युद्ध रोकना मेरा कर्तव्य, इजरायल से वार्ता जारी

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लेबनान राष्ट्रपति जोसेफ औन: युद्ध रोकना मेरा कर्तव्य, इजरायल से वार्ता जारी

सारांश

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने युद्ध रोकने को अपना कर्तव्य बताया — इजरायल से वार्ता की रूपरेखा में सेना वापसी, युद्धविराम और विस्थापितों की घर वापसी शामिल। लेकिन 45 दिन के विस्तारित युद्धविराम के बीच भी हमले जारी हैं और मृतकों की संख्या 2,900 पार कर चुकी है।

मुख्य बातें

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने 18 मई को कहा कि इजरायल के साथ वार्ता का उद्देश्य सैन्य अभियान समाप्त करना है।
वार्ता की रूपरेखा में इजरायली सेना की वापसी , युद्धविराम , सीमा पर लेबनानी सेना की तैनाती , विस्थापितों की वापसी और आर्थिक सहायता शामिल है।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 16 मई तक 2,900 लोग मारे जा चुके हैं; 18 मई को 7 और मौतें हुईं।
वाशिंगटन में वार्ता के तीसरे दौर के बाद युद्धविराम 45 दिनों के लिए बढ़ाया गया।
इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के 30 से अधिक ठिकानों पर हमले किए।

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने 18 मई को स्थानीय कृषि यूनियन नेताओं से बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि इजरायल के साथ चल रही प्रत्यक्ष वार्ता का एकमात्र उद्देश्य लेबनान में जारी इजरायली सैन्य अभियानों को समाप्त करने का मार्ग प्रशस्त करना है। राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, औन ने कहा कि अपने पद और जिम्मेदारी के तहत उनका कर्तव्य है कि वे लेबनान और उसके नागरिकों के विरुद्ध इस युद्ध को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करें, चाहे इसके लिए कितना भी कठिन कदम क्यों न उठाना पड़े।

वार्ता की रूपरेखा

राष्ट्रपति औन ने वार्ता के एजेंडे को स्पष्ट करते हुए कहा, 'लेबनान ने वार्ता के लिए जो रूपरेखा तय की है, उसमें इजरायली सेना की वापसी, युद्धविराम, सीमाओं पर लेबनानी सेना की तैनाती, विस्थापित लोगों की वापसी और लेबनान के लिए आर्थिक एवं वित्तीय सहायता शामिल है। इसके अलावा किसी अन्य मुद्दे पर चर्चा की खबरें गलत हैं।' यह बयान उन अटकलों के बीच आया है जिनमें कहा जा रहा था कि वार्ता में अन्य संवेदनशील विषयों पर भी चर्चा हो रही है।

युद्ध की भारी कीमत

औन ने अपनी बात में ऐतिहासिक संदर्भ जोड़ते हुए कहा, 'हम पहले भी युद्धों का अनुभव कर चुके हैं और देखा है कि उन्होंने लेबनान को किस स्थिति में पहुंचाया। क्या कोई है जो बाद में उसकी कीमत चुका सके?' यह टिप्पणी लेबनान के दशकों पुराने संघर्षों की पृष्ठभूमि में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 18 मई को इजरायली हमलों में सात लोग मारे गए। मंत्रालय ने पहले 16 मई तक 2,900 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की थी।

युद्धविराम विस्तार और हमले जारी

पिछले सप्ताह वाशिंगटन में अमेरिका और लेबनान के राजदूतों के बीच प्रत्यक्ष वार्ता का तीसरा दौर संपन्न हुआ, जिसके बाद लेबनान में लागू नाजुक युद्धविराम को अगले 45 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया। हालांकि, युद्धविराम विस्तार के बावजूद हमले नहीं थमे हैं।

इजरायली सेना ने 18 मई को कहा कि उसने दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के 30 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें एक हथियार भंडार, निगरानी चौकियां और वे इमारतें शामिल हैं जिनका उपयोग कथित तौर पर इजरायली बलों पर हमलों की तैयारी के लिए किया जा रहा था। सेना के अनुसार, इन हमलों में हिज्बुल्लाह के कई लड़ाके भी मारे गए।

आगे की राह

वार्ता के तीन दौर पूरे होने और युद्धविराम के विस्तार के बाद भी ज़मीनी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। राष्ट्रपति औन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब लेबनान में मानवीय संकट गहराता जा रहा है और विस्थापितों की वापसी अभी भी अनिश्चित है। अगले 45 दिनों में वार्ता का अगला दौर और युद्धविराम की स्थायित्व की असली परीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी तरफ इजरायल और अमेरिका को यह संदेश देना कि लेबनान की सीमाएं तय हैं। लेकिन असली विरोधाभास यह है कि 45 दिन के युद्धविराम विस्तार के बावजूद हमले नहीं रुके — यह 'नाजुक युद्धविराम' शब्द की सीमाओं को उजागर करता है। 2,900 से अधिक मौतों के बाद भी वार्ता के तीन दौर केवल विस्तार तक सीमित रहे हैं, स्थायी समाधान तक नहीं पहुंचे। जब तक जमीन पर हमले जारी हैं, राजनयिक बयानबाजी और वास्तविकता के बीच की खाई बढ़ती रहेगी।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इजरायल से वार्ता के बारे में क्या कहा?
राष्ट्रपति औन ने कहा कि इजरायल के साथ जारी प्रत्यक्ष वार्ता का उद्देश्य लेबनान में इजरायली सैन्य अभियानों को समाप्त करना है और यह उनका कर्तव्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वार्ता की रूपरेखा में केवल इजरायली सेना की वापसी, युद्धविराम, सीमा पर लेबनानी सेना की तैनाती, विस्थापितों की वापसी और आर्थिक सहायता शामिल है।
लेबनान में इजरायली हमलों में अब तक कितने लोग मारे गए हैं?
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 16 मई तक 2,900 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है। 18 मई को इजरायली हमलों में सात और लोग मारे गए।
लेबनान-इजरायल युद्धविराम को कितने दिनों के लिए बढ़ाया गया है?
वाशिंगटन में वार्ता के तीसरे दौर के बाद लेबनान में लागू युद्धविराम को अगले 45 दिनों के लिए बढ़ाया गया है। हालांकि, युद्धविराम के बावजूद दोनों तरफ से हमले जारी हैं।
इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में क्या कार्रवाई की?
इजरायली सेना ने 18 मई को दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के 30 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें एक हथियार भंडार, निगरानी चौकियां और वे इमारतें शामिल थीं जिनका उपयोग कथित तौर पर इजरायली बलों पर हमलों की तैयारी के लिए किया जा रहा था।
लेबनान-इजरायल वार्ता में अब तक कितने दौर हो चुके हैं?
अमेरिका और लेबनान के राजदूतों के बीच वाशिंगटन में प्रत्यक्ष वार्ता का तीसरा दौर पिछले सप्ताह संपन्न हुआ। इसी के बाद युद्धविराम को 45 दिनों के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
राष्ट्र प्रेस
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